जिस अम्बेडकरवादी भाई ने दलितों को समझाया की देवी देवताबाजी की बजाये शिक्षा और ज्ञान पर ध्यान दो डॉ आंबेडकर और बुद्ध तक पहुँचो , उसको हिन्दू रक्षक आतंकीयो द्वारा मार मार के जय श्री राम बुलवाने वाली घटना टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी है ,इस पोस्ट में उसकी कटिंग प्रस्तुत है

बहुजन समाज के अजेय योद्धा जिन्होंने मनुवादी सांस्कृतिक साम्राज्यवाद को कभी भी स्वीकार नहीं किया, आज बहुजन दर्शन, विचारधारा और रणनीति से लैस हो कर ब्राह्मणवाद को अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती दे रहे हैं इन्होने मनुवाद के सामने अस्तित्व का संकट पैदा कर दिया है जिस कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है.

जिस अम्बेडकरवादी विपिन ने दलितों को समझाया की देवी देवताबाजी मन्दिरबाजी की बजाये शिक्षा और ज्ञान पर ध्यान दो डॉ आंबेडकर और बुद्ध तक पहुँचो , उसको हिन्दू रक्षक आतंकीयो द्वारा दलित के मार मार के जय श्री राम बुलवाने वाली घटना टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी है ,इस पोस्ट में उसकी कटिंग प्रस्तुत है

आप सभा को अपने जीवन में डॉ आंबेडकर द्वारा दिलवाई गयी बाइस प्रतिज्ञा को जानना समझना और मानना चाहिए, देवी देवताबाजी छोड़ना भी इन प्रतिज्ञाओं में शामिल है । कानूनन कोई भी अपनी मर्जी से अपनी धार्मिक मान्यताएं चुन सकता है ये संवैधानिक अधिकार है इस देश में ।