हमे यह बात सोचनी होगी.., क्या भारत सहित विश्व मे प्रसारित किया जा रहा बोद्ध धम्म क्या वही है, जो तथागत ने अपने शिष्यों को दिया था..?? बुद्धिजम पर ब्राह्मणों ने कब्जा बहुत पहले ही कर लिया था, बुद्ध के बाद बुद्धिजम दो शाखाओ मे विभाजित हो गया था, एक का नेतृत्व ब्राह्मणों के पास रहा जो महायान कहलाया और दूसरी शाखा जो मूल बुद्धिजम को प्रसारित करती थी उसे हीनयान या थेरवादी के नाम से जाना गया.. सम्राट अशोक ने थेरवादी बुद्धिजम को अपनाया था.


हमे यह बात सोचनी होगी.., क्या भारत सहित विश्व मे प्रसारित किया जा रहा बोद्ध धम्म क्या वही है, जो तथागत ने अपने शिष्यों को दिया था..?? क्या यह वही बुद्धिजम है, जिसे बाबासाहब ने अपने लाखों अनुयाईओ के साथ अपनाया था..?? बाबा साहब को अपने अनुयाईओ को बाईस प्रतिज्ञा देने की जरूरत क्यों पड़ी??

दरअसल बुद्धिजम पर ब्राह्मणों ने कब्जा बहुत पहले ही कर लिया था, बुद्ध के बाद बुद्धिजम दो शाखाओ मे विभाजित हो गया था, एक का नेतृत्व ब्राह्मणों के पास रहा जो महायान कहलाया और दूसरी शाखा जो मूल बुद्धिजम को प्रसारित करती थी उसे हीनयान या थेरवादी के नाम से जाना गया.. सम्राट अशोक ने थेरवादी बुद्धिजम को अपनाया था..

सम्राट बृहदरथ की हत्या के बाद भारत मे पृष्यमित्र शृंग द्वारा बौद्धों की कत्लेआम हुई थी.. और भारत मे बुद्ध के समता-मानवतावादी बहुजन हिताय बहुजन सुखाय के आदर्श पर टीके थेरवादी बुद्धिजम की जगह ब्राह्मणों के आधीन अंधश्रद्धा और पाखंड को बढ़ावा देने वाले डुप्लिकेट बुद्धिजम को प्रसारित किया गया.. जबकि सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा ने श्रीलंका मे थेरवादी बुद्धिजम को प्रसारित किया..

बाबासाहब जानते थे कि, बुद्धिजम मे भी ब्राह्मणों ने घुसपेठ की थी, और भविष्य मे भी करेंगे ऐसा अंदेशा पाकर ही बाबा साहब ने ब्राह्मण धर्म को नेस्तनाबूद करने वाली बाईस प्रतिज्ञाओ को अपने अनुयाईओ के सामने रखा..

और बाबासाहब का यह अंदेशा बिलकुल सही था, आज भारत सहित विश्व मे बुद्धिजम की थेरवादी शाखा से ज्यादा ब्राह्मणों के आधीन और जिस पर ब्राह्मण धर्म का सबसे ज्यादा प्रभाव है, वैसे ब्राह्मणों के  लामा के बुद्धिजम का प्रसार किया जा रहा है..

हद तो तब होती है, जब इस बहुजन समाज के तथाकथित बुद्धिजीवी ऐसे लामा को न्योता देकर उसके साथ मंच साझा करते है..!

-कीर्ति कुमार

बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर दवरा रचित ग्रन्थ “बुद्ध और उनका धम्म ” अंतिम रेफरेंस माना जाता है इसके आलावा आप निम्न लिंक से भी असली बौद्ध धम्म को जान सकते हैं

http://www.goodquestiongoodanswer.net/content.php

 

http://oshoworld.com/discourses/audio_hindi.asp?album_id=30

 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s