रोहित वेमुळे की दबाव में हुई मौत पर सारा देश सड़कों पर उतर आया, दलित वर्ग को जिंतना कमजोर करके आंका वो अब उतने कमजोर नहीं निकले| परिणाम सरकार को सफाई देनी पड़ी, आप क्या समझते हैं ये आपके अपने विवेक पर है| आज सरकार से सारा देश ये चाहता है की ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सरकार को सिस्टम दुरुस्त करना चाहिए ,गुनहगारों को सजा देनी चाहिए ताकि ऐसी नाइंसाफी दोबारा न हो, देश आपकी सफाई का क्या करेगा, वहां बैठे हैं तो आप न्याय कीजिये …बुद्धकथाएँ


बुद्धकथाएँ
WP_20160121_002 rohith-vermulaस्मृति ईरानी के बयान के खिलाफ हैदराबाद यूनिवर्सिटी के SC/STके 10 प्राफेसर्स ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही हैदराबाद यूनिवर्सिटी के SC/ST संघ ने मानव संसाधन मंत्री
पर तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया हैं और कहा है प्रोक्टोरियल बोर्ड की जांच कमिटी में कोई दलित शिक्षक नहीं था ,हॉस्टल वार्डर्न का दलित होना मात्र एक सयोग है उस के पास
दलित छात्रों को निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है ?
आखरी “जय भीम” कह कर “रोहित वेमुला” आंबेडकर के मिशन के लिए
शहीद हो गए
क्या है पूरा मामला ?
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के 26 वर्षीय दलित छात्र रोहित वेमुला रिसर्च स्कॉलर थे और सोशियोलॉजी में पीएचडी कर रहे थे । वे आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सदस्य भी थे ,
अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छात्र नकुल सिंह साहनी की फिल्म ‘मुजफ्फरनगर बाकी है’ के दिखाए जाने का समर्थन कर रहे थे। यह फिल्म दिल्ली विश्वविद्यालय में दिखाई जानी थी, जहां एबीवीपी
ने विरोध किया था। फिल्म दिखाने के समर्थन में अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छात्रों ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण एबीवीपी के नेता ने ‘फेसबुक’ पर इन छात्रों को गुंडा
लिख दिया। बाद में एबीवीपी के नेता ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारियों के सामने लिखित माफी मांग ली। मगर अगले ही दिन एबीवीपी के नेता सुशील कुमार ने आरोप लगाया कि अंबेडकर स्टूडेंट्स
एसोसिएशन के तीस छात्रों ने उन्हें मारा-पीटा है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। यह मामला अगस्त 2015 का है।
इन आरोपों की जांच के लिए प्रोक्टोरियल बोर्ड बैठा जिसने पाया कि सुशील कुमार को पीटे जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। मौके पर पहुंचने वाले सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मारपीट की कोई घटना
नहीं हुई है, लेकिन वहां पर उन्होंने भीड़ देखी थी। सबूत नहीं मिला फिर भी अंतिम रिपोर्ट में बोर्ड ने पांच दलित छात्रों को एक सेमेस्टर के लिए निलंबित करने का फैसला किया। उसके बाद इन छात्रों ने
विरोध किया तो पूर्व वाइस चांसलर ने बुलाकर बात की और सजा को नए सिरे से जांच होने तक के लिए वापस ले लिया। 12 सितंबर 2015 को सजा वापस लेने के बाद पूर्व वीसी ने कहा कि नई कमेटी
जांच करेगी। इस बीच 21 सितंबर 2015 को नए वाइस चांसलर प्रो अप्पा राव आ गए, पुराने वाले बदल गए। नए वीसी ने कोई जांच कमेटी नहीं बनाई। विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी समिति ने
अपने स्तर पर फैसला दे दिया और यह पांच छात्र हास्टल से निलंबित कर दिए गए। उनकी फैलोशिप रोक दी गई।
लेकीन मामला तब पलट गया जब कथित तौर पर भाजपा के सांसद और केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी को चिट्ठी लिखी थी, 17 अगस्त को लिखे लेटर में, दत्तात्रेय ने आरोप
लगाया था कि विश्वविद्यालय एक छात्र पर हमले को ‘खामोशी से देखता रहा’। लेटर में यूनिवर्सिटी को ‘अतिवादियों, जातिवादियों और राष्ट्रविरोधी राजनीति’ का गढ़ तक कहा गया।तब यूनिवर्सिटी ने अपना
फैसला पलट लिया था और21 दिसंबर को इन दलित छात्रों को हैदराबाद यूनिवर्सिटी ने छात्रावास से निष्‍कासित कर दिया गया था।यहां तक कि विश्‍वविद्याालय के हॉस्‍टल, मैस, प्रशासनिक भवन और
कॉमन एरिया में भी इनके घुसने पर रोक लगा दी गई थी। इन स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि उनका बाकायदा सामाजिक बहिष्कार किया गया।दलित छात्रों के इस ‘बहिष्‍कार’ के खिलाफ कई छात्र
संगठन विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और इस मुद्दे पर विश्‍वविद्यालय में काफी दिनों से विवाद चल रहा था। रोहित समेत पांचों छात्र अपने निष्‍कासन के खिलाफ कई दिनों से कैंपस में खुले आसमान के नीचे
सो रहे थे।रोहित चुपके से यूनिवर्सिटी के एनआरएस हॉस्‍टल गए और खुद को एक कमरे में बंद कर खुदकुशी कर ली। बताया जाता है कि इससे पहले रोहित की विरोधी गुट के छात्रों के साथ तीखी बहस
हुई थी। पुलिस के मुताबिक, रोहित के पास से पांच पन्‍नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। रोहित की खुदकुशी के लिए अंबेडकर स्‍टूडेंट्स एसोसिएशन ने विश्‍वविद्यालय प्रशासन के रवैये को
जिम्‍मेदार ठहराया है।
इस मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठन के अनुसार हैदराबाद यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर अप्पा राउ भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुराने सदस्य है जिस से फल स्वरूप उन को यह पद प्रपात हुआ है
और इस इलाके की ऊची जाति कुम्हा से तालुक रखते है और दलित छात्रों को हैं हीन भावना से देखते है
दलित छात्र की खुदकुशी के खिलाफ एसएफआई, डीएसयू, एआईएसएफ समेत कई छात्र संगठनों ने राज्‍य व्‍यापी बंद का आह्वान किया है पर इस में भाजपा का छात्र सगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी
परिषद (ABVP‌) शामिल नहीं हुआ है ,इस बीच केंद्रीय मंत्री दत्तात्रेय के अलावा हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति और कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं के
तहत मामला दर्ज किया गया है.
अनुसूचित जाति और जनजाति (एससीएसटी) आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने कहा, “हमने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी लेकिन वो अभी तक नहीं आई है. हमने आज दोबारा रिपोर्ट मांगी है. मै ख़ुद
हैदराबाद जा रहा हूँ और देखूँगा कि किस के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी है.”
कांग्रेस नेता सीपीएन सिंह ने मीडिया से कहा कि देश के कई हिस्सों में दलितों के ख़िलाफ़ गतिविधियों की ख़बरें आ रही हैं.
कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि यदि ये एबीवीपी का विरोध करने के कारण हुआ है तो ये बहुत ही गंभीर मामला है और लोकतांत्रिक परंपराओं के ख़िलाफ़ है.
जो सवाल छूट गए ?
स्मृति ईरानी जी कहती है यह दलित और गैर दलित झगड़ा नहीं था तो फिर करवाई दलित छात्रों पर ही क्यों ?
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में शोध छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी मामले में SC/STके 10 प्राफेसर्स ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि मानव संसाधन मंत्रालय इस मामले में
तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश कर रहा है। ऐसा क्यों ?
स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा कि प्रोटोकॉल कमिटी से लेकर एग्जिक्युटिव काउंसिल और उसकी सब कमिटी तक, कई स्तरों पर यूनिवर्सिटी के दलित प्रफेसर स्टूडेंट्स के निष्कासन संबंधी निर्णय में
शामिल रहे। यूनिवर्सिटी के दलित प्रफेसरों ने स्मृति ईरानी के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। ऐसा क्यों ?
जय भीम

https://www.facebook.com/permalink.php?
story_fbid=1009614419096792&id=642452055813032&substory_index=0
http://www.bbc.com/hindi/indepth/rohith_vemula_dalit_student_ml?ocid=socialflow_facebook

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s