जैसे जैसे विज्ञानं और धम्म बढ़ेंगे वैसे वैसे पुरोहितवाद और ईश्वरवाद कम होता जायेगा परिणाम स्वरुप कमजोर और गरीब जनता सुखी होती जाएगी|…समयबुद्धा


einstien

 

“जैसा की अब हमारे बहुजन लोग धीरे-धीरे समझने लगे हैं की बौद्ध धम्म कोई धर्म नहीं है ये धर्म के बिलकुल अलग है इसीलिए हम इसे धर्म नहीं ‘धम्म’ कहते हैं, जिससे आम जनता इसे धर्म समझने की भूल न कर बैठे| बौद्ध धम्म मानव की बुद्धि विकास का विज्ञानं है|इस तथ्य को जानकार अब आप समझ सकते हो की संसार के ज्यादातर लोग जिन्होंने सकारात्मक रूप से युग ही बदल कर रख दिया उन लोगों का झुकाव बौद्ध धम्म पर क्यों था, जैसे सम्राट अशोक महान, कार्ल मार्क्स,अल्बर्ट आइनसटाइन,डॉ आंबेडकर, अदि बौद्ध धम्म असल में विज्ञानं का पूरक है पालक है|

जैसे जैसे धम्म बढेगा वैसे वैसे विज्ञान बढेगा
जैसे जैसे विज्ञानं बढेगा वैसे वैसे धम्म बढेगा

जैसे जैसे विज्ञानं और धम्म बढ़ेंगे वैसे वैसे पुरोहितवाद और ईश्वरवाद कम होता जायेगा परिणाम स्वरुप कमजोर और गरीब जनता सुखी होती जाएगी| इसीलिए कहते हैं की बौद्ध धम्म का मकसद बहुजन का दुःख दूर करना है|

आप खुद सोच कर देखिये की जब तक अंग्रेज इसाइयत और विश्व विजय के लिए युद्ध करते रहे तब तक उन्होंने कोई ज्यादा बड़ा अविष्कार नहीं किया| जब उन्होंने भारत और एसिया से बौद्ध धम्म को खोज और समझा तो अचानक ऐसा क्या हो गया की  पिछले ३०० सालों में ही लाखों मानव उपयोगी आविष्कार कर दिया| ये बौद्ध धम्म की वैज्ञानिक दृष्टी का नजरिया ही था| जब तक हम अपनी सभी जिज्ञासाओं का जवाब ईश्वरवाद और उसे चमत्कार में दूंडकर अपने को संतुस्ट बनाये रखेंगे तब तक नए अविष्कार नहीं कर सकते|

डॉ प्रभात टनडन जी ने हमें महानतम वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्सटीन का निम्न वाक्य ईमेल द्वारा भेजा, ये वाक्य विषय उपयुक्त है:

“बुद्ध धम्म में वे लक्षण हैं जो भविष्य के सार्वभौमिक धर्म में अपेक्षित है : यह वैयक्तिक ईशवर से परे है , हठधर्मिता और ईशवरवादी धर्म धाराणाओं से मुक्त है ; यह प्राकृतिक और आध्यात्मिक दोनों तत्वों को समावेशित करता है , यह सभी चीजों के अनुभव की धार्मिक भावना की अभिलाषा पर आधारित है , प्राकृतिक और आधात्मिक दोनों , एक अर्थपूर्ण एकत्व । यदि ऐसा कोई धर्म है जो आधुनिक वैज्ञानिक आवशयकताओं के साथ सुसंगत हो सकता है , तो वह बुद्ध धम्म ही होगा ।”~~ अल्बर्ट आईनस्टीन~~

Buddhism has the characteristics of what would be expected in a cosmic religion for the future: It transcends a personal God, avoids dogmas and theology; it covers both the natural and spritual; and it is based on a religious sense aspiring from the experience of all things, natural and spiritual, as a meaningful unity. If there is any religion that would cope with modern scientific needs it would be Buddhism. -Albert Einstein (send us by Dr Prabhat Tondon by EMAIL)

आज बौध धर्म का सबसे बड़ा नुक्सान ये बात कर रही है की ये दलितों का धर्म है जिसके वजह से इसे लोग समझने के लिए भी तयार नहीं जबकि ये वो मत है की इसे जो भी एक बार ठीक से समझ ले उसे फिर दुनिया में किसी भी धर्म के सिद्धांत खोकले लगते हैं।

भगवान् बुद्धा ने कहा है :

 

मोह में हम किसी की बुराइयाँ नहीं देख सकते और घृणा में हम किसी की अच्छाईयाँ नहीं देख सकते  

धम्म विरोधी अवसरवादियों द्वारा फैलाई गई घृणा के कारन आज आम जनता दुखी है पर दुःख दूर करने के स्रोत तक नहीं जाना चाहती।आपसे आग्रह है की एक बार इसे जानकार तो देखो मानना न मानना तो बाद की बात है|

 

कहा जाता है जी बौध और ब्राह्मण एक दुसरे के परस्पर विरोधी रहे हैं पर असल में ये बात केवल राजनेतिक कारणों से ही सही है। धार्मिक कारणों से तो क्या ब्राह्मण क्या मुसलमान क्या इसाई क्या अन्य कोई बौध मत के आगे कोई ज्यादा देर तक इसे अपनाने से खुद को नहीं रोक सकता। ऐसा इसलिए नहीं की ये सबसे अच्छा धर्म है बल्कि इसलिए की केवल यहाँ सत्य और तर्क  ज्यादा  है बाकि जगह कल्पना,गुटबाजी और पुरोहितवाद ज्यादा है ।

बौध धर्म  असल में धर्म शब्द  की परिभाषाओं से कहीं आगे का तत्त्व ज्ञान  है इसी लिए इसे हम धर्म न बोलकर धम्म बोलते हैं जिससे की इसे अन्य धर्मों के समतुल्य न समझा जाए ।

One thought on “जैसे जैसे विज्ञानं और धम्म बढ़ेंगे वैसे वैसे पुरोहितवाद और ईश्वरवाद कम होता जायेगा परिणाम स्वरुप कमजोर और गरीब जनता सुखी होती जाएगी|…समयबुद्धा

  1. बौद्धधर्म ही नही विश्व के प्रत्येक धर्म को उनके अनुयायीयो द्वारा पिंजरे मे बन्द कर दिया गया है। ये सर्व स्वीकृत होने की बजाय पिंजरे के मालिक अनुयायियों की बपौती बन कर रह जा रहे है।
    ___________डा० बृज भानु निदेशक _बौद्ध अध्ययन केन्द्र् प्रताप बहादुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रतापगढ़ सिटी ।0972181360

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s