ISLAMIC ARCHITECT HAVE FULL EFFECT OF BUDDHISM ARCHITECT


इस्लामिक वास्तुकला पर बौद्ध का सम्पूर्ण प्रभाव है, आईये इस तथ्य को जानें:
 
ये वैज्ञानिक तथ्य है कहीं और मैडिटेशन करने की बजाये पैगोडा या गुम्मतद के नीचे ध्यान की अवस्था में जल्दी पंहुचा जाता है |

बौद्ध लोग हजारों साल पहले जानते थे की गुम्मद या पैगोडा का  मुख्य काम मेडिटेसन या धयान की अवस्था में जल्दी पहुचना होता है|इसीलिए सभी बौद्ध विहार में गुम्मद या पैगोडा बनाने का चलन है|

महान मौर्य सम्राट अशोक के काल में बौद्ध वास्तुशिल्प का काफी निर्माण हुवा था। दक्षिण अरब के प्राचीन Himyante किंगडम (dating) से 6 वीं शताब्दी AD (cir: 115 ई.पू. …525 AD) एक उल्लेखनीय खोज की गई, जहा ‘Ammyad Shukaymim’ संगमरमरी खड़िया पत्थर में नक़्क़ाशीदार प्रतिमा सटीक बुद्ध के छवि जैसी दिखती है, यह मूर्ति का शिलालेख ‘शाक्य मुनि बुद्ध’ के नाम के साथ तुलना हो चुकी है और आज भी वह अरब की बुद्ध मूर्ति ‘आदर्श मिशाल’ के लिए Al-Azhar-University, Cario Egipt और ‘On the establishment of the Buddha’s peaceful religion in Arabia” by Maha Thera Ven. Dr. Paravahara Pannananda, the Chancellor of the Ruhunu University of Sri Lanka, में मिलती है। साथ ही साथ Department of Disarmament and Development, UNO, New York द्वारा अन्य मूर्तियों को पूर्व ईसाई यहूदियों से लिया गया है।

 
TOMB AND PAGODA
इस्लाम पूर्व अरब राजाओं द्वारा निर्मित धार्मिक स्थलों और मंदिरों और बाद में मोहम्मद और उनके अनुयायियों द्वारा विनियोजित मस्जिद के गुम्बज के संरचनाओं के वास्तुशिल्प के प्रकार बौद्ध स्मारकों के सटीक (replicas) है । भारत में बौद्ध स्तूप, श्रीलंका, और अन्य बौद्ध राज्य के इस तथ्य को साबित कर देता है की आज भी हर मस्जिद पर बौद्ध वास्तुशिल्प के गुम्बज का एक जैसी छत है । और उन शुरुआती पूर्व इस्लामी धार्मिक स्थलों में, मूर्तिकला और अन्य personages के चित्रण के अंदर दीवारों पर पेंटिंग में कलात्मक रूप बौद्ध वास्तुशिल्प कला का प्रतिनिधित्व है……….वर्तमान में सिनाई अराबा, के बौद्ध ऐतिहासिक साहित्यिक और पुरातात्विक जानकारी पर आधारित सबूत का पता लगाने के लिए मध्य-पूर्व और पश्चिम एशिया अरब, फारस सीरिया – फ़िलिस्तीन इसराइल के लिए एक कदम है, बुद्ध के जीवनकाल के दौरान प्राचीन दस्तावेजों, की खोज हमारे जीवन का अंतिम लक्ष और हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है…..
 
FROM FACEBOOK POSRING OF  NILIMA MAURYA (via Dr Rajesh Chandra)
 
 
 
बहुजन लेखक डॉ सुख लाल धनि ने कहा है की “ये संभव है की इस्लाम का बुत परस्ती शब्द बुद्ध परस्ती का ही बिगड़ा हुआ रूप हो|इस्लाम में जिस प्रकार बुत(मूर्ती) पूजा को नाजायज ठहराया गया है बहुत संभव है की ये बौध धम्म पतन और इस्लाम उदय  के बीच ये एक मुद्दे के रूप में विकसित हुआ हो जो समय के साथ उनकी धार्मिक मान्यता बन गई”

3 thoughts on “ISLAMIC ARCHITECT HAVE FULL EFFECT OF BUDDHISM ARCHITECT

    • kripya aap bhi to Buddhism par apna gyan hamare sath share kijiye. You
      can also write on this website, just use http://www.hindityping.com to write
      your article in hindi and mail it to us on jileraj@gmail.com

      we will publish your article by your name or as you like…

      बौध साहित्य बहुत विस्तृत है, अकेला कोई उतना नहीं कर सकता जितना की हम सब मिल कर कर सकते हैं| ये केवल मेरे अकेले की वेबसाईट नहीं,आपकी भी है ,आपसे अनुरोध है की आप बौध धर्म पर अपने आर्टिकल हिंदी में jileraj@gmail.com पर भेजे जिसे हम आपके नाम सहित या जैसा आप चाहें यहाँ पब्लिश करेंगे| आईये किताबों में दबे बौध धम्म के कल्याणकारी ज्ञान को मिल जुल कर जन साधारण के लिए उपलब्ध कराएँ |

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s