नासिक महारास्ट्र में स्तिथ पांडव गुफाएं बौद्ध धम्म की बेजोड़ कलाकृति हैं


 नासिक महारास्ट्र में स्तिथ पांडव गुफाएं बौद्ध  धर्म की बेजोड़ कलाकृति हैं
 कमाल की बात है बौद्ध कला के इस बेजोड़ नमूने का नाम भी बौद्ध नहीं है,..
नासिक महारास्ट्र में स्तिथ पांडव गुफाएं बौध धर्म की बेजोड़ कलाकृति हैं| एक पूरे पहाड़ को काट कर पहले २२ चोकोर कमरे नुमा गुफाएं बनाई  गईं फिर उन कमरों के अंदर दीवारों पर बौध मूर्तियाँ उकेर कर बनायीं गईं| इन्हें बनाना  बेहद कठिन और कला से परिपूर्ण काम था , ये अजूबा ही हैं ये बेहतरीन टूरिस्ट स्पोट है पर आज बिलकुल सून सान पड़े  हैं | ये बेहद  दुःख की बात है की इन गुफाओं की देख भाल ठीक से नहीं की जा रही है, हद तो ये है की इन गुफाओं के अंदर सफाई और रौशनी तक नहीं है, इसलिए अंदर की तस्वीर नहीं खीच पाते | ये ही कोई मंदिर होता तो क्या रौशनी क्या सफाई यहाँ रोज़ लाखों की भीड़ अति और करोड़ों का चढ़ाव चड़ता| कमल की बात है की टूरिस्टों को ऐसे ऐसे जगह ले जाया जाता हैं जहाँ जाकर लगता है की “खुदा पहाड़ निकली चुहिया” पर इस जैसे अद्व्तीये कलाकृति के बेजोड़ नमूने को देखने के लिए टूरिस्टों का अकाल है | इसकी  ऐसी दुर्दशा का जिम्मेदार कोन  है |
मैंने स्वेव यहाँ से ये तस्वीरें ली हैं

5 thoughts on “नासिक महारास्ट्र में स्तिथ पांडव गुफाएं बौद्ध धम्म की बेजोड़ कलाकृति हैं

    • Exactly यही विचार मेर मन में आया था जब मैंने इन गुफाओं को पहली बार देखा था, इनका नाम पांडव गुफाये रखना मनुवादियों की कुन्तिथ मानसिकता को दर्शाता है, वे लोग जिस जगह जिस भी लायक हैं वही से अपनी क्षमता अनुसार बौध धम्म पर वार करते हैं, इसका नाम करन किसी मनुवादी सोच से ग्रसित किसी सरकारी अफसर ने किया होगा |

  1. yeh hindu log har achhi cheez ko apne dharm granth se jod lete hain jaise – sansar mein kewal dukh hai. hinduon ka kehna hai ki ye buddh ne upnishad se liya hai. meerut ke paas ek puraane buddh smarak numa haweli ko pandavon ka lakshagrah bataya gaya hai. inka kehna hai ki buddh ,vishnu ke 11th avtaar hai. jo rakshason ko jhoote updesh sunane aaye the.
    agar hum is baat par gaur kare toh aaj- japan , korea, china, thiland, mangolia etc… mein rakshas rehte hain , aur kewal bharat hi dunia mein aisa desh hai jisme devta rehte hain.
    agar hum is theory ko sach maan lein toh aaj ka devta apne hi padosi se itna dara hua kyun hai wo bhi china jaise rakshas se ?
    sach toh sirf yeh hai ki jis din china ne bharat par attack kar diya us din hindustaan ka naam history bhi nahi ban paayega. devtaon ka desh narak sidhaar jayega.
    jay bheem
    namoh buddhaya.
    follow buddhism follow humanity.

  2. मुंबई में अंधेरी इलाके में पुरानी बौध्द गुंफाऐं है जिसे महाकाली केव्ह्स के नाम से जाना जाता हैं। दरहसल यह पुरानी बुध्द गुंफाऐं हैं। यह लोगो से छूपाया जाता हैं।

    • जिसकी जिसमे आस्था वो उसको अपना समझता है सराहता है, बौध धम्म में दयाशुन्य महामौकपरस्त धम्म विरोधियों से कोई भी उम्मीद लगाना बेकार है| आपसे अनुरोध है की वह की अच्छी तस्वीरें खीचे उसपर हिंदी में लेख लिखे हम यहाँ प्रकाशित करेंगे| दूसरों को छोड़ो हम जो कर सकते हैं हमें वो तो करना ही होगा
      use http://www.hindityping.com

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