आरक्षण विरोधी मेरिट का रोना रोने वाले ब्राह्मणवादियों सुनो:- झांसी का एक ऐसा मूलनिवासी (दलित) परिवार है जिसने देश को पांच पीएचडी स्कॉलर दिया। इस परिवार को लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड मेंं शामिल किया गया।तुमने मौका छीनकर दलित बनाया, बाबा साहब ने मौका देकर इनको बौद्ध बनाया,अब समझे सारा खेल मेहनत और मौके का है,जात और जन्म से कोई श्रेस्ट नहीं होता|


5-phd-in-1-dalit-family
wp_20160908_001एक परिवार में सबसे ज्यादा पीएचडी का सम्मान दलित परिवार को, लिमका बुक में मिली जगह

एक  दलित परिवार जिसने देश को पांच पीएचडी स्कॉलर दिया। इस परिवार को लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड मेंं शामिल किया गया। झांसी के रहने वाले भगवानदास अहिरवार पांच बच्चों ने उच्च शिक्षा हासिल कर इतिहास रच दिया।

झांसी के रहने वाले एक दलित माता-पिता के पांच बच्चों ने पीएचडी की डिग्री हासिल कर इतिहास रच दिया। अब इसे लिमका बुक में शामिल किया गया है।

भगवानदास अहिरवार ने जब साल 1973 में नौकरी शुरु की थी तो उनकी इतनी कमाई नहीं थी जिससे वे अपने परिवार की जरुरतों को पूरी कर सकें। उनकी आमदनी मात्र 165 रुपए प्रति महीने थी। सालो साल उनके आमदनी में कोई बदलाव नहीं आया। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उनके पांच बच्चों ने उच्च शिक्षा हासिल की।

तमाम आर्थिक परेशानियों के बावजूद भगवानदास के पांच बच्चों ने पीएचडी की डिग्री हासिल की जो राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड है।

लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड ने परिवार के कमाल के देखते हुए उन्हें 21 अगस्त को प्रमाण पत्र सौंपा जो एक ही परिवार में सबसे ज्यादा पीएचडी हासिल करने वाले का रिकॉर्ड है।

सबसे दिलचस्प बात है कि भगवानदास ने मात्र बारहवीं तक पढ़ाई की थी लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। स्कूल से असिस्टेंट क्लर्क के पद से रिटायर हुए भगवानदास ने कहा कि उन्होंने बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

भगवानदास का कहना है कि वे हमेशा बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का सपना देखते थे। भगवान मुझ पर मेहरबान थे कि मुझे तेज तर्रार बच्चों से नवाजा।बाबा साहब के संविधान का अहसान है

भगवानदास झांसी में रहते हैं और गली-मुहल्लों में घुमने वाले बच्चों को मुफ्त शिक्षा देते हैं।

भगवानदास अहिरवार के सबसे बड़े लड़के मुकेश की उम्र 43 साल है। मुकेश ने मैनेजमेंट स्टडीज में पीएचडी की डिग्री ली और वे वाराणसी में अधिकारी के तौर पर पोस्टेड है। मुकेश इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन अहिरवार इसके लिए ज्यादा पैसा खर्च करने में असमर्थ थे। मुकेश आगरा से ग्रेजुएट हुए और साल 2013 में पीएचडी की डिग्री ली।

मुकेश कहते हैं कि यह हम सबके लिए बेहतर क्षण है। हमलोगों का संबंध बहुत ही निचले दर्जे के परिवार से है लेकिन हमारे माता-पिता ने उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए हमेशा प्रेरित किया। इसके लिए उन्होंने पूरी सुविधा दी। मुकेश ने कहा कि अगर कोई ईमानदारी से कठोर मेहनत करता है तो उसे लक्ष्य जरुर मिलती है।

मुकेश की बहन रागिनी (40) ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से साल 2006 में पीएचडी की डिग्री जुलोजी में हासिल की। फिलहाल वह गाजीपुर के पीजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।

वहीं रागिनी की छोटी बहन मोहिनी (38) साल 2007 में बोटानी में पीएचडी की डिग्री ली। मोहिनी अपने पति के साथ फिलहाल सिंगापुर में है। यहां वे वन विभाग में सीनियर रिसर्च स्कॉलर के तौर पर है।

उधर अनिल (36) पंजाब यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर है। अनिल ने जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में इसी साल पीएचडी किया है।

अहिरवार की सबसे छोटी बेटी सोहिनी (34) ने आईआईटी रुड़की से सोशियोलॉजी में साल 2015 पीएचडी किया। सोहिनी लखनऊ विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।

4 thoughts on “आरक्षण विरोधी मेरिट का रोना रोने वाले ब्राह्मणवादियों सुनो:- झांसी का एक ऐसा मूलनिवासी (दलित) परिवार है जिसने देश को पांच पीएचडी स्कॉलर दिया। इस परिवार को लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड मेंं शामिल किया गया।तुमने मौका छीनकर दलित बनाया, बाबा साहब ने मौका देकर इनको बौद्ध बनाया,अब समझे सारा खेल मेहनत और मौके का है,जात और जन्म से कोई श्रेस्ट नहीं होता|

    • BAHUT BADHIA SAHAB, YE SUNKAR HAMARE DUSHMANO KA PASEENA CHOOT JAEGA AUR BHAYBHEET HO JAENGE. AAPKA BAHUT BAHUT DHANYAVAD, JAY BHEEM JAY MOOLNIVSI, NAMO BUDDHAY.

  1. BAHUT BADHIA SAHAB, YE SUNKAR HAMARE DUSHMANO KA PASEENA CHOOT JAEGA AUR BHAYBHEET HO JAENGE. AAPKA BAHUT BAHUT DHANYAVAD, JAY BHEEM JAY MOOLNIVSI, NAMO BUDDHAY.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s