धर्म और संविधान मे भेद…ओ पी गौतम


ambedkar-samvidhan sadhye🍁धर्म और संविधान मे भेद🍁

१. धर्म ने आपको दी हजारों साल की गुलामी जबकि संविधान ने दी आपको हजारों साल की गुलामी से आजादी।

२. धर्म ने आपको अछूत बनाया संविधान ने समानता का अधिकार देकर आपको इन्सान बनाया।

३. धर्म ने आपको शिक्षा से वंचित रखकर विकास से वंचित किया जबकि संविधान ने आपको शिक्षा का अधिकार देकर विकास के नए रास्ते खोले।

४. धर्म ने आपको संपत्ति से वंचित रखकर आर्थिक रूप से पंगु कर दिया जबकि संविधान ने आपको संपत्ति, कारोबार का अधिकार देकर उन्नति के लिए नये रास्ते खोले।

5. धर्म ने आपको शहर, गाँव से अलग एक तरफ बस्ती बनाकर समाज से काटकर रख दिया जबकि संविधान ने आपको शेष समाज से जोड़कर इन्सान होने का एहसास दिलाया।

६. धर्म ने आपको नीच बनाया संविधान ने आपको सभी इंसानों के समान ही इन्सान बनाया।

७. धर्म आपको जानवरों से भी बदतर समझता है जबकि संविधान आपको किसी भी आदमी से कम नहीं समझता।

८. धर्म ने आपको जल रूपी जीवन से वंचित रखा जबकि संविधान ने आपको जल पर समान अधिकार दिया।
🍁 अब बतलाईये धर्म महान है या संविधान, अगर आपका जवाब संविधान है तो ” हिन्दु “धर्म में रहने की क्या जरूरत है।
कृपया अाप भी राय दें।

सदियों के अँधेरे से संविधान के द्वारा प्रकाश की किरण मिले। आप सभी का मंगल हो। ऐसी उम्मीद के साथ….
“नमों बुद्धाय जय भीम”

ओ पी गौतम आकाशवाणी नई दिल्ली

One thought on “धर्म और संविधान मे भेद…ओ पी गौतम

  1. Thanks साभार – बी॰एल॰ राव   उप मण्डल अभियन्ता (दूरसंचार), विपणन अनुभाग  बीएसएनएल, कार्यालय मुख्य महाप्रबंधक दूरसंचार, लखनऊ-1   मोबाइल – 9415335868, लैंड्लाइन -0522-2230210 

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