बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को धम्म क्रांति दिवस 14-oct-1956 को बौद्ध धर्म की दीक्षा देने वाले बौद्ध भिक्षु भदन्त गलगेदर प्रज्ञानन्द का गुरुवार ३० नवम्बर को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लाखनउ में निधन हो गया, वह 89 वर्ष के थे। …समयबुद्धा मिशन


बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा देने वाले बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानन्द का गुरुवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में निधन हो गया। वह पिछले पांच दिनों से केजीएमयू में भर्ती थे। वह 89 वर्ष के थे। उनका पूरा नाम भदन्त गलगेदर प्रज्ञानन्द था।

उनका जन्म श्रीलंका में 18 दिसम्बर 1928 में हुआ था। वह 13 वर्ष की आयु में बुद्ध की पुण्य भूमि, भारत में बौद्ध भिक्षु बनकर आये। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन धम्म उत्धान को समर्पित कर दिया।
वह भारतीय बौद्ध समिति, लखनऊ के अध्यक्ष, श्रावस्ती चाइनीज बुद्ध विहार के अध्यक्ष एवं भारतीय बौद्ध शिक्षा परिषद, जेतवन इंटर कॉलेज श्रावस्ती के संस्थापक एवं बुद्ध विहार रिसालदार पार्क, लखनऊ के विहार के जीवन पर्यन्त अध्यक्ष रहे।
भदंत प्रज्ञानंद ने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को 14 अक्टूबर, 1656 को लाखों अनुयायियों के साथ नागपुर में धम्म-दीक्षा दी थी। प्रज्ञानंद भंते बाबा साहेब की धम्म-दीक्षा समारोह में उपस्थित सप्त वर्गीय भिक्षुओं में से एकमात्र जीवित धम्म के प्रचारक व महानायक थे। बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर धम्म-दीक्षा से पूर्व भी 18 अप्रैल, 1948 एवं 1951 में रिसालदार पार्क, लखनऊ में आशीर्वाद लेने के लिए पूज्य भंते जी की शरण में आए थे। बौद्ध धम्म के अनुयायियों में पूज्य भंते के निधन का दुखद समाचार से शोक की लहर फैल गई है। उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रिशालदार पार्क स्थित बौद्ध विहार में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है।
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