इंसानों की पांच प्रजातियाँ होती है ….बोधिसत्व भाई एस० प्रेम अनार्ये


NAMEइंसानों की पांच प्रजातियाँ होती है ,

1 बुद्धिमान – इस प्रजाति के लोग अपनी बौद्धिक कुशलता और ज्ञान विज्ञान द्वारा स्वयं उर्जावान हो कर दुनिया को भी अपने ज्ञान द्वारा बदलने का प्रयास करते हैं

2-सामर्थ्यवान – इस प्रजाति के लोग अपनी मेहनत द्वारा स्वयं कामयाब हो कर दुनिया के लिए प्रेरणा दाई बनकर लाखों को आत्मनिर्भरता पुर्वक जीने की कला सिखाते है

3 चातुर्य वान – इस प्रजाति के मानव अपनी चातुर्य क्षमता से सफलता प्राप्त तो कर लेते है परन्तु इनकी सफलता एकांकी ही सिद्ध होती है किसी और को ये कुछ भी नहीं दे सकते

4- धुर्तवान : इस प्रजाति के मनुष्य अपने लाभ के लिए दुसरे की क्षति करने में संकोच नहीं करते ! जहाँ इनका कोई लाभ नहीं होता वहां भी इनका अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप अवश्य होता है उस काम को बिगाड़ने में , इनका भला तो सब भला , इस प्रजाति के लोग दुसरे की क्षति में ही अपना लाभ देखते है ,  इस प्रजाति के लोग कौन हैं  ? मुझे बताने की आवश्यकता नहीं आप स्वयं समझदार है !

5 मुर्खवान- इस प्रजाति का मनुष्य दुसरे के लाभ के लिए स्वयं का नुक्सान करता है इसलिए सदा दुखी रहता है , और अपने प्रत्यक्ष दुखों के लिए किसी अप्रत्यक्ष सहारे को ढूंढता फिरता है ! अपने दुखों के सही कारणों का विश्लेषण करने की क्षमता उसमे नहीं होती इसलिए वो मुर्ख होता है इस प्रजाति की मुर्खता का सबसे बड़ा लाभ धूर्तवानों को होता है और वह इस मुर्ख भीड़ को अपनी संपत्ति समझ कर इसे अपने धर्म नामक डंडे से हांकता रहता है

मानवों की यह पांच प्रजातियाँ अपने इन्हीं गुणों को अपने वंशो द्वारा आगे बढाती है और इस तरह यह पांच प्रजातियाँ अपने विशेष गुणों और दोषों को पीडी दर पीडी वंशानुगत रखती जाती है

शकील प्रेम

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