भगवान् बुद्ध की पहली प्रतिमा,धातु मुद्रा और पहला चित्र कब बनाये गए?


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बुद्ध की पहली प्रतिमा कब तयार की गई ?

आगम सूत्र के अनुसार बुद्ध की पहली प्रतिमा उस समय उकेरी गई जब बुद्ध वर्षावास के समय अपने शिष्यों की दृष्टी से ओझल हुए तब शिष्यों ने आपस में पूछा की “बुद्ध कहा” है, किशी को कुछ पता नहीं था की बुद्ध कहा है । तब शिष्यों ने आनंद से पूछा लेकिन आनंद को भी पता नहीं था की भगवान् बुद्ध कहा है । तब अनिरुद्ध के पास आनंद गये, अनिरुध ने पता लगाया की तब पता चला की, बुद्ध अपनी दिवंगत माता रानी “महामाया” को धम्म उपदेश देने के लिए त्रयत्रिस्म गये है। इसका सर्वाधिक अभाव कौशाम्बी नरेश उदयन को खल रहा था । कौशाम्बी नरेश उदयन बुद्ध का बड़ा आदर करते थे, और उन्हें बुद्ध की दुरी इतनी खली की राजा कौशाम्बी नरेश उदयन बीमार पड़े । राजा के परिवारवालो ने राजा के बेहतरी के लिए महामोग्लायन की मदत ली और “पाच फिट” के चंदन की लकड़ी के ऊपर बुद्ध की प्रतिमा शिल्पकार ने अंतिम रुपेंन समाकृति मूर्ति बनवाई । राजा उदयन ने देखा तो वह प्रसन्न हुए । और बुद्ध तिन महीने के बाद बुद्ध शिष्यों के बिच लौटे तब बुद्ध मुस्कुराये और बोले ” प्राणियों की अगली पीढियों के लिए यह तुम पर निर्भर है की तुम इस सत्य को उन्हें स्मरण कराते रहो । हम बुद्ध की प्रतिमाओं को देखते है, तब हम बुद्ध के दर्शन के सार-तत्व में रहते है । (The book of Seeing the Buddha pp 7-13 by Ven Master Hsing Yun, founder of BLIA & Three Chinese Travelers PP 22 & 69-70 by M.S.More)

2) बुद्ध की पहली धातु मुद्रा कब ढाली गई ? आगम सूत्र के अनुसार धातु मुद्रा बुद्ध के जीवन काल में ही घटित हुई । जब कौशल प्रदेश राजा प्रेसेनाजित को पता चाला की राजा उदयन ने बुद्ध की चंदन काष्ठ प्रतिमा निर्मित करायी, तब राजा प्रेसेनाजित बुद्ध की प्रतिमा तैयार करना चहा, इसका एक कारण बुद्ध के प्रति आदर और दूसरा कारण राजा उदयन के साथ प्रतिद्धन्दिता का भाव भी होना । और राजा प्रेसेनजित ने सुवर्णमूर्ति ढालने का आदेश दिया और बुद्ध मूर्ति बनवाई गई यह मूर्ति भी “पाच फिट” की थी । जिससे धातु प्रतिमाए बनाने की सुरवात हुई । उसी समय जब बुद्ध जेतवन विहार में अपना उपदेश समापन कर रहे थे, तब अनाथपिंडक ने बुद्ध के सामने वंदन करके बुद्ध से कहा “भगवान आप जब यात्रा करते हो तब आपकी अनुपस्थिति का अनुभव होता है” । और अनाथपिंडक ने प्रीतिमा ढालने की अनुमति मांगी, “बुद्ध बहुत प्रसन्न हुए” और उन्होंने स्वीकृति दी, और बुद्ध ने अनाथपिंडक से कहा “तुम इसे दूसरों को धम्म का समरण कराने के लिए कर रहे हो” । इसलिए मै तुम्हे स्वीकृति देता हूँ । अनाथपिंडक ने फिर प्रति प्रश्न कर के पूछा मै आशा करता हूँ की भगवान “तुम प्रतिमा की सजावट और उसके इर्द-गिर्द पुष्प सज्जा की इजाजत भी देंगे” । बुद्ध ने उत्तर दिया “यदि तुम्हें उचित लगता है तो कर सकते है” । सूत्र के अनुसार बुद्धा की सुवर्ण प्रतिमा एक तेज प्रकाश की तरह है; यह हमारे हृदयों को प्रकाशवान करती है । (The book of Seeing the Buddha pp 7-13 by Ven Master Hsing Yun, founder of BLIA & Three Chinese Travelers PP 22 & 69-70 by M.S.More)

3) बुद्ध का पहला चित्र कब बनाया गया ? आगम सूत्र के अनुसार, बुद्ध का चित्र तब तैयार हुवा जब बुद्ध महापरिनिर्वान में प्रवेश करने वाले थे । महाकाश्यप को इस बात की बड़ी चिंता थी की, बुद्ध की महापरिनिर्वान की खबर सुनकर अजातशत्रु बहुत उदास होंगें । अंत: राजा अजातशत्रु के दरबारी न्यायालय से चर्चा के बाद उन्होंने बुद्ध का चित्र बनाने का आदेश दिया। और बुद्ध का चित्र बनवाया गया । हाल ही के वर्षो में बुद्ध के उस पहले के चित्र की जानकारी मिलती है, “जब बुद्ध 41 वर्ष के थे तब बुद्ध का शिष्य “पूर्ण” ने बुद्ध का चित्र बनवाया था” । शायद यह बुद्ध की पहली प्रतिमा उकरने के भी पहले का हो, जिसके चित्र सुदूर जापान और ताइवान में देखे जाते है । और इंग्लेंड के ब्रिटिश म्युझियम में बुद्ध के संग्रालय का सर्वाधिक महत्वपूर्ण खजाना है ।अनेक चित्रों का संग्रह है इन चित्रों में आज भी “पूर्ण” के बुद्ध के चित्र का रंग चमकता है ।बुद्ध के महापरिनिर्वान के बाद चीन के भिक्षुओ ने अध्यन के भारत की यात्रा की उन्होंने बुद्ध की चन्दन की प्रतिमा देखि, और उन्होंने उस प्रतिमा के चित्र बनाये और चीन ले गये जब हाँ राजा ने उन चित्रों को देखा तो वह इतने प्रसन्न हुये की उन्होंने बुद्ध के चित्र को हसि यांग शहर के मुख्यद्वार पर लगाने की आज्ञा दी ताकि लोग बुद्ध के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर सके । अंत: यह परम्परा रही हो गयी की बुद्धनुयायी अपने घरों में बुद्ध के चित्र लागाये । जब तक हम गंभीर है, इससे फर्क नहीं पड़ता की चित्र कितना छोटा या बड़ा है; यह उन सब पर चमकेंगा जो आदर व्यक्त करते है ।
(Ref. A Record of the Buddhistic Kingdoms.Being an account by the Chinese Monk Fa-hien of trveles in India and Ceylon (AD 399-414) oxford 1886, The book of Seeing the Buddha pp 7-13 by Ven Master Hsing Yun, founder of BLIA & Three Chinese Travelers PP 22 & 69-70 by M.S.More)

बुद्ध पर्व पर सबको हार्दिक मंगालकामनाये, सबका मंगल हो !!!!

3 thoughts on “भगवान् बुद्ध की पहली प्रतिमा,धातु मुद्रा और पहला चित्र कब बनाये गए?

  1. तथागत बुद्ध की पहली प्रतिमा बुद्ध की मृत्यु के लगभग 600 साल बाद बनाई गई, ऐसा बाबा साहब अंबेडकर का कथन है।

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