क्या कोई है जो समयबुद्धा वेबसाइट के लेखों में ग्रामर और स्पेलिंग की अशुद्धियां ठीक करने में हमारी मदत करे?…Team SBMT


hum khud jimmedar“अपनी आजादी के लिए सदियों से संघर्षरत भारत के बहुजन  क़ौम को धर्म, दर्शन, इतिहास, संस्कृति, परंपरा के लिए अपने से बाहर किसी और का मुँह जोहने और उसका मोहताज होने की कोई जरूरत नहीं. अपनी स्वतंत्रता के लिए सदियों से निरंतर संघर्ष करने वाली क़ौम के पास चिंतन की कोताही हो ही नहीं सकती… हम आर्थिक दृष्टि से भले ही गरीब हैं किंतु अपनी सांस्कृतिक परंपरा में दुनिया में सबसे समृद्ध. दुनियाँ में किसके पास बुद्ध, कबीर, रैदास जैसे संतों की महान परंपरा और सामाजिक न्याय के महान संघर्ष में अंबेडकर जैसे अहिंसक लोकतांत्रिक योद्धा हैं.हमारे लोग उस बंजर भूमि कि तरह हैं जिस्म्ने कितना भी खाद बीज पानी डालो पर परिणाम कुछ नहीं, अगर लोग ही अपने लिए कुछ न करना चाहे तो ये महँ इतिहास और परंपरा भी क्या कर सकती है, समय भी उसी का साथ देता है जो अपना साथ खुद देता है| ..??”

आप में से कोई ऐसा है जो बौद्ध धम्म के लिए कुछ करना चाहे? हमें फीडबैक मिला है की समयबुद्धा वेबसाइट पर ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियों हैं | क्या कोई इन्हें ठीक करने में हमारी मदत करेगा| ये काम सिंपल हैं बस समयबुद्धा वेबसाइट से कोई आर्टिकल कॉपी करो http://www.easyhindityping.com/ पर जाकर इसमंे से अशुद्धियां ठीक करो और वापस हमें jileraj@gmail.com पर मेल कर दो| यहाँ हज़ारों बहुजन जोग हैं अगर एक एक आर्टिकल को पकड़ लिया तो कुछ ही दिनों में सभी अशुद्धियां ठीक हो जाएँगी| क्या आप भी थोडा संगर्ष करोगे ?

कमाल कि बात देखिये अभी तक एक भी बहुजन इस काम के लिए आगे नहीं आया, क्या ऐसी कौम का भला हो सकता है या किया जा सकता है

विज्ञानं का एक सिद्धांत है कि जो जिस दशा में है वो उसी दशा में रहना चाहता है, अगर हम उसकी दशा बदलने कि कोशिश करते हैं तो वो उसका विरोध उतनी ताकत से करता है जितनी ताकत से हम उसकी दशा को बदलने कि कोशिश करते हैं| अगर हमें उसकी दशा बदलनी है तो और ज्यादा बहुत ज्यादा ताकत या शक्ति चाहिए| ये सिद्धांत भारत के पिछड़े शोषित बहुजन पर लागू करता है, उसने अपनी दशा से समझौता कर लिया प्रतीत होता है|जो लोग उन्हें जगाने कि कोशिश कर रहे हैं ये लोग उनका साथ नहीं देते उल्टा विरोध करते हैं परिणाम हमारे समाज के शिक्षित वर्ग जो कुछ करना चाहता है वो भी इनके विरोध को देखकर अपने तक ही सीमित हो जाता है|मैंने महसूस किया है कि दलितों की मदत दलितों से ही बचकर करनी पड़ती है क्योंकि ये वो लोग हैं जो खुद भी पीटते हैं और अपने लीडर को भी पिटवा लाते हैं| इस सबका यही समाधान है की बहुत बड़ी शक्ति ही इनकी दशा सुधर सकती है,जैसे इस देश का शाशन कम से कम तीन पीढ़ियों तक बौद्धों के हाथों में हो,हे बहुजनों सुधारना नहीं चाहते तो मत सुधरो पर आंबेडकरवाद और बुद्धवाद को सत्ता में तो लाओ |

….समयबुद्धा

2 thoughts on “क्या कोई है जो समयबुद्धा वेबसाइट के लेखों में ग्रामर और स्पेलिंग की अशुद्धियां ठीक करने में हमारी मदत करे?…Team SBMT

  1. Jaha prayas kiya jata hai ho sakta hai waha pe kuchh chhotomoti galtiya ho lekin fir bhi Samaya Buddha Missionka yogdan kisi bhi arth me nakara nahi jaega.
    Rahi bat correction ki to ham sabhiko hamesha prayasrat rahana uchit hai. Mai Nepali speaker hu shayad shuddikaran me mai kuchh nahi kar paunga. Fir bhi apne taraf se har sambhaw prayas karunga. Ham sabhi sathiyon ko fal khane me jyadah dhyan kendrit karna uchit hoga aur Samaya Buddha Missionko bahut bahut abhar prakat karta hu. Dhanyabad!

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