Q: समयबुद्धा देशनाओं के लिंक

BUDDHA waxभारत के बहुजन लोग जब तक संगठित नहीं होंगे उनका कल्याण नहीं हो सकता, ये बात बाबा साहब डॉ आंबेडकर को अच्छी तरह समझ में आ गयी थी| हमारी मुक्ति केवल हिन्दू/ब्राह्मण धर्म त्यागने में नहीं है बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए  खुद का संगठन बनाना होगा| संगठन केवल भाषणों से कहने से नहीं बनता इसके लिए झंडा चाहिए |

झंडे का अर्थ है ऐसा कुछ भी जिसके नाम पर जनता एक विचारधारा के तहत संगठित हो जाये और आपस में अपना सुख दुःख साझा समझे|लोहिया जी न सही कहा है “राजनीती अल्पकालीन धर्म है पर धर्म दीर्घकालिक राजनीती|”

हमारी समस्या ये है की हमारे लोग कभी एक झंडे के नीचे संगठित नहीं रहे न ही रहने दिया गया| हमेशा बिखरे रहे हैं, यही कारन है की हमारे लोग अपने ही लोगों द्वारा किये गया संगर्ष और योगदान को न तो पहचानते हैं न ही उसके श्रेय ले सकने में कामयाब हैं| हमारे लोग कुछ भी अच्छा करते हैं तो वो विरोधी अपने धर्म की शान बढ़ने में इस्तेमाल कर लेते हैं|ऐसा इसलिए क्योंकि बहुजन हमेशा बिना झंडे के ही संगर्ष करते रहे हैं|झंडा ऐसा कुछ भी होता है जिसके नाम पर सब संगठित हो जाएँ और सबका संगर्ष उस झंडे की बुलंद करे| फिर जो भी लोग उस झंडे के नीचे बैठे हों वे या आने वाली पीढियां सभी उस संगर्ष से लाभान्वित होंगी|झंडे के उधारहण हैं, जाती,कोई महापुरुष जैसे वाल्मीकि,रविदास अदि,कोई भाषा या प्रान्त, कोई प्रतापी राज, कोई राजनेतिक दल या चिन्ह और अपना धर्म| इन सभी झंडों में से बाकि के सभी झंडे समय और परिस्थिति के साथ पुराने और योग्य हो जाते हैं पर धर्म कभी पुराना नहीं होता, धर्म एक स्थाई झंडा है| जाती वाला झंडा असल में बहुजनों में फुट डालने का काम कर रहा है, सरे बहुजन ६००० से ज्यादा जातियों में बनते हैं और कोई एक दुसरे के दुःख में मदत करने नहीं आता और शोषक मनुवादी एक एक कर अलग अलग इनका शोषण करते रहते हैं| मैं बहुत सोचने के बाद इस नतीजे पर पंहुचा हूँ ही की बहुजन लोगों का स्थाई झंडा केवल बौद्ध धम्मही हो सकता है, डॉ आंबेडकर का चुनाव बिलकुल सही है|

बौद्ध धम्म लेने के दशकों बाद भी न तो धम्म को लोग ठीक से समझ पा रहे हैं न ही संगठन कहीं किसी स्थर पर नज़र आ रहा है|आम आदमी कभी किताब नहीं पड़ता और बुद्धिजीवी भी किताब तब तक नहीं पड़ता जब तक उससे फायदा न हो ऐसे में आम आदमी तक बौद्ध धम्म का ज्ञान कैसे पहुचेगा, मीडिया में तो बौद्ध धम्म के नाम पर एक शब्द भी नहीं और अगर बौद्ध धम्म के नाम पर मीडिया में कुछ है तो वो बहुजाओं को मानसिक रूप से कमजोर बनाने वाले अहिंसा का जबर्दस्त प[रचार और बाकि किसी बौद्ध मत का प्रचार नहीं होता|इस समस्या के समाधान हेतु बौद्ध धम्म विदारक और उद्धारक दार्शनिक समयबुद्धा ने एक निति सुझाई :

हर पूर्णिमा को बौध विहार पर संगठित वंदना/धम्म संघायन(confrence) का नियम अनिवार्य करना होगा|

अपने को खुशाल बनाने हेतु भारत के बहुजनों के पास किसी चीज़ कि कमी नहीं सिवाए एक के और वो है आपस में विचारों को बांटने को एक मिडिया नहीं है | बहुजनों में तीन प्रकार के लोग हैं एक जो अध्ययन नहीं करते और वो वही समझते हैं जो विरोधी मिडिया उनको समझा देता है|दुसरे वे जो मिशन से जुड़े बुद्धिजीवी हैं वो जानते हैं कि कौम के लिए क्या सही है क्या गलत है पर उनकी बात आम जनता तक पहुच ही नहीं पाती और जनता विरोधी मीडिया के बहकावे में खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मार लेती है| तीसरे हैं वो पढ़े लिखे लोग जो आंबेडकर मिशन से लाभ तो उठाते हैं पर न ही इसको जानना चाहते हैं न ही इसके लिए कुछ करते हैं, इन लोगों में और मनुवादियों में कोई फर्क नहीं, बल्कि ये वो विभीषण हैं जिहोने रावण हो हरवाया था| ऐसे लोग हर कौम में होते हैं इनके रहते रहते ही संगर्ष करना पड़ता है|मीडिया कि इस जरूरत कि पूर्ती हेतु हमें “हर पूर्णिमा को बौध विहार पर संगठित वंदना/धम्म संघायन(confrence) का नियम अनिवार्य करना होगा|”

बौध धम्म में पूर्णिमा का बड़ा महत्व है हमें ये नियम बनाना होगा की कम से कम महीने में एक बार अर्थात पूर्णिमा के दिन अपने निकटतम बौध विहारों पर संगठित होना होगा|आप कहीं भी हो वहां के आस पास के बौध बिहार पर हर पूर्णिमा सुबह  जाना चाहिए,धम्म चर्चा करें,धम्म ज्ञान ओर समाज के लोगों से मेलजोल बढ़ाना चाहिए,ये भारत के ६००० से ज्यादा जातियों में बंटे सभी बहुजनों को संगठित करने का बहेतरीन माध्यम है| विचारों के आदान प्रदान के इस स्थाई मंच से कई फायेदे होंगे जैसे धार्मिक ज्ञान से जीवन बेहतर होगा, हमारा संगठन बल साबित होगा,विहारों से हमारे समाज को बढ़ने वाली नीति को जनसाधारण और जनसाधारण की जरूरतों को ऊपर बैठे अपने समाज के बुद्धिजीवियों तक पहुचाई जा सकेगी| राजनेतिक पार्टी के नाम और चिन्ह तो बदलते रहेंगे पर किसे चुनना है इसका सामूहिक फैसला केवल बौद्ध विहारों पर ही हो पायेगा| इस संगठन के पीछे राजनेतिक पार्टियाँ और हुकुमरान बौद्ध विहारों के चक्कर काटेंगे |न केवल धम्म का प्रचार होगा बल्कि जाती छुपा कर बैठे लोग बहार आयेंगे, शादी, ब्याह को रिश्ते ढूंढने में, धंधे,नौकरी शिक्षा आदि कि लॉबीइंग हो सकेगी , आपस में सहयोग हो सकेगा , बहुजन साहित्य बिकेगा, विचारों का प्रचार प्रसार होगा और अंततः हम संगठित और खुशाल हो जायेंगे

 

हर पूर्णिमा पर समयबुद्धा कि धम्म देशना यहाँ इस वेब्साईट पर पब्लिश कि जाती है|  समयबुद्धा कि सभी देशनाओं कि हैडिंग और लिंक नीचे दिए गया हैं, कृपया इन्हें जरूर पढ़ें|

 

 

Poornima Date Heading WEBLINK
27-Jan-2013 27-Jan-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “बौध धर्म पर लौटना भारत देश के लिए बेहद जरूरी क्यों है”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/01/27/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-27jan2013/
25-Feb-2013 25-Feb-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “रुचिकर एतिहासिक कहानियाँ और संगीत बौद्ध धम्म प्रचार के शशक्त माध्यम हैं”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/02/25/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-25feb2013/
27-Mar-2013 27-March-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:-“धर्म वास्तव में क्या है?धर्म की लोग किसी भी तरह व्याख्या करें पर असल में धर्म किसी कौम के लिए संसार में अपना अस्तित्व बचाये रखने की नीति के सिवाए और कुछ नही”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/03/27/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-27mar2013/
25-Apr-2013 25-APRIL-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “शूद्र ,अछूत,राक्षश की तरह “दलित” शब्द भी कलंक है इसे त्यागो, अपने लिए सम्मानजनक सम्बोधन चुनो बहुजन/बौद्ध बनो” …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/04/25/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-25apr2013/
25-May-2013 25-May-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- आज हमारा सबसे बड़ा त्यौहार बुद्ध पूर्णिमा है आओ जाने कि- बौद्ध धम्म क्या है,ये अन्य धर्मों से कैसे अलग है?…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/05/25/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-25may2013/
23-Jun-2013 23 JUNE 2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “आज आंबेडकर संविधान के राज में भी हमारे लोग ऊपर क्यों नहीं उठ पा रहे जबकि जो पहले से उठे हुए हैं वो और उठते जा रहे हैं? “ https://samaybuddha.wordpress.com/2013/06/23/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-23june2013/
22-Jul-2013 22-July-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :-“युवा पीढ़ी का भ्रम-  केवल आंबेडकर तक ही सीमित रहो बुद्ध और उनके धम्म तक जाने की जरूरत नहीं|”…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/07/22/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-22july2013/
21-Aug-2013 21-Aug-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :- “अप्प दीपो भव’ अर्थात अपना प्रकाश स्वयं बनो,जिसने देखा, उसने जाना।जिसने जाना, वो पा गया । जिसने पाया, वो बदल गया,अगर नहीं बदला तो समझो कि उसके जानने में ही कई खोट था” https://samaybuddha.wordpress.com/2013/08/21/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-21aug2013/
19-Sep-2013 19-Sept-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “हमें अपने आप को कहीं भी सीमित नहीं करना चाहिए वर्ना हम कुए के मेडक कि भांति सत्य से अपरिचित रह जायेंगे,परिणाम हमें नुक्सान उठाना पड़ेगा|” …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/09/19/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-19sept2013/
19-Oct-2013 19-Oct-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की  विशेष धम्म देशना :- “धम्म इतना अच्छा है फिर भी इसकी  बजाये लोग धार्मिक कर्मकांड क्यों पसंद करते हैं…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/10/19/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-19oct2013/
17-Nov-2013 17-Nov-2013 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :- “हे बहुजनों केवल अपने ऊपर हुए दुराचारों कि शिकायत न करते रहो अपने कल्याण के लिए नीतियां बनाओ और उनपर अमल करो| नीतियों के उदाहरण हेतु प्रस्तुत है-” मूल चाणक्य नीति”…… समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/11/17/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-17nov2013/
17-Dec-2013 17-Dec-2013 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: लोग वैसी दुनिया चाहते हैं जैसी बुद्ध बनाना चाहते थे,भारत ही नहीं समस्त विश्व बुद्ध कि तरफ चल पड़ा है, संसार में शांति और अमन होकर रहेगा,अब कोई धम्मविरोधी इसे नहीं रोक पायेगा…समायबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2013/12/17/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-17dec2013/
16-Jan-2014 16-jan-2014 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा की विशेष धम्म देशना :-” ध्यान रहे हर बात का समय होता है जब आप शक्तिशाली हो तब आपको अहिंसा, करुणा, मैत्री और क्षमा की शिक्षा काम आएगी पर जब विपत्ति का समय हो तब केवल क्षमता बढ़ाना और अपने विरोधियों के खिलाफ संगर्ष करने से कल्याण होगा|” https://samaybuddha.wordpress.com/2014/01/16/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-16jan2014/
14-Feb-2014 14-FEB-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: मनुवाद,भारत के पिछड़े बहुजन,उनका आरक्षण का हक़, और जमनी सच्चाई…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/02/14/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-14feb2014/
16-Mar-2014 16-MAR-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: बौद्ध धम्म पर दस बुनियादी सवाल जवाब.…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/03/16/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-16mar2014/
15-Apr-2014 15-April-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर जयंती 14 अप्रैल पर विशेष- आम्बेडिकर दर्शन व मिशन और भारत के बहुजन…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/04/14/samaybuddha-on-ambedkar-jayanti-14apr2014/
14-May-2014 14-MAY-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना:धम्म पुनरुत्थान एव स्थातित्व प्राप्ति के लिए समयबुद्धा का प्रस्तावित नियम- पूर्णिमा मासिक संगायन अर्थात बौध विहार पर मासिक संगठित वंदना का नियम अनिवार्य करना होगा…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/05/14/14may2014-buddh-poornima-samaybuddha-dhamm-deshna/
13-Jun-2014 13-JUNE-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना:मानव सभ्यता विकास, जीवन लक्ष्य और धर्म https://samaybuddha.wordpress.com/2014/06/13/samaybuddha-poornima-dhamm-deshna-13-june-2014-manav-sabhyata-vikas-aur-dharm/
12-Jul-2014 12-JULY-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: एक कडवा सच-भारत के दलित अपनी दुर्दशा के जिम्मेदार हैं ….समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/07/12/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-12july2014/
10-Aug-2014 10-AUG-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: त्रिदुःख सूत्र- बहुजन जनता के दुखों के कारण और निवारण ….समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/08/10/10-aug-2014-buddh-poornima-samaybuddha-dhamm-deshna/
09-Sep-2014 9-Sept-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: ‘विधिवत शिक्षा व् हुनर’- हमारे समाज को ईश्वर या धर्म नहीं चाहिए उन्हें शिक्षा और धम्म(न्याय व्यस्था) चाहिए|मैं सारे समाज से अपील करता हूँ की चाहे एक वक़्त को रोटी की क़ुरबानी देनी पड़े पर अगर उस क़ुरबानी के बदले आप अपने बच्चों को शिक्षा दिला सकने में कामयाब रहे तो वो बहुत सस्ता सौदा होगा|…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/09/09/9-sept-2014-poornima-samaybuddha-dhamm-deshna-shiksha-v-hunar/
08-Oct-2014 8-OCT-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: ”ब्राह्मणवादी वर्ण व्यस्था” शोषितों की क्रांति रोकने वाला औज़ार है https://samaybuddha.wordpress.com/2014/10/08/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-8oct2014-on-varnvyastha/
06-Nov-2014 8-Nov-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: बहुजन विचारधारा, बौद्ध धम्म और संत कबीर….समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2014/11/08/8-nov-2014-dhamm-deshna-bahujan-vichardhara-aur-sant-kabeer/
06-Dec-2014 6-Dec-2014 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना:डॉ अम्बेडकर 85 प्रतिशत बहुजन के मसिहा और तारणहार हैं पर उनको केवल एक वर्ग विशेष तक सीमित करना मनुवादी साजिश है, इतना ही नहीं आज भारत जिस अमन के साथ एक झंडे के नीचे संगठित है और तरक्की कर रहा है उसकी नीव भी बाबा साहब ने रखी है, सोच कर देखो अगर संविधान न होता तब जाती और धर्मों में बंटे इस देश का क्या हाल होता ? https://samaybuddha.wordpress.com/2014/12/06/samaybuddha-on-ambedkar-painirvan-day-6-dec/
05-Jan-2015 5-JAN-2015 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना:आज बहुजन बौद्ध धम्म के तरफ तेज़ी से लौट पड़े हैं पर मैंने देखा है को बहुजन बुद्धवाद और ब्राह्मणवाद की तुलना केवल सिद्धांतों के नज़रिये से ही कर रहा है, इसमें तो बुद्धवाद की विजय निश्चित ही है| पर कड़वी सच्चाई ये है की जब आप अर्थशास्त्र के नज़रिये से देखोगे तो समझ जाओगे की ब्राह्मणवाद के आगे बुद्धवाद का टिकना कितना कठिन है क्योंकि लोगों को सत्य और सिद्धांत नहीं फायदा चाहिए|..समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/01/05/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-05jan
03-Feb-2015 3-Feb-2015 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: डॉ अम्बेडकर ने कहा था “जिसे अपना जीवन बदलना है उसे लड़ना होगा और जिसे लड़ना है उसे पढ़ना होगा ” पर सवाल ये है की ब्राह्मणवादी सिलेबस के क्या पढ़ा लिखा बहुजन सही मायने में जागरूक है अगर नहीं तो क्यों? इसके लिए क्या करें? https://samaybuddha.wordpress.com/2015/02/03/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna/
05-Mar-2015 5-MAR-2015 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: सवर्णों का संगर्ष आपके संगर्ष से ज्यादा और सही दिशा में है, सावधान अब आपकी गुलामी ज्यादा दूर नहीं…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/03/05/samaybuddha-poornima-buddhism-dhamm-deshna-5mar2015/
04-Apr-2015 4-Apr-2015 पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा विशेष धम्म देशना: हमारी समस्या दैविक नहीं है इसलिए देवपूजा और मन्दिरबाजी से कुछ न हुआ न ही होगा, हमारी समस्या सामाजिक और राजनीति है, इसका समाधान भी सामाजिक और राजनैतिक संगर्ष से ही होगा|इसके लिए हमारे लोग के पास चर्चा का प्लेटफार्म (बौद्ध विहार संस्था) को दुरुस्त करना होगा …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/04/04/4-apr-2015-samaybuddha-vishesh-poornim-dhamm-deshna/
04-May-2015 बुद्ध पूर्णिमा (4-may-2015) पर विशेष : ईश्वर के बारे में गौतम बुद्धा के विचार…. गौतम बुद्धा अगर ईश्वर नहीं तो फिर लोग उनकी पूजा क्यों करते हैं ?क्या हमे नियमित रूप से बुद्ध की पूजा करने की ,मंदिर जाने की ,या फिर बलि या अर्पण करने की आवशकता है? Team SBMT https://samaybuddha.wordpress.com/2015/05/01/gautam-buddha-aur-ishwar-ka-siddhant/
02-Jun-2015 02 JUNE 2015 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:- “जिस कौम का नेता नहीं उस कौम का कुछ होता नहीं, नेता के बिना जनता अनाथ होती है|आज आप छत्रपति साहू जी महाराज की बात “सदियों बाद आज डॉ आंबेडकर के रूप में पिछड़े बहुजनों को अपना नेता मिल गया है” का मतलब समझ सकते हैं और ये भी समझ सकते हैं की नेता मिल जाना मतलब क्या होता है| …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/06/02/poornima-buddhism-dhamm-deshna-2june2015-kaum-ke-liye-neta-jaroori/
02-Jul-2015 02 JULY 2015 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना:केवल अच्छे नहीं उपयोगी बनो, और हो सके तो शक्तिशाली बनो, अगर बौद्ध धम्म के नाम पर आप कायर बनने की शिक्षा घ्रहण कर रहे हैं तो समझ लीजिये आप गुलामी की ट्रेनिंग ले रहे हैं|….समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/07/02/2july2015-samaybuddha-poornima-dhamm-deshnakeval-acche-nahin-upyogu-aur-shaktishali-bano/
21-Jul-2015 31 JULY 2015 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना: सावधान !! ये जो आज़ादी की जिंदगी जी रहे हो ये ज्यादा दिनों की नहीं है, देखो चारों तरफ पूँजीवाद हावी होता जा रहा है,आज़ादी फ्री की नहीं होती, इसकी कीमत चुकानी पड़ती है या तो पहले संगर्ष कर के या बाद में जुल्म सहकर| डॉ आंबेडकर के संगर्ष की बदौलत इतने साल आज़ादी से जी लिए पर उनकी मेहनत का कोटा भी तो खत्म होगा, हमने नया क्या जोड़ा…समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/07/31/31-july2015-samaybuddha-dhamm-deshna-savdhan-aapki-azadi-khatam-hone-ko-hai/
29-Aug-2015 29 Aug 2015 के पूर्णिमा धम्म संघायन पर समयबुद्धा कि विशेष धम्म देशना: आईये जाने लोगों की सोच को बनाने और बदलने का उद्योग यानी “पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री” जिसके बल पर कैसे धन खर्च करके जनता को अपने पक्ष में किया जाता है, ऐसे मीडिया युग में मूलनिवासियों को क्या करना चाहिए | …समयबुद्धा https://samaybuddha.wordpress.com/2015/08/29/29aug2915-samaybuddha-poornima-dhamm-deshna-on-media-se-janta-ki-soch-control/

One thought on “Q: समयबुद्धा देशनाओं के लिंक

  1. Namo Buddhay and Jai Bheem Dear All,
    I lilke your articles very much…… I have an article सद्धर्म का लोप होने के कारण स्वयं भगवान् बुद्ध के अनुसार, If you publish it then I will send you. Reply me.

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