N: किताबें खरीदने का लिंक

डॉ भीमराव अम्बेडकर के साहित्य के साथ गर्मियों की छुट्टियाँ बिताएं –

किसी भी देश का अर्थ होता है वहाँ का समाज और डॉ भीमराव अम्बेडकर के कार्य, उनका जीवन और उनका साहित्य जरुरी है भारत के समाज को समझने के लिए। –

प्रत्येक वर्ष आप गर्मियों की छुट्टियाँ किसी न किसी रूप में बिताते हैं। मुझे याद है कि मैं बचपन में अपनी माँ की बुआ के घर हापुड़ रहने गया था। वहाँ मैं और मेरी मौसी कॉमिक बुक्स पढ़ते थे। तप्ति गर्मी में मैं साईकल पर जा कर कॉमिक पुस्तकें लेकर आता था और उन्हें पढ़ता था। बहुत सी छुट्टियों में मैं अपने शहर से बाहर घूमने भी गया और बहुत सी छुटियों में मैं पुस्तकों की दुकान लगाया करता था। परन्तु एक बात का अफ़सोस जो मुझे बड़े होने पर हुआ वह यह था कि मेरा महत्वपूर्ण समय व्यर्थ हुआ और हमारे बड़े हमें सही प्रकार कोई दिशा नहीं दिखा पाए। सबसे ज्यादा अफ़सोस मुझे इस बात का है कि मुझे डॉ भीमराव अम्बेडकर के साहित्य का बहुत देरी से पता चला। शायद इसका कारण यह है कि घर में और रिश्तेदारों में लोगों के सरकारी नौकरी में होने पर भी उनमें साहित्य को लेकर न ही तो कोई विशेष रूचि ही थी और न ही समझ। साहित्य में अरुचि का एक कारण यह भी है कि हिंदी साहित्य जो भारतियों द्वारा लिखा गया उसमें कहीं-न-कहीं खोखलापन भी है, क्योंकि उसमें साहित्यकार के चिंतन से ज्यादा कहीं-न-कहीं इस बात का विशेष महत्त्व है कि साहित्य अवार्ड पाने के लिए या ग्रांट के लिए लिखा गया। इसलिए मेरे जैसे अनेक भारतियों को हिंदी का सही साहित्य नहीं मिल पाया और न ही उन्हें सही दिशा ही मिल पाई।
एक लेखक समाज को नई दिशा देता है। वह रूढ़ियों को तोड़ता है। वह कमजोर का सहारा बन कर अपनी कलम से उसका युद्ध लड़ता है। वह आनेवाली पीढ़ी के लिए ऐसे संसार की रचना करता है जो सुखदायी हो। वह आनेवाली पीढ़ी के दिमागों को ऐसे तैयार करता है कि वह अपना एक सुन्दर संसार बसा सकें। एक लेखक एक पिता और माता होता है जो पाठक को अपनी संतान के सामान प्रेम करनेवाला होता है। एक लेखक निःस्वार्थ होता है। एक लेखक एक दार्शनिक, विचारक, नेता, वैज्ञानिक और भविष्यवक्ता होता है। एक लेखक समस्त विश्व का आंकलन करता है और उसकी कमियों को उजागर करके सही मार्ग बताता है। उसका लेखन किसी भी रूप में प्रकट हो सकता है, चाहे वैज्ञानिक, सामाजिक, राजनैतिक, व्यावसायिक या ऐतिहासिक। परन्तु सभी प्रकारों में उसकी भावना वही होती है जो कि ऊपर प्रकट की गई है। और ऐसी भावना की कमी एक खोखला लेखन प्रस्तुत करती है। परन्तु डॉ भीमराव अम्बेडकर के लेखन में न केवल यह सभी गुण हैं बल्कि ऐसे अनेक गुण जिनका आंकलन लगा पाना मुश्किल है।
ज़रा सोचिए कि आखिर बाबा साहिब डॉ भीमराम अम्बेडकर को चालीस के दशक में “व्हाट काँग्रेस एंड गांधी हॅव डॉन टू द अनटचेबल्स?” (काँग्रेस और गांधी ने अछूतों के लिए क्या किया?) पुस्तक लिखने की क्या आवश्यकता थी? क्या वह पुस्तक मात्र राजनैतिक कारणों के लिखे गई होगी? क्या लोगों ने कभी यह सोचा होगा कि अगले सत्तर वर्ष भारत पर काँग्रेस का शासन चलेगा? क्या ‘राउंड टेबल कांफ्रेंस’ (गोलमेज सम्मलेन) में अछूतों को अधिकार मिलने के बाद भी किसी ने यह सोचा होगा कि सतर वर्षों के बाद भी उन पर इस प्रकार अत्याचार होंगे कि कहीं उनकी महिलाओं को मात्र इसलिए निर्वस्त्र करके घुमाया जाएगा क्योंकि उनके परिवार के एक युवक ने हिन्दुओं की किसी ऊँची जात की कहलानेवाली जाती की एक युवती से विवाह किया अथवा यह किसी ने सोचा होगा कि अछूतों को हिन्दुओं की ऊँची जातिया ट्रेक्टर के नीचे कुचल कर मारेगी? नहीं। यह शायद किसी ने नहीं बल्कि डॉ भीमराव अम्बेडकर ने जरूर सोचा होगा। उन्हें पता था कि भविष्य में काँग्रेस किसी सांप की तरह भारत को जकड़ लेगी और हिन्दू धर्म में अछूतों (अनुसूचित जाती के लोगों) पर अत्याचार नहीं रुकेंगे। चूँकि काँग्रेस कुछ और नहीं बल्कि ब्राह्मणों की ही पार्टी का एक नाम है, इसीलिए बाबा साहिब ने अपनी आनेवाली संतानों को इस पार्टी का इतिहास और इसकी मंशा बताने के लिए यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल आज के अछूतों, बल्कि प्रत्येक भारतीय को पढ़नी चाहिए क्योकि हमारा भविष्य राजनैतिक पार्टियों के हाथों में ही है।
इसी प्रकार डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपनी अन्य पुस्तकों की रचनाएँ की। उनके भाषण और लेख समाज को ऐसी नई दिशा देनेवाले हैं जिस पर आज का भारत टिका है। आज का भारत टिका है तो केवल इसी सिद्धांत पर कि भारत में जात-पात में बंटा समाज कितना एकजुट होता है। हमारी एकजुटता ही हमें मजबूत बनाती है। और यह एकजुटता न हिन्दू धर्म में ही है और न ही इस्लाम या अन्य धर्मों में। धर्म भारत को तोड़ते है। भारत के लोगों को जरुरत है डॉ अम्बेडकर जैसा सामाजिक वैज्ञानिक बनाने की जो कि समाज का विश्लेषण कर उसकी समस्याओं को उसी प्रकार समझता और हल करता है जैसा कि एक वैज्ञानिक अथवा डॉक्टर। और यह दृष्टिकोण लोगों में पैदा करता है उनका साहित्य।
तो आप भी यह सोचिए कि आप और आपका परिवार गर्मियों की छुट्टियां कैसे बितानेवाले हैं? घूमना-फिरना भी जीवन का एक अभिन्न अंग है परन्तु यदि आप समय पढ़ने में लगाना चाहते हैं तो यह बात सोचें कि आपको उसकी जरुरत क्यों है और आप किस प्रकार का साहित्य पढ़ें। डॉ अम्बेडकर के लेखन के साथ-साथ उनके जीवन और कार्यों पर भी बहुत सी अच्छी पुस्तके हैं जो कि उनके जीवन और कार्यों के बारे में विस्तार से बताती हैं।
डॉ भीमराम अम्बेडकर के क़दमों पर चल कर बहुत से लेखकों ने अपनी कृतियों की रचनाएँ की जो कि समाज और राजनीती के साथ धर्म को भी एक नए दृष्टिकोण से देखते हैं। हो सकता हो कि किसी को लगे कि आखिर उसे यह सब पढ़ने की क्या आवश्यकता है? परन्तु यह सब पढ़ना जरुरी है क्योंकि हम सब ही समाज, धर्म और राजनीती के बीच फंसे हैं और जब तक हम इनको नहीं समझते इनसे बहार नहीं निकल सकते और एक सुन्दर भविष्य की रचना नहीं कर सकते। इसी क्रम में डॉ अम्बेडकर के बौद्ध धम्म को अपनाने के पश्चात न केवल लाखों लोग ही बौद्ध बने बल्कि कई लेखकों ने नए सिरे से भारत के इस धम्म को देखना शुरू किया जिसने कि विश्व के एक बड़े भू-भाग को प्रकाशमान किया। उन लेखकों ने न केवल पाली के ग्रंथों का अध्यन्न करके तिपिटक साहित्य को हिंदी में अनुवादित ही किया बल्कि बौद्ध धम्म पर भी अनेक नई कृतियाँ रची जो कि अध्यात्म से लेकर सामाजिक संरचना तक को समझाती है। इतने विशाल साहित्य के साथ आज एक और साहित्य जुड़ गया है और वह है व्यवसाय और निवेश की शिक्षा देनेवाला साहित्य जो कि पिछड़े और शोषित समाज को धन बनाने और बढ़ाने की शिक्षा देता है। ज़रा सोचिए कि यदि आपमें बचपन से ही व्यवसाय और निवेश की शिक्षा के गुण आ जाएं तो आप कैसे धन पर काबू पा सकते हैं।
तो इस प्रकार आप यह निश्चय करें कि आप घूमने-फिरने के साथ-साथ कैसे अपने समय का सदुपयोग करनेवाले हैं। यदि आप डॉ अम्बेडकर का और अन्य साहित्य पढ़ना चाहें तो नीचे आपको इसका विवरण मिल जाएगा। आप न केवल आज हैं बल्कि आनेवाली पीढ़ी का कल हैं। यह निश्चय करें कि आपको आनेवाले पीढ़ी का कल कैसा बनाना हैं ? आपको किस समाज की और किस संसार की रचना करनी है। क्योंकि यदि आप ने अपनी पीढ़ी का ध्यान नहीं रखा तो आपका ही भविष्य कोई और आने हिसाब से चलाएगा। इसलिए जरुरत के कि कल के लिए आज से ही तैयार होने की। कल के समाज का आज से ही निर्माण करने की। आनेवाली पीढ़ी को सही प्रकार तैयार करने की। – निखिल सबलानिया
डॉ भीमराव अम्बेडकर का साहित्य खरीदने और डाक द्वारा प्राप्त करने के लिए संपर्क करें: मोबाईल : 8527533051(इस नंबर से आप वाट्सअप पर सूचि प्राप्त कर सकते हैं), लैंडलाइन (नई दिल्ली: निकट रामकृष्ण आश्रम मेट्रो स्टेशन गेट नंबर ): 01123744243, ईमेल (अथवा फेसबुक): sablanian@gmail.com

A. डॉ. भीमराव अम्बेडकर की लिखित पुस्तकें व भाषण
1. कांग्रेस और गांधी ने अछूतों के लिए क्या किया ? (रु 200)
2. अछूत कौन और कैसे? (रु 75)
3. शूद्रों की खोज (रु 150)
4. जातिभेद का बीज्नाश (रु 60)
5. आंबेडकर की आत्मकथा (रु 30)
6. बुद्धा और कार्ल मार्क्स (रु 30)
7. डॉ. आंबेडकर के प्रेरक भाषण (मराठी भाषणों का हिंदी अनुवाद) : रु 150.
8. हिन्दू धर्म की पहेली (रु 200 )
9. साम्प्रदायिकता और उसकी गुत्थी (रु 35)
10. राज्य और अल्पसंख्यक (रु 60)
12. रानाडे गांधी और जिन्ना (रु 35)
13. गांधी और अछूत विमुक्ति (रु 50)
14. पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन (रु 250)
15. क्रांति और प्रतिक्रांति (रु 250)
16. बुद्ध और उनका धम्म (रु 150)
17. संघ बनाम स्वतंत्रता (रु 50).
18. डॉ आंबेडकर की साक्षी साऊथब्रो कमेटी के समक्ष : रु 30.
19. गांधी व गांधीवाद : रु 35.
B. डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन व कार्यों पर 47 पुस्तकों का सैट. Rs 6700.
1. महान समाज शास्त्री डॉ अम्बेडकर : रु 125.
2. डॉ अम्बेडकर की दृष्टी में राष्ट्र और राष्ट्रवाद : रु 80.
3. अन्य पिछड़ा (ओ. बी. सी.) वर्ग और डॉ अम्बेडकर : रु 200.
4. मानव अधिकारों के पुरोधा डॉ अम्बेडकर : रु 200
5. डॉ अम्बेडकर की धर्मनीति, अर्थनीति व राजनीती : रु 200
6. डॉ अम्बेडकर द्वारा लड़े गए मुकदमें : रु 200.
7. डॉ अम्बेडकर की दिनचर्या : रु 60.
8. डॉ अम्बेडकर का शिक्षा में योगदान : रु 125.
9. श्रम कल्याण, श्रम सुरक्षा और डॉ अम्बेडकर, भाग – 1 : रु
100.
10. श्रम कल्याण, श्रम सुरक्षा और डॉ अम्बेडकर, भाग – 2 : रु
125.
11. संविधान सभा में डॉ अम्बेडकर : रु 150.
12. डॉ अम्बेडकर की संस्कृति को देन : रु 150.
13. महान शिक्षाविद डॉ अम्बेडकर : रु 150
14. हिन्दू कोडबिल और डॉ अम्बेडकर : रु 80.
15. समता सैनिक दल इतिहास और संस्कृति : रु 150.
16. भारतीय नारी के उद्धारक डॉ अम्बेडकर : रु 80.
17. अम्बेडकरी बौद्ध आंदोलन का इतिहास : रु 80.
18. गैर दलितों के भी उद्धारक बाबासाहेब डॉ आंबेडकर : रु 125.
19. श्रीधरपन्त तिलक और डॉ अम्बेडकर : रु 100.
20. युगपुरुष बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर: जीवन संघर्ष एवं राष्ट्र सेवाएं : रु 225.
21. बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर के संपर्क में 25 वर्ष : रु 200.
22. डॉ अम्बेडकर संस्मरण एवं समृतियाँ : रु 200.
23. डॉ अम्बेडकर: कुछ अनछुए प्रसंग: रु 200.
24. डॉ अम्बेडकर के कुछ अंतिम वर्ष : रु 200.
25. डॉ आंबेडकर और पंजाब : रु 500.
26. डॉ अम्बेडकर और कश्मीर समस्या : रु 250.
27.
28. बाबा साहिब डॉ आंबेडकर और महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मंडल : रु 300.
29. यदि बाबा न होते : रु 60.
30. पूना पैक्ट बनाम गांधी : रु 100.
31. संयुक्त प्रांतीय शेड्यूल्ड कास्ट स्पेशल कांफ्रेंस आगरा की स्वागत-समिति की रिपोर्ट १० मार्च १९४६ ई. : रु 20.
32. डॉ. आंबेडकर के संपर्क में (लेखिका : सविता भीमराव आंबेडकर) : रु 250.
33. आंबेडकर और बौद्ध धम्म : रु 125.
34. एक भिक्खु की दृष्टी में बोधिसत्व : रु 100.
35. आंबेडकर गांधी : तीन मुलाकातें : रु 75.
36. बाबासाहेब डॉ आंबेडकर कैसे पहुंचे संविधान सभा में? : रु 75.
37. बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पिताजी सूबेदार रामजी आंबेडकर : रु 60.
38. डॉ. आंबेडकर का सच्चा अनुयायी : सोनुबा महार : रु 40.
39. ग्रेटेस्ट इंडियन : बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर पर आउटलुक पत्रिका के अगस्त-सितम्बर 2012 में प्रकाशित लेख : रु रु 50.
40. महाड़ क्रान्ति का अमर इतिहास : रु 125.
41. डॉ. आंबेडकर की संक्षिप्त जीवनी : रु 25.
42. डॉ. आंबेडकर जीवन और मिशन : रु 40.
43. संत मत और आंबेडकर पथ : रु 150.
44. डॉ आंबेडकर और समकालीन भारत में बौद्ध धम्म एवं दर्शन : रु 150.
45. बाबा साहेब बनाम जातिवाद : रु 30.
46. राष्ट्रपिता गांधी या आंबेडकर : रु 70.
47. बाबा साहेब डॉ आंबेडकर जीवन और चिंतन (खंड एक) : रु 175.
48. बाबा साहेब डॉ आंबेडकर जीवन और चिंतन (खंड दो) : रु 200.
C. भारत के पिछड़े वर्ग (O.B.C.) पर 39 विशेष पुस्तकों का सैट. Rs. 5900
1. जोतीराव फूले का सामाजिक दर्शन। रु 125.
2. जगदेव प्रसाद वांग्मय। रु 200.
3.ललई सिंह यादव : दलित और पिछड़ों का मसीहा। रु 60.
4. मेरे जीवन के कुछ अनुभव : संतराम बी. ए.। रु 150.
5. दलित बनाम पिछड़ा वर्ग। रु 125.
6. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और डॉ भीमराव अम्बेडकर। रु 200.
7. ओबीसी साहित्य विमर्श। रु 100.
8. गुलामगिरी। रु 70.
9. किसान का कोड़ा। रु 60.
10. पेरियार रामास्वामी नायकर। रु 100.
11. दाम बांधो या गद्दी छोड़ो। रु 100.
12. ब्राह्मणवाद से हर कदम पर लड़ो। रु 125.
13. जाट जाती प्रच्छन्न बौद्ध है। रु 80.
14. समाजवाद बनाम पिछड़ा वर्ग। रु 75.
15. योग्यता मेरी जूती। रु 25.
16. बहुजन विरोधी भारतीय राजनीती का काला इतिहास। रु 500.
17. तेली समाज इतिहास और संस्कृति। रु 595.
18. शूद्रों की खोज। रु 50.
19. भारत के मूल निवासी और आर्य आक्रमण। रु 150.
20. भारतीय मूल के प्राचीन गौरव महाराजा बलि और उनका वंश। रु 80.
21. तमिलनाडु के सन्दर्भ में अयोत्ति तासर और बौद्ध पुनर्जागरण। रु 200.
22. छत्रपति शाहूजी सचित्र जीवनी। रु 60.
23. शिवाजी कौन थे? रु 50.
24. प्रथम शूद्र चक्रवर्ती सम्राट महापदम नन्द। रु 100.
25. महान सम्राट अशोक। रु 100.
26. रामस्वरूप वर्मा समग्र : भाग 1. : रु 300.
27. रामस्वरूप वर्मा समग्र : भाग 2. : रु 250.
28. अशोक महान : एक मानवतावादी व्यक्तित्व : रु 100.
29. महिषासुर : रु 50.
30. सम्राट हिरण्यकश्यप : रु 60.
31. सिंधु घाटी सभ्यता के सृजनकर्ता : शूद्र और वणिक : रु 200.
32. फूलन देवी जीवनी : रु 70.
33. नारायण गुरु जीवनी : रु 70.
34. सावित्री बाई फूले जीवनी : रु 70.
35. कबीर जीवनी : रु 70.
36. अन्याय की परम्परा के विरुद्ध (भगवान स्वरूप कटियार) : रु 300.
37. प्राचीन धर्म संस्कृति का मोह क्यों ? (नाथूराम पटेल) : रु 80. (OBC)
37. अन्याय की परम्परा के विरुद्ध : रु 300.
38. बाद के हड़प्पाइयों का इतिहास तथा शिल्पकार आंदोलन : रु 250.
39. प्राचीन धर्म संस्कृति का मोह क्यों ? : रु 80.
D. पाली और ब्राह्मी भाषा सीखने के लिए, सम्राट अशोक के और बौद्ध लेखों पर पुस्तकें रु 1770.
1. मोग्गल्लान पाली व्याकरण : रु 350.
2. पाली भाष्यकोश : रु 400.
3. पाली निस्सेनी : रु 125.
4. पाली परिचय : रु 250.
5. पाली समुच्चयो : रु 150.
6. ३१ दिन में पाली : रु 125.
7. महान सम्राट अशोक के खरोष्ठी, आर्मेइक और ग्रीक अभिलेख : रु 100.
8. आओ ब्राह्मी लिपि सीखें : रु 70.
9. भारत स्तूप गाथा : रु 100.
E. बौद्ध धम्मस्थलों व तीर्थों पर 12 पुस्तकों का सैट Rs. 2050.
1. भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी
2. बौद्धगया अतीत से वर्तमान तक (का इतिहास)
3. बौद्धों के आठ महातीर्थ
4. नालंदा का पुरातात्विक वैभव
5. अयोध्या किसकी?
6. मगध: सद्धम्म के विकास एवं प्रसार की केन्द्रभूमि
7. नागपुर और आसपास के प्रमुख बौद्ध स्थल
8. प्राचीन बौद्ध नगरी कौशाम्बी
9. कुसीनारा
10. कुशीनगर का इतिहास
11. राजगृह
12. बौद्धगया पॉकेट बुक
F. विश्व एवं भारत के बौद्ध भिक्खुओं एवं बौद्ध धम्म पर विशेष पुस्तकों का सैट Rs. 1950
1. धम्म महानायक कौसल्यायन
2. बुद्धधोसुप्पत्ति
3. आचार्य सरहपा
4. आचार्य चन्द्रकीर्ति
5. आचार्य असंग
6. आचार्य शान्तिदेव
7. आचार्य शान्तरक्षित
8. भंते धर्मशील
9. भिक्खु नागसेन
10. आचार्य नागार्जुन
11. आचार्य धर्मकीर्ति
12. आचार्य आर्यदेव
13. चीनी बौद्ध यात्रियों के यात्रा विवरण
14. प्राचीन भारत में बौद्ध धम्म प्रचारक
15. चीनी बौद्ध धम्म का इतिहास
16. कोरिया का वोन बौद्ध धम्म
17. आचार्य दीपांकरश्रीज्ञान
G. वाल्मीकि वर्ग पर :-
1. इस समय में : रु 100.
2. दिल्ली की गद्दी पर खुसरो भंगी : रु 40.
3. डॉ आंबेडकर एक परिचय (भगवान दास) : रु 60.
4. भंवर : रु 150.
5. मैला प्रथा : रु 75.
6. सफाई कर्मचारी दिवस : रु 40.
7. सीवर में ज़िंदा लाशें : रु 60.
8. छू नहीं सकता : रु 15.
9. नागवंशी हेला की कहानी हेला की ज़बानी : रु 40.
10. महान दलित क्रांतिकारी योद्धा मातादीन : रु 60.
11. सुनीत : रु 20.
12. शूद्रों की खोज (डॉ आंबेडकर) : रु 150.
13. अछूत कौन और कैसे? (डॉ आंबेडकर) : रु 75.
14. कांग्रेस और गांधी ने अछूतों के लिए क्या किया? (डॉ आंबेडकर) : रु 200.
H. बौद्ध धम्म पर 125 पुस्तकों का सैट(तिपिटक सहित)। मूल्य : रु 12200(डाक शुल्क सहित).
1. संयुक्त निकाय (दो पुस्तकें, दो भागों में): रु. 725.
2. अंगुत्तर निकाय (चार पुस्तकें, चार भागों में): 875.
3. विशुद्धि मार्ग (दो पुस्तकें, दो भागों में): 600.
4. सुत्तनिपात: 200.
5. दीघ निकाय : 250.
6. विनय पिटक : 350.
7. मझिम निकाय: 350.
8. थेरगाथा: 200.
9. थेरीगाथा: 100.
10. बोधिचर्यावतार: 175.
11. बुद्ध और उनका धम्म (यहाँ तक कुल सोलह पुस्तकें): 150.
12. बुद्ध की धम्म साधना और पातंजल योग: 150.
13. बुद्ध ही भगवान थे: 50.
14. भगवान बुद्ध का राक्षसों को उपदेश: 30.
15. बुद्ध की शिक्षा: 70.
16. बुद्ध शासन सुभाषित: 30.
17. बुद्धयुगीन भारत: 60.
18. सृष्टि चक्र: 40
19. जातिभेद और बुद्ध: 25
20. बुद्ध का महाप्रबोधन बनाम ईश्वर भ्रम: 20.
21. भगवान बुद्ध धम्म-सार व धम्म-चर्या: 150.
22. बुद्धकालीन वर्ण-व्यवस्था और जाती: 200.
23. मिलिन्दपन्ह: 200.
24. दर्शन वेद से मार्क्स तक: 80.
25. पुराणों में बुद्ध: 200.
26. बौद्ध पूजापाठ: 25.
27. विश्व के महान बौद्ध दार्शनिक: 200.
28. बौद्ध धम्म: एक बुद्धिवादी अध्यन्न: 80.
29. बुद्ध धम्म में बाईस प्रतिज्ञाओं का महत्त्व: 45.
30. खुद्दक पाठ: 30.
31. क्रांति के अग्रदूत बुद्ध: 20.
32. बुद्ध धम्म के दस आधारस्तम्भ: 70.
33. महामानव बुद्ध: 60.
34. भारतीय संस्कृति को बौद्ध धम्म की देन: 75.
35. बौद्ध धम्म नहीं है हिन्दू धर्म की शाखा: 70.
36. अशोककालीन दीपोत्सव जो दिवाली बन गया: 50.
37. बौद्ध धम्म में शून्यवाद: 75.
38. बुद्धिजम और विज्ञान: 35.
39. नामकरण संस्कार और बौद्धों के पन्द्र हज़ार नाम: 40.
40. आओ विपश्यना सीखें: 50.
41. भरहुत स्तूप गाथा: 100.
42. बुद्ध और मार्क्सवाद: 20.
43. महान मनोचिकित्सक भगवान बुद्ध: 125.
44. तिपिटक दिग्दर्शिका: 100.
45. परम पराक्रमी राक्षसराज रावण: 30.
46. बौद्धचर्या प्रकाश: विवाह संस्कार: 80.
47. बौद्ध रत्नावली: 125.
48. इत्तुवितक: 55.
49. बौद्ध धम्म में कर्म का सिद्धांत: 60.
50. बौद्ध धम्म: मोहनजोदड़ो हड़प्पा नगरों का धर्म: 250.
51. चार्य पिटक: 45.
52. पंजाब में बौद्ध धम्म: 150 (यहाँ तक कुल 58 पुस्तकें)
53. भगवान किसे कहते हैं? रु 100.
54. मेरे शरण-गमन का इतिहास (संघरक्षित): रु 60.
55. भारत को किसने कमजोर किया: बुद्धिज़्म ने या ब्रह्मनिस्म ने? रु 75.
56. भगवान बुद्ध की दिनचर्या : रु 60.
57. प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली : रु 100.
58. बौद्धचर्या प्रकाश : बौद्ध पूजा पद्धत्ति, विवाह पद्धति : रु 80.
59. महान मनोचिकित्सक भगवान बुद्ध : रु 150.
60. बुद्ध का नीतिशास्त्र : रु 250.
61. बुद्ध धम्म के सामाजिक आयाम : रु 250.
62. भारत में बौद्ध धम्म का पतन क्यों और कैसे ? : रु 15.
63. बौद्ध धम्म : अपेक्षा, भ्रांतियां, और उनका निवारण : रु 110.
64. बौद्ध धम्म और सामाजिक न्याय (लेखक: बाल्मीकि प्रसाद) : रु 125.
65. जाती विध्वंसक भगवान बुद्ध : रु 125.
66. बुद्ध शिक्षा बनाम वैदिक शिक्षा : रु 125.
67. बौद्ध दर्शन और धम्म : रु 150.
68. विश्व सभ्यता को बौद्ध धम्म की देन : रु 30.
69. अयोध्या में बौद्धों का बावरी महाविहार : रु 40.
70. बौद्ध धम्म और ब्रामण : रु 60.
71. भगवत गीता विपश्यना की छाया में : रु 100.
72. कर्म ही प्र्रधान है : रु 30.
73. आदर्श बौद्ध महिलाएं : रु 75.
74. भगवान बुद्ध और मद्य निषेध : रु 100.
75. बुद्धिवाद और वैज्ञानिक चिंतन : रु 100.
76. जातक कालीन भारतीय संस्कृति : रु 250.
77. धम्मपद (पाली-हिंदी) : रु 60.
78. बच्चों के लिए बौद्ध चरित्रों और जातक कथाओं का 40 पुस्तकों का सेट: रु 1200.
79. बुद्ध और मार्क्सवाद : रु 30.
I. बहुजन समाज पर पुस्तकें
1. बहुजन नायक कांशीराम की ललकार: रु 175.
2. माया (मायावती) जैसी कोई नहीं: रु 125.
3. मान्यवर कांशीराम और बौद्ध धम्म: रु 60.
4. बहुजन समाज पार्टी बनाम भारतीय मीडिया: रु 60.
5. बहुजन समाज पार्टी और संरचनात्मक परिवर्तन: रु 50.
6. एक ज़िंदा देवी मायावती: रु 100.
7. कांशीराम और बहुजन समाज पार्टी: शंका और समाधान: रु 35.
8. बहुजन नायक कांशीराम जीवनी : रु 80.
9. बहुजन मसीहा कांशीराम के भाषण : खंड: 1. : रु 60.
10. बहुजन मसीहा कांशीराम के भाषण : खंड: 2. : रु 200.
11. सामाजिक परिवर्तन और बीएसपी : रु 175.
12. हिन्दू राष्ट्र से बहुजन राष्ट्र: 80.
13. बहुजन भारत में धार्मिक डाका : रु 60.
14. चमचा युग : रु 70.
J. गुरु रविदास (रैदास) पर पुस्तकें:
1. ऐसा चाहूँ राज मैं… संत सिपाही रैदास : रु 150.
2. बोधिसत्व गुरु रैदास और उनके आंदोलन : रु 100.
3. रविदास सचित्र जीवनी : रु 70.
4. संत रैदास वाणी में बौद्ध चिंतन: रु 70.
5. संत शिरोमणि गुरु रविदास विचार दर्शन: रु 135.
K. शोषित समाज का साहित्य :-
1. शोषित समाज के क्रन्तिकारी प्रवर्तक : रु 100.
2. य़ोग्यता मेरी जूती : रु 30.
3. श्रमण संस्कृति बनाम ब्राह्मण संस्कृति : रु 150.
4. रमाबाई आंबेडकर : रु 25.
5. हिन्दू आरक्षण और बहुजन संघर्ष : रु 200.
6. वर्ण व्यवस्था एक वितरण व्यवस्था : रु 200.
7. सम्राट अशोक चरित्र जीवनी : रु 60.
8. छत्रपतिशाहुजी महाराज (सामाजिक लोकतंत्र के भीम-स्तम्भ) : रु 20.
9. भारतीय नारी मनु की मारी : रु 50.
10. अंद्विश्वासों एवं कर्मकांडों का वैज्ञानिक विश्लेषण : रु 50.
11. नेताओं की दौड़ दलितों की झोपडी तक क्यों? : रु 30.
12. मनुस्मृति : रु 200.
13. भारतीय संस्कृति और वामपंथ : रु 70.
14. भारतीय राजनीती में वंशवाद : रु 70.
15. अशोक विजयदशमी बनाम दशहरा (एक शोधपूर्ण अध्यनन) : रु 100.
16. फूंकते कदम: एक अध्यन्न दलित आंदोलन का : रु 125.
17. भगवान की खोज : रु 100.
18. मृत्युभोज क्यों? : रु 30.
19. भारतीय साहित्य में महिलाओं पर अभद्र कहावतें : रु 80.
20. दहेज़ की आग में दहकती सुहागिन : रु 100.
21. गांधी और गांधीवाद की दार्शनिक समीक्षा : रु 200.
22. जाती एक अध्यन्न : रु 200.
23. सामाजिक आंदोलन और नई दिशाएं : 120.
24. भारत की गुलामी के सात कारण : रु 80.
25. शिव तत्त्व प्रकाश : रु 80.
26.
27. बीच बहस में: स्त्री, दलित और जातीय दंश : रु 80.
28. भारतीय अर्थतंत्र निशाने पर : रु 80.
29. कौटिल्य अर्थशास्त्र या कुटिल शास्त्र अथवा मनुस्मृति की पुनरावृति : रु 30.
30.
31. डॉ आंबेडकर और गांधी का योगदान: दलित और महिला उत्थान में : रु 350.
32. भारत की गुलामी में गीता की भूमिका : रु 100.
33. भारत में नस्ल, धर्म, इतिहास, राजनीती और जाती व्यवस्था. : रु 250.
34. बाद के हडप्पाईयों का इतिहास तथा शिल्पकार आंदोलन : रु 250.
35. पवित्र गाय का मिथक : रु 200.
36. भारत में नस्ल, धर्म, इतिहास, राजनीती और जाती व्यवस्था. : रु 250.
L. दलित वर्ग पर पुस्तकें:-
1. दलित उत्पीड़न, उपचार और कानूनी संरक्षण : रु 60.
2. पूना पैक्ट बनाम गांधी : रु 100.
3. उत्तरांचल सहित उत्तर प्रदेश की दलित जातियों का दस्तावेज़ : रु 150.
4. दलित उद्यमियों के संघर्ष और सफलता की कहानी : रु 100.
5. भगाणा की निर्भयाएँ: दलित उत्पीड़न के अनवरत सिलसिले का दृष्टांत : रु 150.
6. दलित दस्तावेज़ : रु 200.
7. डाईवर्सिटी से बनेगा दलित पूंजीवाद (अमेरिकी डाइवर्सिटी और काले लोगों के अनुभव) : रु 60.
8. जाती इतिहास और उसका स्वरुप : रु 80.
9. भारत में दलित जागरण और उसके अग्रदूत : रु 200.
10. संयुक्त प्रांतीय शेड्यूल्ड कास्ट स्पेशल कॉन्फ्रेंस आगरा की स्वागत समिति की रिपोर्ट १० मार्च १९४६ ई : रु 20.
11. सारे जहाँ से अच्छा अम्बेडकर हमारा : रु 20.
12. मनुस्मृति जलाई गई क्यों? : रु 40.
13. अम्बेडकरवाद और मार्क्सवाद का द्वंद्वात्मक सम्बन्ध : रु 25.
15. डॉ आंबेडकर: एक परिचय एक सन्देश : रु 60.
16. डॉ आंबेडकर जीवन दर्शन : रु 75.
17. प्रजातंत्र में जाती, आरक्षण एवं दलित : रु 150.
18. संघर्षरत दलित समाज : रु 80.
19. दलित दंश : रु 80.
20. हिन्दू समाज का विखंडन तथा दलितों की समस्याएँ : रु 150.
21. महाड़ तालाब पानी अधिकार आंदोलन : रु 25.
22. सिंधु घाटी सभ्यता के सृजनकर्ता शूद्र और वणिक : रु 200.
23. महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मंडल: जीवन और विचार : रु 70.
24. अतीत से आजतक के भारतीय इतिहास में दलित व पिछड़ी जातियों की स्थिति : रु 150.
25. मीडिया में दलित ढूँढते रह जाओगे : रु 75.
26. हरियाणा के दलित हरित क्रांति से भी वंचित : रु 100.
27. उत्तर प्रदेश में दलित आंदोलन : रु 170.
28. मोची का बेटा : रु 80.
29. दलितों की दुर्दशा: कारण और निवारण: रु 100.
30. दलित नारी : रु 75.
31. स्वतन्त्रता संग्राम में अछूत जातियों का योगदान (1857 से 1947 तक) : रु 200.
32. दलित महिलाऐं : रु 175
33. चमार : रु 125
34. चमार जाती का गौरवशाली इतिहास : रु 200
35. चमार रेजिमेंट : रु 200
M. आदिवासी साहित्य
1. रामायण में आदिवासियों के खिलाफ एक षड़यंत्र : रु 200.
2. बिरसा मुंडा जीवनी : रु 70.
N. बहुजन नायक-नायिकाओं की बच्चों के लिए सचित्र जीवनियों का सैट (यह बड़ी उम्र के लोग भी पढ़ सकते हैं):- (15 पुस्तकों का डाक सहित मूल्य: रु 1150).
1. डॉ भीमराव अम्बेडकर जीवनी : रु 70.
2. बुद्ध जीवनी : रु 70.
3. सम्राट अशोक जीवनी : रु 70.
4. गुरु रविदास जीवनी : रु 70.
5. कबीर जीवनी : रु 70.
6. ज्योतिबा फूले जीवनी : रु 70.
7. बिरसा मुंडा जीवनी : रु 70.
8. सावित्री बाई फूले जीवनी : रु 70.
9. छत्रपति शाहूजी महाराज जीवनी : रु 70.
10. स्वामी अछूतानन्द जीवनी : रु 70.
11. गुरु घासीदास जीवनी : रु 70.
12. गाडगे बाबा जीवनी : रु 70.
13. नारायण गुरु जीवनी : रु 70.
14. पेरियार जीवनी : रु 70.
15. फूलन देवी जीवनी : रु 70.
O.बच्चों के लिए सचित्र बौद्ध चरित्रों पर 40 पुस्तकों का सैट : रु 1200.
P. व्यवसाय और निवेश की सात पुस्तकों का सैट : रु 2000.
U. मराठी पुस्तकें:
1. कुसीनारा ची ऐतिहासिक पाशर्वभूमि : रु 175.
2. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या सहवासातील २५ वर्ष : रु 250.
3. वेदांचे खरे स्वरूप : रु 100.
4. संत रोहीदासांची मूल विचारधारा : 70.
5. इत्तिवुतक : रु 70.
6. बौद्धांचे आठ महातीर्थ : रु 70.
Pustake praapt karne ke liye sampark kare: Mob (WA) NO. 8527533051, LL. NO. 01123744243. Near Ramakrishna Ashram metro station, gate no. 3, New Delhi. 1.5 km from Ambedkar Bhavan, rani Jhansi road and New Delhi Railway station.

ENGLISH BOOKS;-
Q. New Collection :-
1. Annihilation of Caste by Dr. B.R. Ambedkar (the annotated critical edition and introduction by Arundhati Roy). Rs. 525.
2. Dispersed Radiance: Caste, Gender and Modern Science in India by Abha Sur. (This books shows that how scientific developments and scientific institutions in India have been influenced by caste and gender). Rs. 495.
3. Against the madness on Manu (by Dr. Br Ambedkar, introduced by Sharmila Rege). Rs. 350.
4. Seeking Begumpura: The social vision of anticaste intellectuals (by Gail Omvedt) : Kabir, Tuka, Kartabhajas, Phule, Iyothee Thass, Ramabai, Periyar and Dr. B.R.Ambedkar). Rs. 295.
5. Ambedkar’s World: The making of Babasaheb and the Dalit movement. (by Eleanor Zelliot. Rs. 350.
6. The Persistence of Caste: The Kherlanji Murders & India’s Hidden Apartheid. (by Anand Teltumbde). Rs. 295.
7. In Pursuit of Ambedkar (by Bhagwan Das). Rs. 175.
8. The Myth of Holy Cow (by D.N. Jha). Rs. 250.
9. The Exercise of Freedom: An introduction to Dalit Writing (edited by K. K. Satyanarayan and Susie Tharu). Rs. 175.
10. Unclaimed Terrain (By Ajay Navaria, a novel on life of a Dalit). Rs.295.
11. A word with you world (by Siddalingaiah, autobiography od a Dalit ). Rs. 395.
12. Ear to the ground: Selected writings on caste and Class (by K. Balagopal). Rs. 550.
13. A gardener in the wasteland: Jyotiba Phule’s fight for liberty. Rs. 220.
14. Bhimayan: experiences of Untouchability. Rs. 325.
15. A spoke in the Wheel (by Amita Kanekar, a novel on the Buddha). Rs. 495.
16. In the Tiger’s Shadow: The Autobiography of an Ambedkrite (by Namdeo Nimgade). Rs. 350.
17. Imagining a place for Buddhism: Literary culture and Religious community in Tamil-Speaking South India. (by Anne E. Monius) Rs. 350.
18. Religious Rebels in Punjab: The Ad Dharm Challenge to Caste (by Mark Juergensmeyer, a book on casteism in Punjab) Rs. 400.
19. People without History: India’s Muslim Ghettos (by Jeremy Seabrook and Imran Ahmed Siddiqui) Rs. 295.
20. The Suffering People (by Balwant Singh, story of a Dalit Officer). Rs. 450.
21. Turning the Pot, Tiling the Land: dignity of Labour in our times (by Kancha Ilaiah). Rs. 200.
International Social Work:
22. Embodying Difference: The Making of Burakumin in Modern Japan (by Timothy D. Amos, a work on outcastes in Japan). Rs. 495.
23. Lose your mother: a journey along the Atlantic Slave Route (by Sadiya Hartman. Rs. 350.
24. Women Race and Class (by Angela Y. Davis). Rs. 295.
25. The Sublime Object of Ideology (by Zizek). Rs. 325.
26. Political Interventions: Social Science and Political Action (by Pierre Bourdieu). Rs. 490.
27. Abnormal (Psychology) (by Michel Foucault). Rs. 490.
28. The business of words (by Andre Schiffrin, on publishing and its social impact). Rs. 295.
29. Are Prisons Obsolete? (by Angela Y. Davis) Rs. 150.
30. Days of Destruction, Days of Revolt (by Chris Hedges and Joe Sacco, American history of slaughtering Red Indians). Rs. 595.
31. When Google met Wikileaks (by Julian Assange, on social impact of internet and freedom of publishing banned content). Rs.295.
32. Agitating the frame : Essays on Economy, Ideology, Sexuality and Cinema. Rs. 295.
R. Rare Books on Caste, Dr. B.R. Ambedkar and Buddhism
1. Reservations: Legal Perspective. Rs. 30.
3. Ambedkar the Great. Rs 170.
5. Dr Ambedkar on Jews and Negroes. Rs 10.
6. Buddhism in India after Dr BR Ambedkar (1956-2002). Rs 70.
7. Buddha and the Caste System. Rs 30.
8. Bodhisatva Baba Saheb Dr BR Ambedkar. Rs 60.
9. B.R. Ambedkar Unique and Versatile. Rs 110.
11. The Namasudras of Bengal. Rs 75.
12. The Founders of Indus Valley Civilization and their Later History. Rs 150.
14. Dhamma as told by Dr. Ambedkar. Rs 120.
15. Buddhist Cave Temples in India. Rs 25.
16. The Baba Saheb and the Untouchable Movement. Rs 250.
18. Dalits after Partition. Rs 100.
19. Ethnology and Caste. Rs 40.
20. Understanding Bihar (from the perspective of a Dalit administrative officer) Rs 250.
21. How and Why Buddhism Declined in India? Rs 30.
22. Decline and Fall of Buddhism: A Tragedy in Ancient India. Rs 400.
24. A Study of Caste. Rs 100.
25. The Blue Book of Baba Saheb Dr B.R. Ambedkar. Rs 60.
26. The Native Indian in Search of Identity (a psychological study of Scheduled Castes and Scheduled Tribes). Rs 200.
29. Bamiyan Buddhas Senseless Destruction by Taliban. Rs 40.
30. Supreme Court on Reservation. Rs 50.
31. A Phenomenon Named Ambedkar. Rs 200.
S. Studies on Dalits and Novel on Dr. Ambedkar:
1. Untouchable Past: Study on Satnami Caste and Untouchables in Central India. 400
2. Untouchable Citizens: Dalit Movements and Democratisation in Tamil Nadu. 400
3. Karamyogi Bharat Ratna Dr. B. R. Ambedkar (Historical Novel) by K.L. Kamal. 70.
T. Books by Dr. B.R. Ambedkar
1. What Congress & Gandhi Have Done to the Untouchables? 250
2. Pakistan or Partition of India 300
3. The Untouchables 200
4. Who were Shudras 200
5. Annihilation of Caste 50
6. Dr Ambedkar in Constituent Assembly 40
7. Castes in India 25
9. Buddha or Karl Marx 25
10. Ranade, Gandhi & Jinnah 40
11. Federation versus Freedom 60
12. State and Minorities 80
13. Mr Gandhi and Emancipation of Untouchables 25
14. Rise and Fall of Hindu Women. Rs 50.
16 Buddha and his Dhamma 300.
V. Buddhist Children Books
1. 100 Pictorial Life of Sakyamuni : Rs. 300.
2. Set of 35 Books on Buddhist Characters and Jatak Tales: Rs 2000.
ऑर्डर के लिए फोन करें Call M (whatsaap) 8527533051, L. – 01123744243.
sablanian@gmail.com
Personally khareede: Nikhil Sablania, New Delhi-110001 Near Rama Krishna Ashram Metro Station (1.5 Km away from Ambedkar Bhawan, Rani Jhansi Road, Delhi)



Nikhil Sablania
25, Sector-E, RK Ashram Road,
Gole Market, Foch Square,
New Delhi-110001
M. 8527533051, LL. 011 23744243

Have a Buddhaful Day. Namo Buddhay.
डॉ भीमराव आंबेडकर का समाज, बने आर्थिक रूप से मजबूत समाज
प्रिय बंधुओं जय भीम,
 
आपमें से बहुत से लोग नौकरी करते होंगे या नौकरी की तलाश में होंगे। डॉ भीमराव आंबेडकर के दिलाए अधिकारों की वजह से आज भारत का बहुत बड़ा समुदाय जो कभी वंचित समुदाय था अब शिक्षा पा सकता है और नौकरियां भी प्राप्त कर सकता है। परन्तु यदि डॉ आंबेडकर के दिलाए अधिकार नहीं होते तो शिक्षा पाना भी मुश्किल था और नौकरियां तो नामुमकिन ही थी। बाद के वर्षों में सामाजिक जागृति से अब पिछड़े समाज (OBC) को भी अधिकार प्राप्त हुए और वह भी अब अच्छे से शिक्षा और नौकरियां प्राप्त कर सकता है। परन्तु यह शिक्षा सरकारी है और नौकरियां भी सरकारी। यह वह उच्च शिक्षा नहीं है जो धनवान समुदाय अपने बच्चों को अधिकांश्तर देते हैं। सरकारी नौकरियों का दायरा भी बहुत सिमटा है। आज एक बड़ा पूंजीपति समुदाय भारत में उभरा है और निजीकरण की व्यवस्था में सरकारी नौकरियां भी सिमटी हैं।
 

तो एक तरफ सरकारी शिक्षा निम्नन है और दूसरी तरफ नौकरियां सिमट रही हैं। ऐसे में जरुरी है कि व्यवसाय की तरफ रुख किया जाए। जरुरी नहीं कि नौकरी छोड़ कर ही व्यवसायी बना जाए। पर यह बात ध्यान रखी जाए कि नौकरियों से जीवन भले ही अच्छे से कट जाए पर आर्थिक विकास नहीं होता है और आनेवाली पीढ़ी को कोई ऐसी धरोहर नहीं मिल पाती जिससे कि धन आसानी से प्राप्त किया जा सके। पर जो लोग और समुदाय व्यवसायों में लगे हैं उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने में कोई समस्या नहीं आती। दूसरी तरफ उनकी आनेवाली पीढ़ी को भी भविष्य में धन की उतनी चिंता नहीं होती।

डॉ आंबेडकर द्वारा दिलाए राजनैतिक अधिकार नहीं होते तो वह समाज जो आज मंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक बना है, अपना कदम संसद में रख भी नहीं पाता। आज चुनाव एक राजनैतिक क्रिया से ज्यादा आर्थिक क्रिया है। बल्कि यह तो डॉ आंबेडकर के समय में ही हो चुका था जिस पर डॉ आंबेडकर ने कई बार तीखी प्रक्रिया दी थी कि भारत में राजनीती व्यापार मात्र बन कर रह गयी थी। सो यदि भविष्य में राजनैतिक रूप से सक्रिय होना है तो पहले आर्थिक रूप से सक्रिय होना पड़ेगा। जब तक आर्थिक शक्ति नहीं बनती तब तक कोई भी समाज एक पिछड़ा समाज ही रहेगा। और पिछड़े समाज से निकला उच्च व्यक्ति भी वह शिखर नहीं छू पाएगा जो उसके जैसा काबिल वह व्यक्ति छूता है जो कि आर्थिक रूप से मजबूत समाज से निकला होता है।
 
आर्थिक रूप से मजबूती के लिए कुछ बातों का होना जरूरी है। जैसे कि व्यवसाय में कदम रखना या अपने धन का सही प्रकार इस्तेमाल और निवेश करना। और इनके लिए जरुरी है कि इन दिशाओं में कार्य सही प्रकार किए जाएं। कार्यों को सही प्रकार करने के लिए जरुरी है कि इनकी सही शिक्षा ली जाए। इसी शिक्षा को देने के लिए है हमारी यह सात पुस्तकें। हिंदी में लिखी इन सात पुस्तकों से आप सही शिक्षा पाते हैं कि कैसे खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें। यह पुस्तकें आपको शिक्षित करती हैं कि कैसे आप अपने धन को बचा सकें और कहाँ सही निवेश कर सकें। यदि आप नौकरी में रहते हुए भी व्यवसाय करना चाहते हैं या अपने धन को सही जगह निवेश करना चाहते हैं तो यह पुस्तकें आपको सही शिक्षा दे सकती है। जरुरत है कि आप इस शिक्षा का महत्त्व समझें।
 
हम जीवन में किसी न किसी प्रकार निवेश करते ही हैं और अपने जीवन स्तर को बेहत्तर बनाते हैं। हम अच्छे कपड़े खरीदते हैं जिससे कि हम अच्छे लग सकें और समाज में आदर मिले। इस प्रकार हम अच्छे कपड़ों में निवेश करते हैं। हम कोई वाहन खरीदते हैं जिससे कि हमारा समय बचे और सुविधा प्राप्त हो। इस प्रकार हम वाहन में निवेश करते हैं। हम अच्छे स्कूल या कॉलेज में शिक्षा लेते हैं जिससे कि हम अच्छीे शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस प्रकार हम शिक्षा में निवेश करते हैं। इसी प्रकार आपको दो प्रकार के निवेश और करने हैं। एक अपने समय का कि आप अपना कुछ समय देकर इन पुस्तकों को पढ़ें और दूसरा कुछ रुपयों का कि आप इन पुस्तकों को खरीदें। यह दो प्रकार के निवेश बहुत छोटे निवेश हैं और आपके बरसों के जीवन और यहां तक कि आपकी आनेवाली पीढ़ी के जीवन के लिए भी उत्तम निवेश हैं। इस प्रकार का निवेश आपको आर्थिक मजबूती बनाने की शिक्षा देकर आपके और आपके परिवार के जीवन को नई राह देगा। आप यदि इस शिक्षा पर अमल करें और इसे ग्रहण करके आगे बढ़ते हुए यह प्रण लें कि आप खुद को और समाज को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाएँगे तो आप एक बहुत बड़ा कार्य करेंगे।
 
मित्रों, डॉ भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि मेरे द्वारा दिलाई सुविधाएं आज हैं पर कल नहीं होंगी। इसलिए हमें अपने पैरों पर खड़ा होना है। और अपने पैरों पर खड़ा होना है कि खुद को आर्थिक, व्यावसायिक और निवेशक के रूप से मजबूत बनांए। आर्थिक रूप से मजबूत समाज हमेशा और हर क्षेत्र में आगे रहता है। आर्थिक रूप से मजबूत समाज हर वह संसाधन प्राप्त कर लेता है जो उसे मजबूत बनाएं रखते हैं। आर्थिक रूप से मजबूत समाज विश्व में कहीं भी एक मजबूत समाज ही बना रहता है। आर्थिक रूप से मजबूत समाज किसी भी देश की न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि राजनैतिक व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। आर्थिक रूप से मजबूत समाज से निकला व्यक्ति अपनी प्रतिभा को सही प्रकार उभार पाता है और ज्यादा-से-ज्यादा ऊँचे शिखर पर पहुंचा पाता है। इस प्रकार एक आर्थिक रूप से मजबूत व्यक्ति जहां अपने समाज को मजबूत करता है वहीं आर्थिक रूप से मजबूत समाज उस समाज के व्यव्ति को आगे बढ़ने के और अवसर आसानी से उपलब्ध करा पाता है।
 
तो इन पुस्तकों को खरीदें और इन्हें पढ़ें। दाम देख कर संकोच न करें। ऐसी अच्छी शिक्षा के लिए यह दाम कुछ नहीं हैं। याद रखें कि सही समय पर यदि सही निर्णय ले लिए जाएं तो भविष्य में उस निर्णय पर पछतावा नहीं होता बल्कि खुद पर विशवास अधिक कायम होता है कि आपने सही समय पर सही निर्णय ले लिया। तो आप भी इन पुस्तकों को खरीदने और इन्हें पढ़ने का निर्णय लें और निसंकोच हो कर अपने निर्णय पर कायम रहें। भविष्य में आपको यह शिक्षा बहुत कुछ देगी, इस बात पर विशवास रखें। – जय भीम
व्यवसाय एवं निवेश सीखने वाली पुस्तकें आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके आर्डर करें अथवा फोन करें म. 8527533051. (Rs 2000, 7 Books)
=====================================================================================================
प्रिय बंधुओं, आपको यह सूचित किया जाता है कि निम्नन पुस्तकों के सैट अब हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आप इन्हें सीधे हमारी वेबसाइट से या फोन करके खरीद सकते हैं। डॉ भीमराव आंबेडकर के मिशन को आगे बढ़ाने हेतु इस प्रयास की मुहीम का हिस्सा बनें और आंबेडकरी एवं बौद्ध साहित्य के साथ आर्थिक विकास के साहित्य का भी अध्यन्न करें। पुस्तकों की विस्तृत सूचि हमारी वेबसाइट पर देखें। १. वाल्मीकि समाज पर 11 विशेष पुस्तकों का सैट नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑर्डर करें या फोन करें (M. 8527533051) (Rs. 1200 for 11 books)
http://www.cfmedia.in/valmikivishesh1200

२. बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर के जीवन व कार्यों पर 34 पुस्तकों का सैट इस नंबर पर फोन करें : म. 8527533051 अथवा नीचे दिए लिंक पर सीधा ऑनलाईन ऑर्डर करें । मूल्य रु 5000. डाक शुल्क सहित।
http://www.cfmedia.in/ambedkarkekaryaaurvichar

३. भारत के पिछड़े वर्ग (O.B.C.) पर 25 विशेष पुस्तकों का सैट नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑर्डर करें या फोन करें (M. 8527533051)।
http://www.cfmedia.in/obcvishesh

४. पाली और ब्राह्मी भाषा सीखने के लिए, सम्राट अशोक के और बौद्ध लेखों पर पुस्तकें डाक द्वारा प्राप्त करने के लिए नीचे दिए लिंक पर ऑनलाईन अथवा फोन पर ऑर्डर करें म. 8527533051. रु 1770. 

http://www.cfmedia.in/palibhashavishesh 

५. बौद्ध धम्मस्थलों व तीर्थों पर 12 पुस्तकों का सैट। प्राप्त करने के लिए नीचे दिए लिंक पर ऑनलाईन ऑर्डर करें अथवा फोन करें। म. 8527533051. (12 Books Rs 2050)http://www.cfmedia.in/bauddhsthal

६. डॉ भीमराव अम्बेडकर की सोच कि “हम आत्मनिर्भर बनें,” को आगे बढ़ाते हुए हम यह व्यवसाय और निवेश सीखनेवाली पुस्तकें बेच रहे हैं। धन इक्कीसवीं सदी का सबसे शक्तिशाली शस्त्र है। धन यदि है तो चाहे फिर राजनीती बदलें या धर्म का प्रचार करें। धन की शक्ति सबको पता है और डॉ अम्बेडकर जी को भी पता थी, तब ही अपने शिक्षाकाल में उन्होंने भारत में रूपये की समस्या पर ही अपनी पी एच डी की थीसिस लिखी। धन न सिर्फ व्यक्ति और परिवार को उठाता है बल्कि समाज को भी मजबूत करता है और डॉ अम्बेडकर के समाज को इसकी सबसे ज्यादा और बहुत बड़ी मात्र में जरुरत है। धन की असली शक्ति व्यवसाय और निवेश से ही आती है। तो आप भी यदि हमारी व्यवसाय और निवेश सीखनेवाली सात पुसतकों का सेट लेना चाहें तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके आर्डर करें अथवा फोन करें म. 8527533051. (Rs 2000, 7 Books).

http://www.cfmedia.in/vyavsayevanniveshseekhnewalipustaken


Nikhil Sablania
25, Sector-E, RK Ashram Road,
Gole Market, Foch Square,
New Delhi-110001
M. 8527533051, LL. 011 23744243

Have a Buddhaful Day. Namo Buddhay.

8 thoughts on “N: किताबें खरीदने का लिंक

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s