सारी दुनिया में सबसे बड़ी,सरेआम और क्रूर पशु हत्या नेपाल की देवी गधीमाई के मेले में होती है जो हर पांच साल में लगता है,इसको रोकने के लिए नेपाल के बौध्दों ने मांगी भारत से मदद|


nepal gadhimai festivalकाठमांडू !  नेपाल में बौध्दों के एक समूह और पशु अधिकार संगठनों ने नेपाल में हजारों पशु-पक्षियों की बलि पर रोक लगाने के लिए भारत सरकार और पशु कल्याण संगठनों से मदद की अपील की है। इस पशु बलि को रोकने के मुद्दे पर नेपाल सरकार का कहना है कि वह तराई में आयोजित होने वाले हिंदू समारोह पर इसलिए प्रतिबंध नहीं लगाएगी, क्योंकि इससे लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंच सकती है।
भारतीय मूल के बौध्दों के एक संगठन, तमांग राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष डी.बी.बोमजान ने कहा है, ”हमने भारत में बिहार, उत्तर प्रदेश तथा अन्य सीमावर्ती राज्यों के प्रशासन से अपील की है कि नेपाल में गधीमाई मेले में बलि चढ़ाने के मकसद से भारत से होने वाली पशु-पक्षियों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जाएं।”
बोमजान ने कहा है कि नेपाल के पशु अधिकार संगठनों ने भी भारत के पशु अधिकार संगठनों से जन जागरूकता पैदा करने और इस महीने के अंत में नेपाल के बारा जिले में आयोजित होने वाले धार्मिक महोत्सव में सैकड़ों हिंदुओं को हिस्सा लेने से रोकने की अपील की है। इस महोत्सव को दुनिया के सबसे बड़े पशु बलि के मैदान के रूप में संबोधित किया जाता है।
इन संगठनों द्वारा भारत से मदद की अपील ऐसे समय में की गई है, जब नेपाल की कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने बारा जिले के गधीमाई मंदिर पर 24 नवंबर से होने वाले इस महोत्सव में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।
यह महोत्सव पांच वर्षों में एक बार आयोजित किया जाता है। यह महोत्सव देवी की वेदी पर बड़े पैमाने पर पशु बलि के लिए कुख्यात है। आयोजकों ने कहा है कि इस वर्ष लगभग 5,00,000 पशु-पक्षियों की बलि चढ़ाई जाएगी।
यद्यपि पूर्व मंत्री व पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल को पत्र लिख कर इस पशु बलि में हस्तक्षेप करने आग्रह किया है, लेकिन सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि इस मामले में बल प्रयोग नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है।
सूचना और संचार मंत्री शंकर पोखरेल ने कहा है, ”बलि को रोकने के लिए बल प्रयोग की हमारी कोई योजना नहीं है। यह एक संवेदनशील मुद्दा है और हम किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते।”

भारत का मीडिया इस कुकृत्ये पर खामोश है, आप समझ सकते हैं क्यों?

 

http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/25198/1/20

7 thoughts on “सारी दुनिया में सबसे बड़ी,सरेआम और क्रूर पशु हत्या नेपाल की देवी गधीमाई के मेले में होती है जो हर पांच साल में लगता है,इसको रोकने के लिए नेपाल के बौध्दों ने मांगी भारत से मदद|

  1. मुझे नहीं लगता कि पशुओ कि बलि चडाने से कोई देवी या देवता खुश होगा, और मेरे ख्याल से प्रकृति के खिलाफ कोई शक्ति नहीं जा सकती ! ये तो लोगो कि कमी है कि सालो की परम्परा को समय बदलने के बाद भी निभाते चले आ रहे हैं |

  2. हम नेपाल सरकार से माँग करते है कि इस अंधविश्वास पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए और नेपाल कि जनता को इस प्रथा को रोकने के लिए जागरूक किया जाए ताकि झुठी क्रूर प्रथा मे हो रही जीव हत्या को रोका जा सके,
    निवेदक:-
    भाई मनोज कुमार दहिया,
    राष्ट्रीय अध्यक्ष,
    “अखिल भारतीय दलित पिछडा जागृति मंच”

  3. 1000% true…..

    Hami savi madeshi ke v aisan riwaj roke ke chahi,,,
    Arabo ke mal kachara me banawal achchha na hola….

  4. Ek jgh ho to glt hai!!does it makes any sense? Eid k din bhi laakho pashu maare jaate hai!!unko rukwane k lie koi kyu aage nhi aata?

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