हाथी तो अपना साथी है, सदा से रहा है सदा ही रहेगा


B732A3 Bull elephant in the Zambezi

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1. हाथी जमीन पर रहने वाला सबसे बड़ा पशु है
2.
3. हाथी अकेला ऐसा प्राणी है जो उछल नहीं सकता
4. हाथी का दिमाग काफी विकसित होता है जो इंसान के दिमाग से करीब 3 – 4 गुना बड़ा होता है लेकिन हाथी के शरीर के हिसाब से छोटा ही है
5. हाथी का दिल एक मिनट में केवल 27 बार धड़कता है जो इंसान की तुलना में काफी कम है
6. हाथी की खाल एक इंच मोटी होती है
7. हाथी की द्रष्टि अपेक्षाकृत कमजोर होती है लेकिन सूंघने की क्षमता तेज होती है
8. 16 वर्षीय हाथी वयस्क होता है और बच्चे पैदा कर सकता है
9. हथिनी पूरे जीवन में केवल चार बच्चे ही पैदा कर सकती है
10. हथिनी की गर्भावस्था 22 महीने की होती है जो सबसे ज्यादा है
11. हाथी के बाहरी दो दांत पैने होते हैं जो स्वयं की रक्षा करने, चीजें उठाने और पानी खोदने के काम आते हैं
12. हाथी की दाढ़ का वजन ईंट के बराबर होता है
13. हाथी की सूंढ़ में 40,000 मांसपेशियां होती हैं
14. हाथी अपनी सूंढ़ का प्रयोग पानी पीने और चीजें उठाने के लिए करता है
15. हाथी रोता भी है, हँसता भी है खेलता भी है
16. हाथी अच्छे तैराक होते हैं
17. हाथी के पैर थोड़े गद्देदार होते हैं जो वजन सँभालने और तेज चलने में मदद करते हैं
18. हाथी एक वफादार जानवर है
19. हाथी को लोगों की अच्छी पहचान होती है, हाथी अपने दोस्त और दुश्मन को कभी नहीं भूलता
20. हाथी के दांत सोने से भी कीमती होते हैं
21. हाथी दांत के लिए हाथियों की हत्या कर दी जाती है
२२. हाथी 70 साल तक जीवित रहते हैं

 

हाथी और बौद्ध परंपरा

प्राचीन काल के इतिहास में हाथी बौधों का प्रतीक था और शेर ब्राह्मणवाद का प्रतीक, उस जमाने के ब्राह्मणवादी राजाओं ने ऐसी मूर्तियां बनवाई थी जहाँ हाथी शेर से परास्त होता दिखे, ओर्रिसा के कोमार्क मंदिर के दरवाजे पर ऐसी ही मूर्ती आज भी देखि जा सकती है |बौद्ध संस्कृति में हम ‘हाथी’ को कई प्रकार के राजनेतिक एव धार्मिक चिन्ह के रूप में प्रयोग इसलिए करते हैं क्योंकि हमारी हिंसा जंगल में हाथी की हिंसा के सामान है|जिस तरह हाथी मासाहारी जानवरों की तरह पहल करके हिंसा नहीं करता पर जब उसे छेड़ा जाए तो वो इतना हिंसात्मक हो जाता है की सब तहस नहस कर डालता है| उसी तरह भारत का बहुजन या बौद्ध भी है पहल करके बिना वजह हिंसा नहीं करता|हाथी की हिंसा में ध्यान देने वाली बात ये है की उसको हिंसा की जरूरत इसलिए नहीं पड़ती क्योंकि उसकी ताकत का सबको अंदाजा होता है,ये बात हिरन पर लागू नहीं हो सकती|इसीलिए किसी ने सही कहा है की अगर शांति चाहिए तो युद्ध के लिए तयार रहो|”

भारत में जब अनार्य/बौद्धों की क्रांति हुई और अनार्यों ने जब आर्यों से सत्ता अपने हाथों में ली तब उन युद्धों में “हाथी” का बड़ा योगदान था| हमारे सम्राट अशोक महान की सेना को इतिहासकार ELEPHANT WARRIORS अर्थात हाथी वाले योद्धा कहते थे|

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