आंबेडकर और बौद्ध साहित्य ऑनलाइन या डाक द्वारा खरीदने के लिए संपर्क: निखिल सबलणिया, दिल्ली, मो. 8527533051, 9013306236 sablanian@gmail.com या ओनलाईन आर्डर करें http://www.blomming.com/mm/nikhilsablania/items


dhamm sahitye

प्रिय बंधुओं मुझे बहुत ख़ुशी है की पिछले एक साल के बौद्ध धम्म के अध्यन के बाद मैंने यह पाया है कि धन्य है डॉ भीमराव आंबेडकर जी जिन्होंने हमें बौद्ध धम्म (धर्म) की राह दिखाई. बौद्ध धर्म एक अत्यंत ही सरल धर्म है जो कि आसानी से मनुष्य का बौद्धिक एवं अध्यात्मिक विकास कर सकता है. इसके लिए मैंने त्रिपिटक और अभिधम्म कोष सहित अन्य प्राचीन बौद्ध साहित्य लोगों को उपलब्ध करने का निश्चय किया है जिससे कि बौद्ध धम्म की शिक्षा प्राप्त हो, धम्म का प्रचार हो और अध्यात्म का भी विकास हो सके. चूँकि यह एक बड़ा सेट है और देश की अलग अलग जगहों से प्राप्त किया गया है इसलिए इसका मूल्य चार से पांच हजार रुपयों के आस पास है. बौद्ध धम्म के सूत्रों को ढाई हजार वर्षों से संभाल कर रखने, उनका हिंदी अनुवाद करने और प्रकाशित करने के विशाल काम को देखा जाए तो यह एक तुच्छ रकम है जो कि एक अमुल्य ज्ञान को उपलब्ध करवाती है. तो आज ही बौद्ध साहित्य का संकलन शुरू करे और स्वयं को और समाज को बुद्ध की शिक्षा से अवगत करे और सबके अध्यात्म का विकास कर के समाज में अपना योगदान दे. खरीदने के लिए संपर्क: निखिल सबलणिया, दिल्ली, मो. 8527533051, 9013306236 sablanian@gmail.com
बौद्ध साहित्य माला : त्रिपिटक एवं पली साहित्य : खरीदने के लिए संपर्क: निखिल सबलणिया, दिल्ली, मो. 8527533051, 9013306236 sablanian@gmail.com या ओनलाईन आर्डर करें http://www.blomming.com/mm/nikhilsablania/itemsऔर जानकारी के लिए इस पेज को लाईक करेंhttps://www.facebook.com/pages/Buddhist-Books/138784779621058

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बौद्ध धम्म साहित्य में एक तरफ तो लिखा है फलां बात ऐसे है वहीँ कहीं दूसरी तरफ लिखा है फलां बात ऐसे नहीं ऐसे है|आज बौध धम्म की तरफ अग्रसर लोगों की सबसे बड़ी परेशानी ये है की वो किसको सही माने किसको गलत,किसको अपनाएं किसको छोड़ें|बौद्ध धम्म के पतन के लिए न केवल दमन से बल्कि विरोधियों ने भिक्षु बन कर बौद्ध साहित्य में बहुत ज्यादा मिलावट कर दी थी| वही मिलावट का साहित्य आज मार्किट में उपलब्ध है जिसका सार यही बनता है जी जीवन नीरस है कुछ मत करो|असल में बौद्ध धम्म मनुवादी षडियन्त्र और अन्याय के खिलाफ क्रांति है|आप चाहते हैं तो जरूर पढ़िए पर मेरी राए में  सबसे पहले निम्न तीन पुस्तकों का अध्ययन आपको व् आपके परिवार को करना ही चाहिए|ये पुस्तकें आपके घर में होनी ही चाहिए|बाबा साहब आंबेडकर की निम्न तीन पुस्तकों को शुरुआती ज्ञान से लेकर अंतिम रेफरेंस तक मनो :

१. भगवन बुद्धा और उनका धम्म

२. भगवन बुद्धा और कार्ल मार्क्स

३. प्राचीन भारत में क्रांति और प्रतिक्रांति

इन तीनो पुस्तकों से आगे जाना असल में अपने को धम्म विरोधी मिलावट में फ़साना होगा|इन तीन पुस्तकों की रचना डॉ आंबेडकर ने इसी भटकाव को रोकने के लिए किया है और ये बात उन्होंने खुद कही है|हमें आखिर कहीं किसी बिन्दु पर तो एक मत होना ही होगा वरना विरोधी अपनी चाल चल जायेंगे और हम सही गलत की बहस ही करते रह जायेंगे,अब फैसला आपके हाथ में है …समयबुद्धा

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