30-Sep-2012 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:-आम बहुजनों का आम सवाल: मैं इस अम्बेडकरवादी /नीली पार्टी को वोट क्यों दूं इनकी सरकार बनने के बाद मेरी हालत तो सुधरी नहीं, मेरे हाथ में क्या आया?…समयबुद्धा


आम बहुजनों का आम सवाल: मैं इस अम्बेडकरवादी /नीली पार्टी को वोट क्यों दूं इनकी सरकार बनने के बाद मेरी हालत तो सुधरी नहीं, मेरे हाथ में क्या आया?
 
ambedkar rajnitiअरे भाई अपना राजा होने का कभी भी ये मतलब नहीं कि वो आपका घर रुपयों से भर देगा| आप सवर्णों को ही लीजिये कौन से सवर्ण नेता ने कौन से सवर्ण  जनता का घर नोटों से भर दिया| ध्यान रखो आपको उतना ही मिलेगा जितने को लेने कि क्षमता आपने अपने अंदर विकसित कर लोगे| अगर आपमें क्षमता नहीं तो आपका सगा भाई भी राजा बन जाएगा तो भी आप उससे कोई फायदा नहीं उठा सकते| उदाहरण के लिए आपका अपना राजा किसी रोड बनाने का ठेका आपको देना चाहता है पर आपके पास न ही तो उस ठेके को लेने को कंपनी है न संसाधन हैं न ही एक्सपीरियंस है उल्टा आप तो गरीब ही नहीं अनपढ़ भी हो| अब बताओं को ऐसे में आपका राजा आपको कैसे बढ़ा सकता है| हाँ वो आपकी अगली पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के इंतज़ाम कर सकता है आपको पढ़ने का हक़ दिल सकता है पर पढाई तो आपने ही करनी होगी| छोटी बुद्धि से सोचा जाए तो मिड डे मील खिला देगा या लैपटॉप बाँट देगा या बल्ब बाँट देगा या कुछ रुपये दे देगा पर उससे कब तक भला हो पायेगा|ये तो गुलाम बांये रखने कि साजिश होती है| क्या अब भी कहोगे कि मेरे हाथ में क्या आया?
 
ध्यान रखो हम वोट इसलिए नहीं देते कि हमारा घर हमारा राजा पैसों से भर दे बल्कि इसलिए देते हैं कि वहाँ पार्लियामेंट में कोई हमारे खिलाफ कानून न पास कर दे, वहाँ हमारे प्रतिनिधि होने ही चाहिए| ताकि हम अपनी क्षमता विकसित करके खुद को खुशाल कर सकें| ध्यान रहे काम तो हमें ही करना है बस हमें काम करने से कोई न रोके ये सुनिश्चित करने को वोट देना है|.
 
इस बात को ऐसे समझो कि आप वोट इसलिए दे रहे हो कि कोई ये कानून न बना दे कि फलां लोगों से वोट देने का या पढ़ने का या आज़ादी का अधिकार छीन लो|एक गलत क़ानून और पीढ़ियों कि सदियों के संगर्ष मेहनत और कमाई मिटटी में मिल जायेगी| आप अपने बचाव को वोट दे रहे हो|इस देश में ऐसे मनुवादी सोच के सांप्रदायिक लोगों को रोकने को वोट दे रहे हो जो ऐसे कानून बना सकते हैं|ध्यान रहे ये भेड़िये लोग भेड़ का खाल पहन कर मीडिया कि चमक दमक में आपके दिमाग में न घुस जाएँ अगर आप मीडिया कि चमक दमक में आ गाय और इनको वोट दे दिया तो समझ लो कि आपने आपनी गर्दन खुद कुल्हाड़ी पर दे मारी, अपनी तो अपनी अपने पूरी कौम की….अब मर्ज़ी आपकी..समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/

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