हमसे लोग अक्सर पूछते हैं की हम समयबुद्धा मिशन के लिए क्या कर सकते हैं ?इस सवाल का जवाब इस प्रकार है


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हमसे लोग अक्सर पूछते हैं की हम समयबुद्धा मिशन के लिए क्या कर सकते हैं ?इस सवाल का जवाब इस प्रकार है :

समयबुद्धा मिशन बहुजन समाज को अम्बेडकर और बुद्ध मार्ग द्वारा खुशाल बनाने के लिए समर्पित है|अगर आप भारत और उसके अपने बहुजन लोगों के लिए काम कर रहे हैं तो एक तरह से आप समयबुद्धा मिशन का ही काम कर रहे हैं|

1. इस वेबसाइट पर उपलब्ध फ्री किताबों का अध्ययन करें |आप खुद यहाँ इस वेबसाइट पर उपलब्ध बौद्ध धम्म की जानकारी पढ़ें और अपना ज्ञान बढ़ाएं, बौद्ध धम्म ज्ञान को अपने जीवन में उतारें|बौद्ध धम्म की सच्ची सेवा करने के लिए आप उच्च शिक्षा और अच्छा स्वस्थ द्वारा अपनी क्षमता बढाओ और अपने समाज के सभी लोगों को शिखा और हुनर सीखने के लिए प्रोत्साहित करो|भगवान् बुद्धा ने कहा है “सत्य जानने के मार्ग में इंसान बस दो ही गलती करता है ,एक वो शुरू ही नहीं करता दूसरा पूरा जाने बिना ही छोड़ जाता है ”

2. आप इस वेबसाइट को अपनी ईमेल से ज्वाइन करें, अपने सभी साथियों को ज्वाइन करवाएं| तरीका इस प्रकार है:

ध्यान दे: भगवान् बुद्ध द्वारा बताये गए मार्ग और शिक्षा को हिंदी में जानने के लिए,बौद्ध विचारक दार्शनिक धम्म्गुरु ‘समयबुद्धा’ के धम्म प्रवचनों के लिए ,बौद्ध धम्म पर अपने विचार और लेख लिखने के लिए व् अनेकों बौद्ध धम्म और अम्बेडकरवाद की पुस्तकों को मुफ्त में पाने के लिए https://samaybuddha.wordpress.com पर जाकर बाएँ तरफ दिए Follow Blog via Email में अपनी ईमेल डाल कर फोल्लो पर क्लिक करें, इसके बाद आपको एक CONFIRMATION का बटन बनी हुए मेल आएगी निवेदन है की उसे क्लिक कर के कनफिरम करें इसके बाद आपको हर हफ्ते बौध धर्म की जानकारी भरी एक मेल आयेगी

3. भले ही हमारा मीडिया में शेयर न हो हमें अपना मीडिया खुद बनना है। आप बौद्ध धम्म के प्रचार प्रसार में मदत करें, आप केवल अपने १० बहुजन साथियों की जिम्मेदारी ले

दोस्तों अगर हम में से हर कोई हमारे समाज के फायदे की बात अपने दस साथिओं जो की हमारे ही लोग हों को मौखिक बताये या SMS या ईमेल या अन्य साधनों से करें तो केवल ७ दिनों में हर बुद्धिस्ट भाई के पास हमारा सन्देश पहुँच सकता है | इसी तरह हमारा विरोध की बात भी 9 वे दिन तक तो देश के हर आखिरी आदमी तक पहुँच जाएगी | नीचे लिखे टेबल को देखो, दोस्तों जहाँ चाह वह राह, भले ही हमारा मीडिया में शेयर न, हो हम अपना मीडिया खुद हैं :
1ST DAY =10
2ND DAY =100
3RD DAY =1,000
4TH DAY =10,000
5TH DAY =100,000
6TH DAY =1,000,000
7TH DAY =10,000,000
8TH DAY =100,000,000
9TH DAY =1,000,000,000
10TH DAY =1,210,193,422

4. बौद्ध साहित्य बहुत विस्तृत है, केवल बौद्ध भंते और बौद्ध लीडर उतना नहीं कर सकते जितना की हम सब मिल कर कर सकते हैं| अगर आपके पास भी बौद्ध धम्म की जानकारी है और आप बौद्ध धम्म पर लिखते हो तो आपसे अनुरोध है की आप बौद्ध धर्म पर अपने आर्टिकल हिंदी में jileraj@gmail.com पर भेजे जिसे हम आपके नाम और फोटो सहित या जैसा आप चाहें यहाँ पब्लिश करेंगे| आईये किताबों में दबे बौध धम्म के कल्याणकारी ज्ञान को मिल जुल कर जन साधारण के लिए उपलब्ध कराएँ |

5. अगर आप और आपके साथी बौद्ध लोगों की अच्छी भीड़ जुटा सकते हैं और धन जुटा सकते हैं तो बौद्ध धम्म पर सत्संग केडर कैंप  गोष्टी समूहित चर्चा आदि करवाएं|

6 हमेशा याद रखें की धन से धर्म चलता है धर्म से संगठन चलता है और संगठन से सुरक्षा होती है, धन के बिना तो बच्चे भी अपने पिता की नहीं सुनते| धन के बिना कोई संस्था और मिशन नहीं चल सकता| समयबुद्धा मिशन को धन उपलब्ध करवाएं|ज्यादातर मामलों में हमारे लोगों को दान देने में विश्वास नहीं होता की उनका दान सही जगह लगेगा या नहीं|इसका भी समाधान है विश्वास नहीं तो दान न दो आप बाबा साहब डॉ आंबेडकर की लिखी किताबों को ,बौद्ध धम्म और समयबुद्धा बौद्ध प्रवचन साहित्य को खरीद कर आम जनता में बाटें दूर दराज गाँव में बाटें|जरा ध्यान दें की अगर आप केवल पांच सौ रूपए महीने बौद्ध धम्म के लिए जमा करते हो तो साल के छह हज़ार जमा कर सकते हो|अगर आप हर साल छह हज़ार की किताबें और सी०डी० जनता में बाटें तो भी आप समयबुद्धा मिशन का ही काम करेंगे|ध्यान रहे धम्म का प्रचार ही मानवता की सच्ची सेवा है|हर साल आप बौद्ध धम्म की शिक्षा से भरे कैलंडर भी छपवा कर बाँट सकते हो|उस कैलंडर में क्या लिखना है इस जानकारी के लिए jileraj@ gmail.com पर मेल करें|

7. हर पूर्णिमा पर व्रत रखें और शाम को अपने निकटतम बौद्ध विहार में जाकर अपने समाज के साथ संगठित बुद्ध वंदना और धम्म चर्चा करें|कभी ये न कहे की हमें धर्म परिवर्तन करना है बल्कि हमेशा ये कहें की हम अपने खुद के बौद्ध धम्म में वापस लौट रहे हैं

8. दलित, शोषित, शूद्र, अछूत, राक्षश जैसे विरोधियों के दिए अपमानजनक नामों को मौखिक और लिखित किसी भी रूप में इस्तेमाल न करें|इसकी जगह ऐसे संबोधन का प्रयोग करें जिसमें आपके समाज की कमजोरी नहीं आपके समाज का बल नज़र आये जैसे मूलनिवासी, अनार्य, बौद्ध खासकर बहुजन जिसका मतलब है बहुसंख्यक जनता जिसकी संख्या ज्यादा हो|

शोषक के अत्याचारों की केवल बुराई और शिकायत आदि में ही अपनी उर्जा व्यर्थ न करते रहो| आगे बढ़ो और कुछ ठोस करो बिना संगर्ष के कुछ नहीं मिलेगा, आपको आपकी जगह कोई नहीं देगा आपको खुद बनानी है छीननी है| सम्मान माँगा नहीं जाता करवाया जाता है| बाबा साहब के मूल मंत्र -शिक्षित बनो, संगठित रहो और संगर्ष करो पर आप क्या काम कर रहे हो यही बात तय करेगी की आपको और आपके समाज को दुनिया में क्या जगह मिलेगी|

Team

SAMAUBUDDHA MIDHAN Delhi.

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