हमें संसाधनों का समुचित उपयोग करना चाहिए बर्बादी से बचना चाहिए, इस बात को समझती तथागत गौतम बुद्ध के जीवन की एक घटना… Team SBMT


भगवान् बुद्ध क एक अनुयायी ने कहा , ” प्रभु ! मुझे आपसे एक निवेदन करना है .”hungry india
बुद्ध: बताओ क्या कहना है ?
अनुयायी: मेरे वस्त्र पुराने हो चुके हैं . अब ये पहनने लायक नहीं रहे . कृपया मुझे नए वस्त्र देने का कष्ट करें !
बुद्ध ने अनुयायी के वस्त्र देखे , वे सचमुच बिलकुल जीर्ण हो चुके थे और जगह जगह से घिस चुके थे …इसलिए उन्होंने एक अन्य अनुयायी को नए वस्त्र देने का आदेश दे दिए.
कुछ दिनों बाद बुद्ध अनुयायी के घर पहुंचे .
बुद्ध : क्या तुम अपने नए वस्त्रों में आराम से हो ? तुम्हे और कुछ तो नहीं चाहिए ?
अनुयायी: धन्यवाद प्रभु . मैं इन वस्त्रों में बिलकुल आराम से हूँ और मुझे और कुछ नहीं चाहिए .
बुद्ध: अब जबकि तुम्हारे पास नए वस्त्र हैं तो तुमने पुराने वस्त्रों का क्या किया ?
अनुयायी: मैं अब उसे ओढने के लिए प्रयोग कर रहा हूँ ?
बुद्ध: तो तुमने अपनी पुरानी ओढ़नी का क्या किया ?
अनुयायी: जी मैंने उसे खिड़की पर परदे की जगह लगा दिया है .
बुद्ध: तो क्या तुमने पुराने परदे फ़ेंक दिए ?
अनुयायी: जी नहीं , मैंने उसके चार टुकड़े किये और उनका प्रयोग रसोई में गरम पतीलों को आग से उतारने के लिए कर रहा हूँ.
बुद्ध: तो फिर रसॊइ के पुराने कपड़ों का क्या किया ?
अनुयायी: अब मैं उन्हें पोछा लगाने के लिए प्रयोग करूँगा .
बुद्ध: तो तुम्हारा पुराना पोछा क्या हुआ ?
अनुयायी: प्रभु वो अब इतना तार -तार हो चुका था कि उसका कुछ नहीं किया जा सकता था , इसलिए मैंने उसका एक -एक धागा अलग कर दिए की बातियाँ तैयार कर लीं ….उन्ही में से एक कल रात आपके कक्ष में प्रकाशित था .
बुद्ध अनुयायी से संतुष्ट हो गए . वो प्रसन्न थे कि उनका शिष्य वस्तुओं को बर्वाद नहीं करता और उसमे समझ है कि उनका उपयोग किस तरह से किया जा सकता है।
आज के युग में जब पार्टी या सहभोज बैठ कर नहीं होता अब प्लेटों में खड़े होकर होता है| ऐसे अपने हाथ से परोसने के चक्कर में बहुत खाना बर्बाद होता हैं वहीँ दूसरी तरफ भारत में हज़ारों लोग रोज भूक से तड़प तड़प कर मर जाते हैं| ऐसे में बुद्ध की ये शिक्षा बहुत काम की है, काम से कण हम अपनी जिंदगी में ये प्रतिज्ञा तो कर सकते हैं की हम खाना बर्बाद नहीं करेंगे| बचे हुए खाने को किसी जानवर जैसे कुत्ता, गाये चिति आदि तक पहुचाएंगे|

कहीं पर कोई भूखा इसलिए मर रहा है क्योंकि कहीं पर कोई खाना बर्बाद कर रहा है और सरकार पूंजीपतिवादी  है की वो खाद्ये पदार्थों का वितरण सही से नहीं कर पा रही

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