बहुजन जनता की शिक्षा और ज्ञान के लिए संगर्ष करने वाले महात्मा ज्योतिराव फुले जी के जन्म दिवस ’11 अप्रैल’ पर हार्दिक शुभकामनाए -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा

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महात्मा ज्योतिराव फुले जी के जन्म दिवस 11 अप्रैल पर हार्दिक शुभकामनाए
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आज सामाजिक न्याय के अनेक नेता और विचारक हैं, लेकिन इस सामाजिक न्याय की लड़ाई की शुरूआत करने वाले महानायक महात्मा ज्योतिराव फुले जी का आज जन्मदिन है। अनेक लोग उनको अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए, उनकी जयन्ती मना रहे हैं, लेकिन उनको सच्चे अर्थों में श्रद्धा सुमन अर्पित करना तब ही सार्थक है, जबकि हम उनकी ओर से प्रदर्शित मार्ग का हकीकत में अनुशरण करें!

महात्मा ज्योतिराव फुले जी के बारे में कुछ संकलित जानकारी:-

1. ज्योतिबा फुले जी ने 1848 मेँ भारत का प्रथम स्कूल खोला, तब तक तो बॉम्बे हाई स्कूल भी नहीँ खुला था। उन्होंने लड़कियोँ को पढाने के लिये कुल तीन स्कूल खोले!

2. ज्योतिबा फुले जी को अपने स्कूल में जब लड़कियोँ को पढाने के लिये महिला टीचर (शिक्षिका) तक नहीँ मिली, तब उन्होनेँ अपनी पत्नि सावित्री बाई को शिक्षण के लिये तैयार किया।

3. शिक्षा के प्रचार-प्रसार के अपराध में मनुवादियों ने महात्मा ज्योतिराव फुले जी के परिवार और जाति के लोगों को इस तरह से भड़काया कि उनको अपने ही घर से निकलवा दिया गया और जाति से बहिष्कृत करवा दिया गया।

4. 1853 में महात्मा ज्योतिराव फुले जी और उनकी पत्नी सावित्री बाई ने अपने मकान में प्रौढ़ों के लिए रात्रि पाठशाला खोली।
5. महात्मा ज्योतिबा ने आज से 150 साल पहले ‘कृषि विद्यालय’ की बात उठायी। ये वो समय था, जबकि किसानोँ की दुर्दशा पर कोई समाज सुधारक बोलते नहीँ थे!!

6. शिक्षा के असली प्रचारक ज्योतिराव फूले जी थे। और प्रथम महिला शिक्षा का विद्यालय की स्थापना फुले साहब की ही देन है।

7. आज महिलाएं शिक्षित हैं, पर ये कोई नहीं जानता की महिलाओं की शिक्षा और आजादी में फुले साहब का कितना बड़ा योगदान रहा है!

8. फुले साहब भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के गुरु थे और डॉ. भीमराव अंबेडकरजी ने ही महात्मा ज्योतिराव फुले जी को महात्मा की उपाधि दी थी। लेकिन मनुवादी राजनीति के कारण बहरूपिये मोहनदास कर्मचन्द गांधी को महात्मा बना दिया गया।

9. इस देश के राष्ट्रपिता कहलाने का यदि किसी एक व्यक्ति को नैतिक हक है तो वो केवल महात्मा ज्योतिराव फुले जी को है, लेकिन जातिवाद के कट्टर समर्थक गांधी को राष्ट्रपिता बना दिया गया!

10. शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग करने वाले सबसे पहले व्यक्ति महा मानव महात्मा ज्योतिराव फुले ही थे!

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा, राष्ट्रीय प्रमुख-हक रक्षक दल,

11.04.15,  14.16 बजे!