R बौद्ध धम्म और ईश्वर आईडिया

 

making and requirement of GODबौद्ध धम्म और ईश्वर आईडिया

अन्य धर्मों की ही तरह बौद्ध धम्म मीडिया प्रचार द्वारा अपना एजेंडा लोगों के दिमाग में नहीं भरता, असल बौद्ध धम्म विश्वास तंत्र या आस्था तंत्र के धार्मिक अजेंडे को व्यक्ति के मन मस्तिष्क से साफ कर देता है, उसको साफ़ निरपराध और मासूम बना देता है| अच्छा इंसान बना देता है, जैसा होना चाहिए|

बौद्ध धम्म मानव दुखों से मुक्ति का मार्ग बताएगा, बौद्ध धम्म परलोक की बात नहीं करता वो इसी जन्म में इसी संसार में दुखों को दूर करने के मार्ग की बात करता है|

अपनी धार्मिक किताबों को उठा कर देखो कितनी बड़ी और मोटी हैं, ऐसा क्यों? जब सब कुछ ईश्वर है, हर सवाल का जवाब ईश्वर हैं, हर समस्या का समाधान ईश्वर है, सबकुछ ईश्वर है तो फिर इतना कुछ लिखने कि, इतनी मोटी किताब की जरूरत क्या है? सिर्फ जरा से कागज़ के टुकड़े में ये लिख देना काफी होता कि आपकी हर जरूरत ईश्वर पूरी करेगा,किसी को कुछ भी करने कि जरूरत नहीं| पर ऐसा नहीं है जो भी धार्मिक किताबें दुनियां में हैं उनमे ईश्वर कि बात बहुत कम है पर मानव समस्याओं का समाधान अधिक है| इन धर्मों को स्थापित करने वाले इतिहास मानवों ने अपने अपने समय के मानव समस्याओं का समाधान अपनी बुद्धि विवेक से लिखा दिया है, जिसे दुनिया आस्था से मानती है|

धार्मिक जनता जो अपनी धार्मिक पुस्तक के लिए जीने मरने को तैयार है वो क्यों एक बार ये सवाल नहीं करती कि जब सबकुछ ईश्वर है तो इस किताब में बाकि सबकुछ क्या है? क्यों है? अगर बाकि सबकुछ से हमारा भला हो रहा है तो फिर ईश्वर क्यों है? क्या है ? बौद्ध धम्म में भी मानव समस्याओं का जवाब दिया गया है पर ईश्वर के अस्तित्व को साबित करने कि कोशिश के बिना| जहाँ हर धर्म और उसकी किताब मानव के मन में बिठाने कि कोशिश कर रही है कि ईश्वर ने दुनिया को बनाया है वहीँ धम्म कहता है कि ईश्वर को इंसान कि बुद्धि ने बनाया है|…समयबुद्धा