मंगलवार 23 मई को बसपा प्रमुख मायावती ने सहारनपुर का दौरा किया उनको हेलीकॉप्टर उतारने की सरकारी परमिशन ना मिलने के बावजूद बाई रोड सहारनपुर पहुंची और लोगों से मिली व वर्तमान सरकार पर कई आरोप लगाए| मायावती की रैली से आए बहुजनों पर खिसियाये ठाकुरों ने हमला किया एक दलित की मौत, उसके बाद भीड़ ने ठाकुरों के घर जलाए, ये हिंसा कहाँ जाकर रुकेगी चिंता का विषय है |टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रथम पन्ने पर ये खबर छापी,

 

कहानी कहाँ चले वीर?(ऐसा क्यों की इनकी वीरता सिर्फ दलितों पर ही दिख पाती है )….Dilip C Mandal

कहानी

कहाँ चले वीर?
दुश्मन से लड़ने।

दुश्मन कौन? चीन या पाकिस्तान?
नहीं, गाँव के दलित।

क्यों वीर?
उनका मन बढ़ गया है।

कैसे वीर?
वे बाइक और कार पर चलते हैं। पक्का मकान बना लिया है। पढ़ने-लिखने में हमसे आगे निकल गए हैं। ज़्यादा स्मार्ट हो गए हैं।

इसमें दिक़्क़त क्या है वीर?
हमारी इज़्ज़त ख़राब होती है।

कैसे वीर?
हम पुराने ज़माने के सामंत हैं।

तो हमेशा दुश्मनों को मारते आए हो वीर?
हाँ। बेशक। पुराने ज़माने में हथियार हम ही रखते थे। बाक़ी जातियों को हथियार रखने पर रोक थी। यही धर्म है।

अंग्रेज़ों से लड़े वीर?
नहीं। वे मज़बूत थे।

पिछले हज़ार साल में सहारनपुर से 30 किलोमीटर दूर से यमुना के किनारे से होते हुए मुसलमानों की दर्जनों फ़ौजें भारत आईं। हथियार सिर्फ तुम लोगों के पास थे। तुम उनसे लड़े वीर?
नहीं। उनके साथ तो हमने रिश्तेदारी कर ली। वे बहुत ताक़तवर थे।

तो तुम सिर्फ कमज़ोर दुश्मनों से लड़ते हो वीर? वह भी तब, जब सरकार साथ हो।
हाँ। हम दलितों को छोड़ेंगे नहीं।

थैंक्यू वीर।

 

 

 

बिहार के वर्तमान उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव ने भीम आर्मी की रैली के समर्थन में फेसबुक पर अपने विचार रखे| इस विषय पर दिलीप सी मंडल लिखते हैं “मुद्दा सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता या लोकतंत्र का हो तो बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कभी निराश नहीं करते”

बीएसपी सुप्रीमो करेंगी सहारनपुर का दौरा, पीड़ित दलितों से करेंगी मुलाकात…National Dastak

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को सहारनपुर के प्रभावित इलाकों में दलितों तक पहुंचने का फैसला किया है। मायावती सुबह आठ बजे नई दिल्ली से घटना स्थल तक पहुंचने के लिए रवाना होंगी।

बसपा की ओर से  दलितों पर हुई  इस हिंसा के खिलाफ  अब तक बयान आते रहे हैं। लेकिन अब बसपा प्रमुख ने स्वयं ही सहारनपुर पहुंचने का फैसला किया है। बता दें कि रविवार को भीम आर्मी ने जंतर मंतर पर ऐतिहासिक प्रदर्शन रैली की।

 

http://www.nationaldastak.com/story/view/mayawati-will-reach-saharanpur-to-meet-suffering-dalits

सहारनपुर में जातीय हिंसा के विरोध में भीम आर्मी द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर पर किए गए प्रदर्शन को विदेशी मीडिया ने कवर किया लेकिन तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया में खबरें देखने को बेहद कम मिली| विदेशी मीडिया ने भीम आर्मी से पूछा, इंडियन मीडिया कहां है …प्रदीप इमलिया

जब विदेशी मीडिया ने भीम आर्मी से पूछा, इंडियन मीडिया कहां है ?😥😥😥😥..प्रदीप इमलिया

नई दिल्ली। नेशनल जनमत जंतर-मंतर के प्रदर्शन को दिल्ली में साल का सबसे बड़ा प्रदर्शन कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा. सुबह से लोग नीला झंडा लगाए संसद के बिल्कुल पास जंतर मंतर पर जुटने लगे. मानों संसद पर कब्जा करने की तैयारी में हों. दोपहर होते-होते हजारों की संख्या में भीम सैनिक टोपी लगाए जंतर-मंतर पहुंच गए. उनमें गजब का उत्साह था. लेकिन भारतीय मीडिया को ये सब नजर नहीं आया. हर कोई ये सवाल करता रहा इंडियन मीडिया कहां है?अमेरिका, यूरोप, जापान के मीडियाकर्मी थे, भारतीय नदारद- कार्यक्रम की विशालता को समझते हुए जंतर-मंतर पर विदेशी मीडिया कर्मी आने लगे. जिनमें अमेरिकी, यूरोपीय, जापानी, आस्ट्रेलियाई के अलावा कनाडा और रुस के मीडियाकर्मी भी थे. लेकिन इस भीड़ में भारतीय मीडिया नदारद थी. हो भी क्यों ना उनकी जन्मजात श्रेष्ठता को खुलेआम चुनौती जो दी जा रही थी. हैरत तब हुई जब विदेशी मीडिया ने भारतीय मीडिया की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए एक भीम सैनिक से पूछ लिया where is indian media ?
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल मीडिया कहां है? वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल फेसबुक पर मीडिया की गैरहाजिरी को लेकर लिखते हैं कि Where is Indian Media? भारतीय मीडिया कहाँ है? वो लिखते हैं आयोजक कार्यक्रम में व्यस्त थे. कारण बता नहीं पाए. लेकिन वह सवाल अब भी हवा में टँगा है- Where is Indian Media?भारतीय मीडिया कहाँ है?

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सी मंडल अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं

“आप लोगों ने तो पूरा फ़ेसबुक-ट्विटर नीला कर दिया। आज कई लाख तस्वीरों और वीडियो से भर गया इंटरनेट।कौन बेवक़ूफ़ है जो चैनल अख़बारों को पूछता है। वे मोदी-योगी, भविष्यफल और सास, बहू और क्रिकेट करते रहें। आपका मीडिया बन चुका है।”

मैंने तो लार्ड बुद्धा टीवी पर भी कोई कवरेज नहीं देखी क्या आपने देखी , टाटा स्काई पर चैनल 1064 पर लार्ड बुद्धा टीवी आता है

आप कोई भी न्यूज चैनल चालू कर के देखिये किसी में मोटा भाई बैठा है, किसी मे कपिल मिश्रा और किसी चैनल में तीन तलाक पर फैसला सुनाई दे रहा है,
यह पुख्ता सबूत है मीडिया संघ और मनु का सहयोगी है.

क्योंकि भीम आर्मी द्वारा आयोजित सहारनपुर में हुए जातिवादी आतंकी हिंसा के खिलाफ लाखो नीली टोपी लगाए युवा युवतियां, बुजुर्ग पहुंचे है.

यह सब भारतीय मीडिया को नजर नही आ रहा है, जबकि फ़्रांस के अतिरिक्त विदेशी मीडिया जंतर मंतर पहुँच गया है.

आज के पहले जन्तर मन्तर पर ऐसा नजारा किसी ने नहीं देखा होगा। पचास हज़ार से भी ज्यादा भीम युवा एक हुए हैं आज।
ब्राह्मणवादी मीडिया के तो होश उड़ गए होंगे ये सब देखकर। TV पर दिखाने की हिम्मत भी नहीं कर रहा होगा।
भीम युवाओं ने संगठित होकर आज अपनी शक्ति दिखा दी। अब ऐसे ही एक होकर संघर्ष करना है।

 

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आज संसद में 130 SC/ST के सांसद हैं, क्या आपने सुना इनमे से किसी ने कभी दलितों पर हो रहे अत्याचार पर अपना मुँह खोलते हैं, क्या यही आपके प्रतिनिधि हैं, अब समय आ गया है जब आपको अपने राजनैतिक सोच समझ और चुनाव पर मंथन और फैसले लेने होंगे ,दो लाख तिरासी हज़ार करोड़ रूपए पिछले पैतीस साल में ऐस0सी0 एस0टी० कलयाण के पैसे वापस चले गए ,भीम आर्मी के समर्थन में डीयू के प्रोफेसर प्रोफ रतन लाल का भाषण …Team SBMT