मध्य प्रदेश के दमोह जिले के खमरियां कलां गांव में जात-पात और छूआछूत ने ली दलित बच्चे की जान…नेशनल दस्तक ब्यूरो Date : 2016-03-09


MP damoh dalit boy (1) MP damoh dalit boy (2)छूआछूत ने ली दलित बच्चे की जान

Written by : नेशनल दस्तक ब्यूरो
Date : 2016-03-09

दमोह। आजादी के 70 साल बाद भी समाज में छूआछूत और जातिगत भेदभाव से छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के खमरियां कलां गांव में जात-पात और छूआछूत ने एक बच्चे की बलि ले ली। गांव के सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 8 साल के बच्चे वीरन को स्कूल के हैंडपंप से सिर्फ इसलिए पानी पीने से रोका गया क्योंकि वह दलित समुदाय से आता था। पानी पीने से रोके जाने पर प्यास से तड़पता मासूम वीरन अपनी प्यास बुझाने के लिए कुएं के पास गया पर उसे क्या पता था, कि जिस कुएं से वो अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी निकाल रहा है वही कुआं उसके लिए मौत का कुआं साबित होगा।

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बेड़ीलाल अहिरवार का 8 वर्षीय पुत्र वीरन तेंदूखेड़ा के खमरिया कलां गांव की प्राथमिक स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। वीरन स्कूल में मीड डे मील (मध्याह्न भोजन) खाने के बाद सभी बच्चों के साथ स्कूल की हैंडपंप पर पानी पीने के लिए गया। लेकिन जात-पात जैसी सामाजिक बुराईयों से अंजान मासूम वीरन के साथ जातिगत भेदभाव करते हुए उसे स्कूल के हैंडपंप से पानी नहीं पीने दिया गया। प्यास से तड़पता वीरन अपनी प्यास बुझाने के लिए थोड़ी ही दूर पर स्थित कुएं के पास गया। वीरन अपनी बॉटल में रस्सी बांधकर कुएं से पानी निकालने लगा तभी बॉटल में पानी भरने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह कुएं में जा गिरा। ताज्जुब की बात है कि वीरन कुएं में गिर गया लेकिन किसी भी शिक्षक ने उसकी कोई सुध नहीं ली। इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे जनपद सीईओ मनीष बागरी ने पूरे स्कूल स्टाफ को निलंबित कर दिया।

शिक्षक नहीं भरने देते हैं पानी

गांव के इसी सरकारी स्कूल की 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले वीरन के भाई सेवक ने बताया कि दलित छात्रों को स्कूल के हैंडपंप से पानी नहीं पीने दिया जाता है। दलित बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम डालकर इसी तरह कुएं से पानी निकालकर पीने को मजबूर रहते हैं। सेवक का आरोप है कि स्कूल के हैंडपंप से शिक्षक पानी नहीं भरने देते हैं। फिलहाल विभाग द्वारा स्कूल के प्रधानाध्यापक भोजराज लोधी सहित 6 शिक्षकों को तत्काल सस्पेंड कर दिया है।

दलित बच्चों के साथ शिक्षक कर रहे हैं भेदभाद

वीरन के परिजनों और गांववासियों के मुताबिक स्कूलों में दलित बच्चों के साथ शिक्षकों द्वारा भेदभाव किया जाता है। पहले तो बच्चे शिक्षकों द्वारा जातिगत भेदभाव की शिकायत अपने परिजनों से करते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर बच्चे स्कूल आने से मना करने लगते हैं। बच्चों के साथ हो रहे सामाजिक भेदभाव और छूआछूत के खिलाफ गरीब मां-बाप और करें भी तो क्या करें? प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं और न ही उनके पास बच्चों को शिक्षित करने का कोई दूसरा साधन मौजूद है। थक हारकर बच्चों को उन्हीं सरकारी स्कूलों में भेजना पड़ता है जहां कोई धार्मिक कट्टरपंथी कथित उंची जाति का शिक्षक उन बच्चों के साथ भेदभाव करने के लिए बैठा है।
Source http://www.nationaldastak.com/news-view/view/dalit-student-denied-water-the-well-reached-drowned,-death/

for more:

http://www.ibnlive.com/news/india/madhya-pradesh-denied-water-from-school-hand-pump-dalit-boy-drowns-in-well-1214257.html

http://www.hindustantimes.com/bhopal/dalit-boy-not-allowed-water-from-school-hand-pump-drowns-while-drinking-from-well/story-9KLdKKDT9BazWAPy56ZxDP.html

http://www.hindustantimes.com/bhopal/children-bear-the-brunt-of-caste-abuses-in-rural-mp/story-kx7ViJFX8jjxuybmBBNLAO.html

http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Thirsty-dalit-boy-drowns-in-well-after-denied-water-from-school-hand-pump/articleshow/51334622.cms

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