हर पूर्णिमा पर समयबुद्धा कि धम्म देशना यहाँ इस वेब्साईट पर पब्लिश कि जाती है| सन 2013 कि समयबुद्धा कि सभी देशनाओं कि हैडिंग और लिंक दिए गया हैं, कृपया इन्हें जरूर पढ़ें|


BUDDHA waxभारत के बहुजन लोग जब तक संगठित नहीं होंगे उनका कल्याण नहीं हो सकता, ये बात बाबा साहब डॉ आंबेडकर को अच्छी तरह समझ में आ गयी थी| हमारी मुक्ति केवल हिन्दू/ब्राह्मण धर्म त्यागने में नहीं है बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए  खुद का संगठन बनाना होगा| संगठन केवल भाषणों से कहने से नहीं बनता इसके लिए झंडा चाहिए |

झंडे का अर्थ है ऐसा कुछ भी जिसके नाम पर जनता एक विचारधारा के तहत संगठित हो जाये और आपस में अपना सुख दुःख साझा समझे|लोहिया जी न सही कहा है “राजनीती अल्पकालीन धर्म है पर धर्म दीर्घकालिक राजनीती|”

हमारी समस्या ये है की हमारे लोग कभी एक झंडे के नीचे संगठित नहीं रहे न ही रहने दिया गया| हमेशा बिखरे रहे हैं, यही कारन है की हमारे लोग अपने ही लोगों द्वारा किये गया संगर्ष और योगदान को न तो पहचानते हैं न ही उसके श्रेय ले सकने में कामयाब हैं| हमारे लोग कुछ भी अच्छा करते हैं तो वो विरोधी अपने धर्म की शान बढ़ने में इस्तेमाल कर लेते हैं|ऐसा इसलिए क्योंकि बहुजन हमेशा बिना झंडे के ही संगर्ष करते रहे हैं|झंडा ऐसा कुछ भी होता है जिसके नाम पर सब संगठित हो जाएँ और सबका संगर्ष उस झंडे की बुलंद करे| फिर जो भी लोग उस झंडे के नीचे बैठे हों वे या आने वाली पीढियां सभी उस संगर्ष से लाभान्वित होंगी|झंडे के उधारहण हैं, जाती,कोई महापुरुष जैसे वाल्मीकि,रविदास अदि,कोई भाषा या प्रान्त, कोई प्रतापी राज, कोई राजनेतिक दल या चिन्ह और अपना धर्म| इन सभी झंडों में से बाकि के सभी झंडे समय और परिस्थिति के साथ पुराने और योग्य हो जाते हैं पर धर्म कभी पुराना नहीं होता, धर्म एक स्थाई झंडा है| जाती वाला झंडा असल में बहुजनों में फुट डालने का काम कर रहा है, सरे बहुजन ६००० से ज्यादा जातियों में बनते हैं और कोई एक दुसरे के दुःख में मदत करने नहीं आता और शोषक मनुवादी एक एक कर अलग अलग इनका शोषण करते रहते हैं| मैं बहुत सोचने के बाद इस नतीजे पर पंहुचा हूँ ही की बहुजन लोगों का स्थाई झंडा केवल बौद्ध धम्मही हो सकता है, डॉ आंबेडकर का चुनाव बिलकुल सही है|

बौद्ध धम्म लेने के दशकों बाद भी न तो धम्म को लोग ठीक से समझ पा रहे हैं न ही संगठन कहीं किसी स्थर पर नज़र आ रहा है|आम आदमी कभी किताब नहीं पड़ता और बुद्धिजीवी भी किताब तब तक नहीं पड़ता जब तक उससे फायदा न हो ऐसे में आम आदमी तक बौद्ध धम्म का ज्ञान कैसे पहुचेगा, मीडिया में तो बौद्ध धम्म के नाम पर एक शब्द भी नहीं और अगर बौद्ध धम्म के नाम पर मीडिया में कुछ है तो वो बहुजाओं को मानसिक रूप से कमजोर बनाने वाले अहिंसा का जबर्दस्त प[रचार और बाकि किसी बौद्ध मत का प्रचार नहीं होता|इस समस्या के समाधान हेतु बौद्ध धम्म विदारक और उद्धारक दार्शनिक समयबुद्धा ने एक निति सुझाई :

हर पूर्णिमा को बौध विहार पर संगठित वंदना/धम्म संघायन(confrence) का नियम अनिवार्य करना होगा|

अपने को खुशाल बनाने हेतु भारत के बहुजनों के पास किसी चीज़ कि कमी नहीं सिवाए एक के और वो है आपस में विचारों को बांटने को एक मिडिया नहीं है | बहुजनों में तीन प्रकार के लोग हैं एक जो अध्ययन नहीं करते और वो वही समझते हैं जो विरोधी मिडिया उनको समझा देता है|दुसरे वे जो मिशन से जुड़े बुद्धिजीवी हैं वो जानते हैं कि कौम के लिए क्या सही है क्या गलत है पर उनकी बात आम जनता तक पहुच ही नहीं पाती और जनता विरोधी मीडिया के बहकावे में खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मार लेती है| तीसरे हैं वो पढ़े लिखे लोग जो आंबेडकर मिशन से लाभ तो उठाते हैं पर न ही इसको जानना चाहते हैं न ही इसके लिए कुछ करते हैं, इन लोगों में और मनुवादियों में कोई फर्क नहीं, बल्कि ये वो विभीषण हैं जिहोने रावण हो हरवाया था| ऐसे लोग हर कौम में होते हैं इनके रहते रहते ही संगर्ष करना पड़ता है|मीडिया कि इस जरूरत कि पूर्ती हेतु हमें “हर पूर्णिमा को बौध विहार पर संगठित वंदना/धम्म संघायन(confrence) का नियम अनिवार्य करना होगा|”

बौध धम्म में पूर्णिमा का बड़ा महत्व है हमें ये नियम बनाना होगा की कम से कम महीने में एक बार अर्थात पूर्णिमा के दिन अपने निकटतम बौध विहारों पर संगठित होना होगा|आप कहीं भी हो वहां के आस पास के बौध बिहार पर हर पूर्णिमा सुबह  जाना चाहिए,धम्म चर्चा करें,धम्म ज्ञान ओर समाज के लोगों से मेलजोल बढ़ाना चाहिए,ये भारत के ६००० से ज्यादा जातियों में बंटे सभी बहुजनों को संगठित करने का बहेतरीन माध्यम है| विचारों के आदान प्रदान के इस स्थाई मंच से कई फायेदे होंगे जैसे धार्मिक ज्ञान से जीवन बेहतर होगा, हमारा संगठन बल साबित होगा,विहारों से हमारे समाज को बढ़ने वाली नीति को जनसाधारण और जनसाधारण की जरूरतों को ऊपर बैठे अपने समाज के बुद्धिजीवियों तक पहुचाई जा सकेगी| राजनेतिक पार्टी के नाम और चिन्ह तो बदलते रहेंगे पर किसे चुनना है इसका सामूहिक फैसला केवल बौद्ध विहारों पर ही हो पायेगा| इस संगठन के पीछे राजनेतिक पार्टियाँ और हुकुमरान बौद्ध विहारों के चक्कर काटेंगे |न केवल धम्म का प्रचार होगा बल्कि जाती छुपा कर बैठे लोग बहार आयेंगे, शादी, ब्याह को रिश्ते ढूंढने में, धंधे,नौकरी शिक्षा आदि कि लॉबीइंग हो सकेगी , आपस में सहयोग हो सकेगा , बहुजन साहित्य बिकेगा, विचारों का प्रचार प्रसार होगा और अंततः हम संगठित और खुशाल हो जायेंगे

 

हर पूर्णिमा पर समयबुद्धा कि धम्म देशना यहाँ इस वेब्साईट पर पब्लिश कि जाती है| सन 2013 कि समयबुद्धा कि सभी देशनाओं कि हैडिंग और लिंक नीचे दिए गया हैं, कृपया इन्हें जरूर पढ़ें|

27-Jan-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “बौध धर्म पर लौटना भारत देश के लिए बेहद जरूरी क्यों है”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/01/27/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-27jan2013/
25-Feb-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “रुचिकर एतिहासिक कहानियाँ और संगीत बौद्ध धम्म प्रचार के शशक्त माध्यम हैं”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/02/25/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-25feb2013/
27-March-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:-“धर्म वास्तव में क्या है?धर्म की लोग किसी भी तरह व्याख्या करें पर असल में धर्म किसी कौम के लिए संसार में अपना अस्तित्व बचाये रखने की नीति के सिवाए और कुछ नही”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/03/27/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-27mar2013/
25-APRIL-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “शूद्र ,अछूत,राक्षश की तरह “दलित” शब्द भी कलंक है इसे त्यागो, अपने लिए सम्मानजनक सम्बोधन चुनो बहुजन/बौद्ध बनो” …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/04/25/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-25apr2013/
25-May-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- आज हमारा सबसे बड़ा त्यौहार बुद्ध पूर्णिमा है आओ जाने कि- बौद्ध धम्म क्या है,ये अन्य धर्मों से कैसे अलग है?…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/05/25/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-25may2013/
23 JUNE 2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “आज आंबेडकर संविधान के राज में भी हमारे लोग ऊपर क्यों नहीं उठ पा रहे जबकि जो पहले से उठे हुए हैं वो और उठते जा रहे हैं? “ https://samaybuddha.wordpress.com/2013/06/23/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-23june2013/
22-July-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :-“युवा पीढ़ी का भ्रम-  केवल आंबेडकर तक ही सीमित रहो बुद्ध और उनके धम्म तक जाने की जरूरत नहीं|”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/07/22/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-22july2013/
21-Aug-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :- “अप्प दीपो भव’ अर्थात अपना प्रकाश स्वयं बनो,जिसने देखा, उसने जाना।जिसने जाना, वो पा गया । जिसने पाया, वो बदल गया,अगर नहीं बदला तो समझो कि उसके जानने में ही कई खोट था” https://samaybuddha.wordpress.com/2013/08/21/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-21aug2013/
19-Sept-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “हमें अपने आप को कहीं भी सीमित नहीं करना चाहिए वर्ना हम कुए के मेडक कि भांति सत्य से अपरिचित रह जायेंगे,परिणाम हमें नुक्सान उठाना पड़ेगा|” …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/09/19/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-19sept2013/
19-Oct-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की  विशेष धम्म देशना :- “धम्म इतना अच्छा है फिर भी इसकी  बजाये लोग धार्मिक कर्मकांड क्यों पसंद करते हैं…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/10/19/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-19oct2013/
17-Nov-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :- “हे बहुजनों केवल अपने ऊपर हुए दुराचारों कि शिकायत न करते रहो अपने कल्याण के लिए नीतियां बनाओ और उनपर अमल करो| नीतियों के उदाहरण हेतु प्रस्तुत है-” मूल चाणक्य नीति”…… समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/11/17/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-17nov2013/
17-Dec-2013 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: लोग वैसी दुनिया चाहते हैं जैसी बुद्ध बनाना चाहते थे,भारत ही नहीं समस्त विश्व बुद्ध कि तरफ चल पड़ा है, संसार में शांति और अमन होकर रहेगा,अब कोई धम्मविरोधी इसे नहीं रोक पायेगा…समायबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/12/17/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-17dec2013/ 

2 thoughts on “हर पूर्णिमा पर समयबुद्धा कि धम्म देशना यहाँ इस वेब्साईट पर पब्लिश कि जाती है| सन 2013 कि समयबुद्धा कि सभी देशनाओं कि हैडिंग और लिंक दिए गया हैं, कृपया इन्हें जरूर पढ़ें|

  1. Dear Dhamma Brother Thank you very much for regular great Dhamma information, I salute you With regards

     Suresh Babu Dr  Lucknow

    • आप में से कोई ऐसा है जो बौद्ध धम्म के लिए कुछ करना चाहे? हमें फीडबैक मिला है की समयबुद्धा वेबसाइट पर ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियों हैं | क्या कोई इन्हें ठीक करने में हमारी मदत करेगा| ये काम सिंपल हैं बस समयबुद्धा वेबसाइट से कोई आर्टिकल कॉपी करो http://www.easyhindityping.com/ पर जाकर इसमंे से अशुद्धियां ठीक करो और वापस हमें jileraj@gmail.com पर मेल कर दो| यहाँ हज़ारों बहुजन जोग हैं अगर एक एक आर्टिकल को पकड़ लिया तो कुछ ही दिनों में सभी अशुद्धियां ठीक हो जाएँगी| क्या आप भी थोडा संगर्ष करोगे ?

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