“ट्रोलर” शब्द को जानों ये वो लोग हैं जो सोशल मीडिया पर भीड़ बनाकर ब्राह्मणवाद विरोधी बातों करने वाले लोगों को गन्दी गली देते हैं ,धमकाते हैं , ताकि उसे लगे की वो अकेला और बेचारा है, और डर से वो सत्य बोलने बंद कर दे | ऐसे ट्रोल करने वालों के नाम डॉ ओम सुधा की प्यार भरी पाती ….डॉ. ओम सुधा


(मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया में ट्रोल की परिभाषा :
ट्रॉल इण्टरनेट स्लैंग में ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी ऑनलाइन समुदाय जैसे चर्चा फोरम, चैट रुम या ब्लॉग आदि में भड़काऊ, अप्रासंगिक तथा विषय से असम्बंधित सन्देश प्रेषित करता है। इनका मुख्य उद्देश्य अन्य प्रयोक्ताओं को वाँछित भावनात्मक प्रतिक्रिया हेतु उकसाना अथवा विषय सम्बंधित सामान्य चर्चा में गड़बड़ी फैलाना होता है। हमलावर प्रेषक के अलावा संज्ञा ट्रॉल का प्रयोग भड़काऊ सन्देश के लिये भी हो सकता है, जैसे “तुमने शानदार ट्रॉल पोस्ट किया”। यद्यपि शब्द ट्रॉल तथा इससे सम्बद्ध कार्य ट्रॉलिंग मुख्यतः इण्टरनेट सम्भाषण से जुड़े हैं, परन्तु हालिया वर्षों में मीडिया के अवधान ने इन लेबल का प्रयोग ऑनलाइन दुनिया से बाहर भी भड़काऊ एवं उकसाऊ कार्यों से जोड़ दिया है। )

troll-centre


प्रिय ट्रोलरों, 

आज आपको यह ख़त लिखते हुए मैं भावुक हुआ जा रहा हूँ। अरे नहीं भाई, मैं मज़ाक नहीं उड़ा रहा हूँ। बल्कि, ये सच है। इसका सबसे बड़ा कारण ये है की वो आप ही हैं जिसने सोशल मीडिया पर मेरी पहचान बनाने में सबसे ज्यादा मदद की है। आप ट्रोलर ना होते तो हम कहाँ होते। जब भी मैंने कोई पोस्ट लिखा आप अपने अद्भुत-अनोखे गालियों के साथ आ गए और हमें गालियों से ही टोल दिया।
विद्या कसम खाकर कहता हूँ की मेरे जिस पोस्ट पर आपलोगों ने मुझे गालियाँ नहीं डी हैं, उसे सौ लाईक भी नहीं मिले हैं। सोशल मिडिया पर आपलोगों की महिमा अपरम्पार है। आपलोग कभी अकेले आते हैं कभी टोलियों में आते हैं। कसम से जिसदिन आप अपनी टोली के साथ मेरे किसी पोस्ट पर गालियों से आक्रमण करते हैं उस दिन मेरे पोस्ट की बल्ले बल्ले हो जाती है। आपलोगों के टोली निर्माण की प्रक्रिया भी अनुकरणीय है।
आप अपने बंधू ट्रोलर को कमेन्ट में टैग करके बाकायदा उनको निमंत्रण देते हैं। कसम से भाई साब मैं आपलोगों के उस तरीके का कायल हो गया हूँ। फिर तो धडाधड गालियाँ, एक से एक गालियाँ। दिन बन जाता है मेरा। फिर उस दिन मेरे फोल्लोवेर भी बढ़ जाते हैं। मेरे निर्माण में आपलोगों का जो अमूल्य योगदान है मैं साथ जनम में भी उस एहसान को नहीं चुका पाउँगा।
लोग आपको चाहे जो कहें पर आपकी भाषा का मैं कायल हूँ। कमाल की शब्दावली है आपकी। अद्भुत गालियाँ , मैं तो आपलोगों की क्रियेटिविटी पर हैरान हूँ। मुझे इस बात का बहुत दुःख है की आपलोगों की इस प्रतिभा को अबतक यथोचित सम्मान नहीं मिल पाया है। आपलोगों पर तंज कसने वालों ने कभी सोचा है की  आपलोग ना होते तो भारत में गालियों की समृद्ध परम्परा का कब का सत्यानाश हो गया होता। वो आप ही हैं की गालियों को ना केवल बचाया है बल्कि सोशल मिडिया पर इसे व्यापकता भी दी है।
आपलोगों से पूछने के लिए वैसे तो मेरे पास बहुत से सवाल हैं, पर आजकल सवाल पूछना देशद्रोह है इसलिए आग्रह पूर्वक एक दो बात पर आपसे जानकारी लेकर अपना ज्ञानवर्धन करना चाहता हूँ।  मैं यह जान्ने के लिए बहुत उत्सुक हूँ की  आपलोगों का गाली देने का कोई ओफ्फिसियल आवर है। जैसे हमलोग नौकरी पर जाते हैं दस से पांच या कभी भी आप गाली दे देते हैं।  आपलोग अपना नेट पैक खुद भरवाते हैं या कोई और डलवा देता है?
आपलोग किसी ऑफिस में बैठकर ट्रोलिंग करते हैं या कहीं से भी ? आपलोगों को ट्रोलिंग की ट्रेनिंग डी जाती है या ऐसे ही शुरू हो जाते हैं? आपलोगों का वेतन कैसे निर्धारित होता है। पर गाली कमीशन है या फिर मंथली पेमेंट मिलता है ? सवाल तो बहुत हैं पर मैं देशद्रोही होने का रिस्क नहीं ले सकता हूँ।
मेरी दिलचस्पी यह जान्ने में भी है की  आप अपने घर में इसी भाषा और इन्ही शब्दों का इस्तेमाल करते होंगे। भाई, पिता, बेटे के साथ ऐसी भाषा बोलते हैं तो चलेगा आखिर आपने उन्ही से सिखा होगा पर आपसे मेरा व्यक्तिगत  आग्रह है की अपने घर की महिलाओं के साथ ऐसे शब्दों का प्रयोग मत करियेगा। और हाँ, ये भी ध्यान रकियेगा की किसी माध्यम से उनको पता न चले की आप ऐसी भाषा में लिखते हैं। उनको बुरा लगेगा…

बहरहाल , थोडा लिखा है ज्यादा समझिएगा…

भारत माता की जय।।

                आपका अपना

Dr OM Sudha
डॉ ओम सुधा

 

(लेखक दलित चिंतक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

http://www.nationaldastak.com/story/view/dr-om-sudha-s-open-letter-to-trollers

 

इनके फेसबुक वेबपेज पर जाने का लिंक नीचे दिया है https:// http://www.facebook.com/IamWithRavishKumar/

6 thoughts on ““ट्रोलर” शब्द को जानों ये वो लोग हैं जो सोशल मीडिया पर भीड़ बनाकर ब्राह्मणवाद विरोधी बातों करने वाले लोगों को गन्दी गली देते हैं ,धमकाते हैं , ताकि उसे लगे की वो अकेला और बेचारा है, और डर से वो सत्य बोलने बंद कर दे | ऐसे ट्रोल करने वालों के नाम डॉ ओम सुधा की प्यार भरी पाती ….डॉ. ओम सुधा

  1. बेहद अछा लेख है सर।
    समयबुद्धा जी क्या हम भी आपको लेख भेज सकते है?

  2. बेहतरीन जवाब
    बुराई को बुराई से नही बल्कि अच्छाई से ही ख़त्म किया जा सकता है,इस बात को आपने साबित कर दिया।
    हम आपके साथ है

  3. bahut accha sir ji. mere khyal se ab vo log aapko jyada gali nahin denge, aapne is prakar se unke gali par lagam lagaya hai. jay bheem jay moolnivasi, namo buddhay.

  4. aap aise hi pyare pyare lekh likhate rahein aur ham logo ka gyanvardhan karte rahein aur sir agar aap hamein akele mein batana chahate ho to hame hamare gmail account pe hindi mein batana. jay moolnivasi.

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