उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की खाप पंचायत ने दो अनुसूचित जाति बहनों के साथ बलात्कार करने का फरमान सुनाया है | इन लड़कियों का कसूर सिर्फ इतना था कि उनके भाई ने एक महिला से प्रेम किया था ….Sudhir Kumar


उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की खाप पंचायत ने दो अनुसूचित जाति बहनों के साथ बलात्कार करने का फरमान सुनाया है | इन लड़कियों का कसूर सिर्फ इतना था कि उनके भाई ने एक महिला से प्रेम किया था | क्या ये फरमान किसी आतंकवादी घटना से कम है ? लड़की का परिवार दहशत के कारण गाँव से पलायन कर दिल्ली चला गया है | युवक की जमानत मंजूर होने के बावजूद उसके परिजन आवश्यक दस्तावेज लेने के लिए गाँव नहीं जा पा रहे हैं जिस कारण युवक की रिहाई नहीं हो पा रही है | इससे बड़ा आतंकवाद क्या हो सकता है कि परिवार को घर बार, गाँव छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया जाये ? घर वापिस लौटने पर इनको जान और सम्मान गंवाने का खतरा है | क्या ये खुला आतंकवाद नहीं है ? इस आतंकवाद का स्रोत कोई मुस्लिम नहीं है और कोई ब्राह्मण भी नहीं है | इस आतंकवाद को जन्म देने वाली आपके मूलनिवासी बंधू ही है | इस खाप पंचायत की मालिक जाट बिरादरी ही है | हरियाणा में जो एस सी पर अत्याचार होते हैं उनके भी जनक ये खाप पंचायत ही होती है | बात करते हो ब्राह्मणों से लड़ने की ब्राह्मणों को भगाने की तो क्या आपके इन बंधुओ से हम इसलिए पिटते रहे कि ये आपके मूलनिवासी बंधू हैं ? पशिमी उत्तर प्रदेश में और हरियाणा में जितना जातिवाद का आतंकवाद इनका है किसी और जाति का नहीं है | यहाँ तक की ब्राह्मणों का भी आतंकवाद नहीं है | क्या सरकार को इस जातिवाद के आतंकवाद पर रोक नहीं लगानी चाहिए ? इन खाप पंचायतों को अवैध घोषित कर इनके मुखियाओं को जेल में नहीं डाल देना चाहिए ?
मूलनिवासी जनजागरण का अभियान चलाने वाले बन्धु भी ध्यान दें ब्राह्मणों को भगाने से पहले अपने इन भाईयों को समझा लो या फिर हमको भी खाप पंचायत बना लेनी चाहिए ? जिस तरह से हमारे साथ इन खाप पंचायतों का आतंक बढ़ रहा है उस तरह से हमको भी इनको जवाब देने के लिए तैयार हो जाना चाहिए और इन्ही के समानांतर खापों का गठन कर लेना चाहिए ताकि हम अपने पीड़ित भाई बहनों की सुरक्षा कर सके |

 

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डॉ0 भीम राव अम्बेडकर समाज कल्याण समिति (रजि0) बिहोली, पानीपत
भगवान कहाँ रहता है ?
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•गजराज (हाथी) का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया तो उसने हरि को पुकारा । हरि नंगे पाँव दौड़े आये और मगरमच्छ का वध कर गज को मुक्त कराया ।
•दु:शासन ने द्रोपदी का चीर हरण किया तो उसने भी हरि को पुकारा हरि ने आकर उसको भी बचाया ।
•होलिका ने प्रह्लाद को जलाने की कोशिश की तो प्रह्लाद ने हरि को पुकारा हरि उसको भी बचाने आया ।
•गोकुलवासियों ने इंद्र के प्रकोप बाड़ से बचाने हरी को बुलाया, हरी ने गोवेर्धन पर्वत एक उँगली से उठाकर उनको बचाया |
•…दो चार आप खुद जोड़ लीजिये।
…अब वास्तविक घटनाओं पर आ जाइये !
•महमूद गजनवी ने भारत पर 17 आक्रमण किये,सोमनाथ का मंदिर लूटा और भयानक मार काट की ।
-भक्तो ने फिर भगवान को पुकारा । गजनवी के सैनिक रक्तपात करते रहे लेकिन कोई भगवान नही आया ????
-भारत पर हमला करने शक, तुर्क, गौरी, ख़िलजी, तुगलक, सैयद, लोदी, मुग़ल , डच, अंग्रेज़ आये, लेकिन भारत भुमि को लम्बी गुलामी से बचाने कोई हरी नहीं आये ?
-औरंगज़ेब ने आपके भक्तों को मार-मार मुसलमान बनाया, लेकिन आप सहायता को नहीं आये ???
-अब केदारनाथ में प्रलय आ गयी , 20000 भक्त मारे गए। भक्त फिर भगवान को सहायता के लिए पुकारते रहे लेकिन कोई भगवान नही आया ।
भक्त मरते रहे और भगवान देखते रहे ?
*आपने सिर्फ अपना घर यानि मंदिर बचाया ?
•अब नेपाल में भूकंप आया ।
-भक्त फिर भगवान से प्रार्थना करने लगे लेकिन कोई भगवान नही आया बचाने ।
*इससे पहले भी भूकंप दंगे फसाद या कोई अन्य त्रासदी होने पर भी सब भगवान को पुकारते रहे लेकिन कभी कोई भगवान नही आया ।
•प्रतिवर्ष धार्मिक स्थलों, तीर्थस्थानों व यात्राओं में भगदड़ और प्राकृतिक आपदाओं से हजारों भक्तों की जान जाती हैं ।मगर बचाने कोई भगवान नही आता हैं।
-इससे क्या सिद्ध होता है ?
*•इससे सिर्फ एक ही बात सिद्ध होती है कि भगवान बचाने को तो आता है; लेकिन सिर्फ मिथकीय किस्से-कहानियों में ।
•अब अगला सवाल होता है कि भगवान कब सहायता करने आता हैं ?
-सीधी सी बात है जब लेखक भांग खाकर धर्मग्रन्थ लिखने लग जाये तब।
•अगला सवाल भगवान किसकी मदद करता है ?
-निष्कर्ष कहता है भगवान पौराणिक कथाओं के सिर्फ अपने जैसे ही काल्पनिक पात्रों की रक्षा करता हैं ।
•अगला सवाल भगवान कहाँ रहता है ?
-ईश्वर का अस्तित्व मानव मस्तिष्क के अलावा कहीं नहीं है। वो कुछ लोगों के दिमाग में डर के रूप में बसे होने के अतिरिक्त मिथकीय (झूठे) किस्से कहानियों में ही रहता है ।
-इन तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष यह निकलता है की यथार्थ और वास्तविकता के धरातल पर न तो कभी किसी ने ईश्वर को देखा है और ना ही कभी कोई भगवान किसी की मदद आयें है।

 

 

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